{"_id":"6a78e323be956e22110f6944","slug":"re-partition-of-land-attached-by-ed-fcr-seeks-report-panchkula-news-c-87-1-pan1001-139790-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: ईडी की अटैच जमीन का दोबारा पार्टिशन, एफसीआर ने मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: ईडी की अटैच जमीन का दोबारा पार्टिशन, एफसीआर ने मांगी रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंचकूला। रायपुररानी के भूड़ गांव में ईडी द्वारा अटैच जमीन को दोबारा पार्टिशन में शामिल किए जाने का मामला अब हरियाणा की वित्तीय आयुक्त राजस्व (एफसीआर) तक पहुंच गया है।
गांव निवासी मलकीत ने पिछले महीने एफसीआर सुमिता मिश्रा को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की थी। शिकायत पर एफसीआर ने पार्टिशन की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इसके बाद संबंधित नायब तहसीलदार के छुट्टी पर चले जाने से मामला और चर्चा में है। खास बात यह है कि इसी जमीन का पार्टिशन फरवरी-मार्च 2025 में तत्कालीन तहसीलदार ने भी किया था।
उस समय पार्टिशन में ईडी की अटैच जमीन शामिल होने की जानकारी सामने आने पर उन्होंने पंचकूला एसडीएम से अनुमति लेकर पार्टिशन रद्द कर दिया था। अब करीब एक साल बाद उसी अटैच जमीन को दोबारा पार्टिशन में शामिल किए जाने का आधार क्या था और किन दस्तावेजों के आधार पर यह कार्रवाई हुई, एफसीआर की जांच में इसकी पड़ताल होगी।
विज्ञापन
सीएम तक भी पहुंच चुका है मामला: भूड़ गांव के ग्रामीणों ने इससे पहले राजस्व रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी को लेकर मुख्यमंत्री, अंबाला मंडलायुक्त और पंचकूला डीसी को शिकायत दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पार्टिशन की कार्रवाई में उनकी लंबे समय से चली आ रही गैर-मौरूसी गिरदावरी को नजरअंदाज कर रिकॉर्ड में बदलाव किया गया।
ग्रामीणों ने राजस्व अधिकारियों पर निजी बिल्डरों से मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले में पंचकूला डीसी से जांच रिपोर्ट मांगने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
गांव निवासी मलकीत ने पिछले महीने एफसीआर सुमिता मिश्रा को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की थी। शिकायत पर एफसीआर ने पार्टिशन की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इसके बाद संबंधित नायब तहसीलदार के छुट्टी पर चले जाने से मामला और चर्चा में है। खास बात यह है कि इसी जमीन का पार्टिशन फरवरी-मार्च 2025 में तत्कालीन तहसीलदार ने भी किया था।
विज्ञापन
उस समय पार्टिशन में ईडी की अटैच जमीन शामिल होने की जानकारी सामने आने पर उन्होंने पंचकूला एसडीएम से अनुमति लेकर पार्टिशन रद्द कर दिया था। अब करीब एक साल बाद उसी अटैच जमीन को दोबारा पार्टिशन में शामिल किए जाने का आधार क्या था और किन दस्तावेजों के आधार पर यह कार्रवाई हुई, एफसीआर की जांच में इसकी पड़ताल होगी।
विज्ञापन
सीएम तक भी पहुंच चुका है मामला: भूड़ गांव के ग्रामीणों ने इससे पहले राजस्व रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी को लेकर मुख्यमंत्री, अंबाला मंडलायुक्त और पंचकूला डीसी को शिकायत दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पार्टिशन की कार्रवाई में उनकी लंबे समय से चली आ रही गैर-मौरूसी गिरदावरी को नजरअंदाज कर रिकॉर्ड में बदलाव किया गया।
ग्रामीणों ने राजस्व अधिकारियों पर निजी बिल्डरों से मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले में पंचकूला डीसी से जांच रिपोर्ट मांगने के निर्देश दिए हैं।