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Panchkula News: 9 करोड़ की फर्जी जीएसटी बिलिंग में स्क्रैप कारोबारी गिरफ्तार
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टैक्स चोरी का मामले में सीजीएसटी ने तीन दिन की रिमांड पर लिया
अदालत ने तीन दिन की रिमांड पर भेजा, नेटवर्क और शेल कंपनियों की जांच में जुटी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) की इंफोर्समेंट विंग ने करीब नौ करोड़ रुपये की कथित फर्जी जीएसटी बिलिंग और टैक्स चोरी के मामले में स्क्रैप कारोबारी रुपिंदर सिंह छिकारा को गिरफ्तार किया है। आरोपी सेक्टर-21 का निवासी है और स्क्रैप कारोबार से जुड़ा हुआ है। बुधवार देर रात उसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे तीन दिन की रिमांड पर सीजीएसटी टीम को सौंप दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पर फर्जी बिलों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत लाभ लेने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। सीजीएसटी अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में कई फर्जी लेनदेन दिखाकर टैक्स देनदारी कम करने और आईटीसी का अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह कथित फर्जीवाड़ा कब से चल रहा था और इसमें कितनी कंपनियां तथा कारोबारी शामिल हैं। रिमांड के दौरान आरोपी से फर्जी बिलों के स्रोत, लेनदेन के तरीके, बैंक खातों और संबंधित व्यक्तियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी बिलों के आधार पर माल की सप्लाई वास्तव में हुई थी या केवल कागजों में ही कारोबार दिखाया गया।
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सीजीएसटी की टीम ने मौली स्थित स्क्रैप कारोबार से जुड़े दस्तावेज, बिलिंग रिकॉर्ड, जीएसटी रिटर्न, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों को आशंका है कि मामले में शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर फर्जी बिल जारी किए गए। इसी कारण टीम पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है और संभावित सहयोगियों की भूमिका भी खंगाल रही है।
सूत्रों के अनुसार जांच के दायरे में कुछ अन्य कारोबारी और फर्में भी हैं, जिनके साथ आरोपी के व्यावसायिक लेनदेन रहे हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जी बिलिंग का नेटवर्क केवल पंचकूला और चंडीगढ़ तक सीमित है या इसके तार अन्य जिलों और राज्यों तक जुड़े हैं।
हाल के महीनों में सीजीएसटी विभाग ने फर्जी आईटीसी और जीएसटी चोरी के मामलों के खिलाफ अभियान तेज किया है। इसी कड़ी में हाल ही में पानीपत के एक उद्योगपति के खिलाफ करीब 9.84 करोड़ रुपये के कथित फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के मामले में भी कार्रवाई की गई थी। उस मामले में आरोपी को अदालत से सशर्त जमानत मिली थी, जबकि जांच अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा मामले में भी जांच के दौरान नए खुलासे होने की संभावना है।
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अदालत ने तीन दिन की रिमांड पर भेजा, नेटवर्क और शेल कंपनियों की जांच में जुटी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) की इंफोर्समेंट विंग ने करीब नौ करोड़ रुपये की कथित फर्जी जीएसटी बिलिंग और टैक्स चोरी के मामले में स्क्रैप कारोबारी रुपिंदर सिंह छिकारा को गिरफ्तार किया है। आरोपी सेक्टर-21 का निवासी है और स्क्रैप कारोबार से जुड़ा हुआ है। बुधवार देर रात उसे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे तीन दिन की रिमांड पर सीजीएसटी टीम को सौंप दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पर फर्जी बिलों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत लाभ लेने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। सीजीएसटी अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में कई फर्जी लेनदेन दिखाकर टैक्स देनदारी कम करने और आईटीसी का अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया।
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जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह कथित फर्जीवाड़ा कब से चल रहा था और इसमें कितनी कंपनियां तथा कारोबारी शामिल हैं। रिमांड के दौरान आरोपी से फर्जी बिलों के स्रोत, लेनदेन के तरीके, बैंक खातों और संबंधित व्यक्तियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी बिलों के आधार पर माल की सप्लाई वास्तव में हुई थी या केवल कागजों में ही कारोबार दिखाया गया।
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सीजीएसटी की टीम ने मौली स्थित स्क्रैप कारोबार से जुड़े दस्तावेज, बिलिंग रिकॉर्ड, जीएसटी रिटर्न, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों को आशंका है कि मामले में शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर फर्जी बिल जारी किए गए। इसी कारण टीम पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है और संभावित सहयोगियों की भूमिका भी खंगाल रही है।
सूत्रों के अनुसार जांच के दायरे में कुछ अन्य कारोबारी और फर्में भी हैं, जिनके साथ आरोपी के व्यावसायिक लेनदेन रहे हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जी बिलिंग का नेटवर्क केवल पंचकूला और चंडीगढ़ तक सीमित है या इसके तार अन्य जिलों और राज्यों तक जुड़े हैं।
हाल के महीनों में सीजीएसटी विभाग ने फर्जी आईटीसी और जीएसटी चोरी के मामलों के खिलाफ अभियान तेज किया है। इसी कड़ी में हाल ही में पानीपत के एक उद्योगपति के खिलाफ करीब 9.84 करोड़ रुपये के कथित फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के मामले में भी कार्रवाई की गई थी। उस मामले में आरोपी को अदालत से सशर्त जमानत मिली थी, जबकि जांच अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा मामले में भी जांच के दौरान नए खुलासे होने की संभावना है।