{"_id":"6a31ae1544ee2560160693de","slug":"annam-satvik-diet-competition-on-18th-panchkula-news-c-87-1-pan1010-137616-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: अन्नम सात्विक आहार प्रतियोगिता 18 को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: अन्नम सात्विक आहार प्रतियोगिता 18 को
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में 18 जून को ‘अन्नम’ सात्विक आहार निर्माण प्रतियोगिता होगी। इसका उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ खानपान से जोड़ना है। यह पहल बदलती जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर भोजन के बढ़ते प्रचलन के बीच की जा रही है।
प्रतियोगिता में संस्थान के कर्मचारी और बीएएमएस के विद्यार्थी भाग लेंगे। वे पारंपरिक खाद्य पदार्थों से सात्विक आहार थाली तैयार करेंगे। आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। इसका लक्ष्य योग और आयुर्वेद के साथ सात्विक भोजन के महत्व को बढ़ावा देना है। संस्थान के कुलपति संजीव शर्मा और डीन गुलाब चंद पामणानी के मार्गदर्शन में यह पहल हो रही है। सहायक प्रोफेसर आकांक्षा राणा और गरिमा गुप्ता इसकी देखरेख करेंगी। डीन इंचार्ज सतीश गंधर्व ने भोजन को आरोग्य जीवन की सबसे बड़ी औषधि बताया। संस्थान सात्विक भोजन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
उप चिकित्सा अधीक्षक गौरव गर्ग ने कहा कि यह पहल पारंपरिक भोजन संस्कृति की ओर लौटने का संदेश देगी। उन्होंने बताया कि योग का वास्तविक लाभ सात्विक आहार और सकारात्मक जीवनशैली से ही संभव है। आकांक्षा राणा ने प्रतियोगिता को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का हिस्सा बताया। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को योग, आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। गरिमा गुप्ता ने युवाओं को अस्वास्थ्यकर भोजन, कृत्रिम रंगों और अत्यधिक चीनी से दूर रहने का संदेश दिया।
विज्ञापन
प्रतियोगिता का स्वरूप
यह प्रतियोगिता 18 जून को दोपहर 2 बजे अकादमिक ब्लॉक के संगोष्ठी कक्ष में होगी। प्रतिभागियों को पौष्टिकता, संतुलन, शुद्धता और औषधीय गुणों से भरपूर थाली बनानी होगी। व्यंजन आयुर्वेद के सिद्धांतों पर आधारित होंगे, जो स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में सहायक होंगे। कार्यक्रम में योगासन फोटोग्राफी, शीर्षक लेखन और नारा लेखन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। उत्कृष्ट सात्विक आहार थाली तैयार करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
पंचकूला। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में 18 जून को ‘अन्नम’ सात्विक आहार निर्माण प्रतियोगिता होगी। इसका उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ खानपान से जोड़ना है। यह पहल बदलती जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर भोजन के बढ़ते प्रचलन के बीच की जा रही है।
प्रतियोगिता में संस्थान के कर्मचारी और बीएएमएस के विद्यार्थी भाग लेंगे। वे पारंपरिक खाद्य पदार्थों से सात्विक आहार थाली तैयार करेंगे। आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। इसका लक्ष्य योग और आयुर्वेद के साथ सात्विक भोजन के महत्व को बढ़ावा देना है। संस्थान के कुलपति संजीव शर्मा और डीन गुलाब चंद पामणानी के मार्गदर्शन में यह पहल हो रही है। सहायक प्रोफेसर आकांक्षा राणा और गरिमा गुप्ता इसकी देखरेख करेंगी। डीन इंचार्ज सतीश गंधर्व ने भोजन को आरोग्य जीवन की सबसे बड़ी औषधि बताया। संस्थान सात्विक भोजन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उप चिकित्सा अधीक्षक गौरव गर्ग ने कहा कि यह पहल पारंपरिक भोजन संस्कृति की ओर लौटने का संदेश देगी। उन्होंने बताया कि योग का वास्तविक लाभ सात्विक आहार और सकारात्मक जीवनशैली से ही संभव है। आकांक्षा राणा ने प्रतियोगिता को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का हिस्सा बताया। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को योग, आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। गरिमा गुप्ता ने युवाओं को अस्वास्थ्यकर भोजन, कृत्रिम रंगों और अत्यधिक चीनी से दूर रहने का संदेश दिया।
प्रतियोगिता का स्वरूप
यह प्रतियोगिता 18 जून को दोपहर 2 बजे अकादमिक ब्लॉक के संगोष्ठी कक्ष में होगी। प्रतिभागियों को पौष्टिकता, संतुलन, शुद्धता और औषधीय गुणों से भरपूर थाली बनानी होगी। व्यंजन आयुर्वेद के सिद्धांतों पर आधारित होंगे, जो स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में सहायक होंगे। कार्यक्रम में योगासन फोटोग्राफी, शीर्षक लेखन और नारा लेखन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। उत्कृष्ट सात्विक आहार थाली तैयार करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।