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Panchkula News: पंचकूला में खैर कटान मामले में रेंज ऑफिसर और वन दरोगा सस्पेंड
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करोड़ों की लकड़ी चोरी मामले में विभागीय कार्रवाई, मुख्यालय से जारी हुए आदेशमाई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला जिला स्थित आसरेवाली क्षेत्र में बहुचर्चित खैर कटान मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भ्रष्टाचार और कर्तव्य में गंभीर लापरवाही के आरोपों के चलते रेंज ऑफिसर मुनीर गुप्ता को तुरंत निलंबित कर दिया गया है जबकि वन दरोगा रामपाल को भी अनुशासनहीनता और अवैध कटान रोकने में विफलता के आरोप में सस्पेंड किया गया।
जानकारी के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि माफियाओं ने करोड़ों की बेशकीमती खैर की लकड़ी पर अवैध कटान किया जिसमें स्थानीय वन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने रेंज ऑफिसर को मुख्यालय स्थानांतरित कर दिया है और विभागीय जांच का आदेश भी जारी किया गया है।
वन दरोगा रामपाल पर आरोप है कि उन्होंने अपने हेडक्वार्टर पर उपस्थिति नहीं बनाई अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की और क्षेत्र में अवैध कटान रोकने में विफल रहे। उन्हें निलंबन के दौरान केवल गुजारा भत्ता दिया जाएगा।
वन संरक्षक (उत्तरी परिमंडल, अंबाला) जितेंद्र अहलावत की ओर से जारी आदेश के अनुसार मोरनी, पिंजौर के वन मंडल अधिकारी ने 24 मार्च 2026 को एक रिपोर्ट भेजी थी। इसमें रायपुररानी के वन राजिक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि त्रिलोकपुर ब्लॉक के इंचार्ज रामपाल अपने हेडक्वार्टर पर मौजूद नहीं रहते हैं। साथ ही उन पर वानिकी कार्यों में मनमानी करने और अवैध कटान के प्रति सतर्कता न बरतने के भी आरोप लगाए गए थे। रामपाल का मुख्यालय वन मंडल अधिकारी, कुरुक्षेत्र का कार्यालय तय किया गया है। नियम 83 के तहत उन्हें इस अवधि के दौरान केवल गुजारा भत्ता ही देय होगा।
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पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला जिला स्थित आसरेवाली क्षेत्र में बहुचर्चित खैर कटान मामले में सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भ्रष्टाचार और कर्तव्य में गंभीर लापरवाही के आरोपों के चलते रेंज ऑफिसर मुनीर गुप्ता को तुरंत निलंबित कर दिया गया है जबकि वन दरोगा रामपाल को भी अनुशासनहीनता और अवैध कटान रोकने में विफलता के आरोप में सस्पेंड किया गया।
जानकारी के अनुसार जांच में खुलासा हुआ कि माफियाओं ने करोड़ों की बेशकीमती खैर की लकड़ी पर अवैध कटान किया जिसमें स्थानीय वन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने रेंज ऑफिसर को मुख्यालय स्थानांतरित कर दिया है और विभागीय जांच का आदेश भी जारी किया गया है।
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वन दरोगा रामपाल पर आरोप है कि उन्होंने अपने हेडक्वार्टर पर उपस्थिति नहीं बनाई अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की और क्षेत्र में अवैध कटान रोकने में विफल रहे। उन्हें निलंबन के दौरान केवल गुजारा भत्ता दिया जाएगा।
वन संरक्षक (उत्तरी परिमंडल, अंबाला) जितेंद्र अहलावत की ओर से जारी आदेश के अनुसार मोरनी, पिंजौर के वन मंडल अधिकारी ने 24 मार्च 2026 को एक रिपोर्ट भेजी थी। इसमें रायपुररानी के वन राजिक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि त्रिलोकपुर ब्लॉक के इंचार्ज रामपाल अपने हेडक्वार्टर पर मौजूद नहीं रहते हैं। साथ ही उन पर वानिकी कार्यों में मनमानी करने और अवैध कटान के प्रति सतर्कता न बरतने के भी आरोप लगाए गए थे। रामपाल का मुख्यालय वन मंडल अधिकारी, कुरुक्षेत्र का कार्यालय तय किया गया है। नियम 83 के तहत उन्हें इस अवधि के दौरान केवल गुजारा भत्ता ही देय होगा।