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शराब फैक्टरी के बाहर प्रदर्शन रोकने में पंजाब सरकार रही नाकाम, हाईकोर्ट की फटकार

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 19 Oct 2022 01:39 AM IST
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Punjab government failed to stop the demonstration outside the liquor factory, the High Court reprimanded
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चंडीगढ़। मालब्रोस की शराब फैक्टरी के बाहर चल रहे प्रदर्शन को समाप्त करने में नाकाम रहने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को हल्के में ले रही है। इस प्रदर्शन के कारण कंपनी हो हुए नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 5 करोड़ रुपये एक सप्ताह में रजिस्ट्री में जमा करवाने का आदेश दिया है। मालब्रोस इंटरेनशनल निजी लिमिटेड मोहाली ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि प्रदर्शन के कारण उनकी यूनिट बंद है। यूनिट बंद होने के चलते उनका अब तक 13 करोड़ 73 लाख का नुक्सान हो चुका है। कंपनी ने हाईकोर्ट को बताया कि उनकी यूनिट के बाहर प्रदर्शनकारी बैठ गए हैं और इसे बंद करवा दिया गया है।
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उनकी इस यूनिट पर आरोप लगाए गए थे कि यह यूनिट पर्यावरण मानकों का उल्लंघन कर लगाई गई है। जबकि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जांच कर उन्हें स्वीकृति दे चुका है। प्रदर्शनकारियों ने इस यूनिट की एनजीटी की मॉनिटरिंग कमेटी से जांच की मांग की। एनजीटी की मॉनिटरिंग कमेटी की जांच में भी सब ठीक पाया गया। बावजूद इसके प्रदर्शनकारी हटे नहीं तो कंपनी ने पंजाब सरकार से गुहार लगाई। सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा। कंपनी ने हाईकोर्ट को बताया कि इस यूनिट को लगाने में 300 करोड़ निवेश किए गए हैं, 200 करोड़ बाजार से उठाया गया है। इस फैक्टरी को चलाने और स्टाफ के वेतन पर डेढ़ करोड़ का खर्च है और 2 करोड़ रुपये प्रतिमाह किश्त देनी पड़ती है।
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सरकार प्रदर्शनकारियों से मिली हुई है और ऐसे में उनका हर महीने करोड़ों का नुकसान हो रहा है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि कंपनी अपना काम बेहतर तरीके से कर सके। इसकी जिम्मेदारी सरकारी की है। कानून को लागू करने में सरकार कमजोर नजर नहीं आनी चाहिए। ऐसे में कंपनी को हुए नुकसान के प्रति सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। लिहाजा हाईकोर्ट ने सरकार को एक हफ्ते के भीतर हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करवाने का आदेश दिया है।
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