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Panchkula News: 10 अगस्त से निगम के हवाले होंगे शहर के सीवर, पानी और स्टॉर्म वाटर सिस्टम
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पंचकूला। 10 अगस्त से शहर में नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन का ढांचा बदल जाएगा। सेक्टर-1 से 21 तक सीवरेज, पेयजल और स्टॉर्म वाटर सिस्टम का संचालन व रखरखाव अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के बजाय नगर निगम करेगा। इसके साथ ही घग्गर पार के नौ सेक्टरों में सड़क, पार्क, सफाई और जल निकासी व्यवस्था की जिम्मेदारी भी निगम के पास आ जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के 27 जुलाई के आदेश के बाद शनिवार से परिसंपत्तियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। नगर निगम का दावा है कि 15 अगस्त से पहले पूरी व्यवस्था नए ढांचे के तहत संचालित होने लगेगी।
एचएसवीपी और नगर निगम ने परिसंपत्तियों के हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेज तैयार कर लिए हैं। वीरवार को नगर निगम की इंजीनियरिंग विंग ने एचएसवीपी अधिकारियों के साथ बैठक कर हस्तांतरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया। अधिकारियों ने 10 अगस्त को सेवाओं और परिसंपत्तियों के औपचारिक हस्तांतरण का समय तय किया है। हालांकि, शहर का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र होने के कारण सेक्टर-5 फिलहाल एचएसवीपी के अधीन ही रहेगा।
क्या-क्या बदलेगा
सेक्टर-1 से 21 तक की सीवरेज व्यवस्था नगर निगम के अधीन होगी।
पेयजल और स्टॉर्म वाटर सिस्टम का संचालन व रखरखाव निगम करेगा।
घग्गर पार के नौ सेक्टरों में सड़क, पार्क, सफाई और जल निकासी की जिम्मेदारी निगम संभालेगा।
विकास कार्यों की निगरानी भी नगर निगम के जिम्मे होगी।
सेक्टर-5 फिलहाल एचएसवीपी के अधीन रहेगा।
स्टाफ की कमी नहीं बनेगी बाधा, कौशल रोजगार निगम से होगी भर्ती
सीवरेज, पेयजल और स्टॉर्म वाटर सिस्टम के हस्तांतरण के साथ सबसे बड़ी चुनौती तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता को लेकर है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से तत्काल भर्ती की जाए। इसके लिए सरकार बिना देरी के मंजूरी देगी। साथ ही, पानी की आपूर्ति और सीवर सेवाएं प्रभावित न हों, इसलिए एचएसवीपी का तकनीकी और फील्ड स्टाफ भी चरणबद्ध तरीके से नगर निगम को सौंपा जाएगा।
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कोट
10 अगस्त से सीवरेज, पेयजल और स्टॉर्म वाटर सिस्टम सहित इंटरनल सेक्टरों की सेवाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। 15 अगस्त से पहले पूरी व्यवस्था नगर निगम के अधीन संचालित करने का लक्ष्य है।
-विनय कुमार, आयुक्त, नगर निगम पंचकूला
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एचएसवीपी और नगर निगम ने परिसंपत्तियों के हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेज तैयार कर लिए हैं। वीरवार को नगर निगम की इंजीनियरिंग विंग ने एचएसवीपी अधिकारियों के साथ बैठक कर हस्तांतरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया। अधिकारियों ने 10 अगस्त को सेवाओं और परिसंपत्तियों के औपचारिक हस्तांतरण का समय तय किया है। हालांकि, शहर का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र होने के कारण सेक्टर-5 फिलहाल एचएसवीपी के अधीन ही रहेगा।
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क्या-क्या बदलेगा
सेक्टर-1 से 21 तक की सीवरेज व्यवस्था नगर निगम के अधीन होगी।
पेयजल और स्टॉर्म वाटर सिस्टम का संचालन व रखरखाव निगम करेगा।
घग्गर पार के नौ सेक्टरों में सड़क, पार्क, सफाई और जल निकासी की जिम्मेदारी निगम संभालेगा।
विकास कार्यों की निगरानी भी नगर निगम के जिम्मे होगी।
सेक्टर-5 फिलहाल एचएसवीपी के अधीन रहेगा।
स्टाफ की कमी नहीं बनेगी बाधा, कौशल रोजगार निगम से होगी भर्ती
सीवरेज, पेयजल और स्टॉर्म वाटर सिस्टम के हस्तांतरण के साथ सबसे बड़ी चुनौती तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता को लेकर है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से तत्काल भर्ती की जाए। इसके लिए सरकार बिना देरी के मंजूरी देगी। साथ ही, पानी की आपूर्ति और सीवर सेवाएं प्रभावित न हों, इसलिए एचएसवीपी का तकनीकी और फील्ड स्टाफ भी चरणबद्ध तरीके से नगर निगम को सौंपा जाएगा।
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10 अगस्त से सीवरेज, पेयजल और स्टॉर्म वाटर सिस्टम सहित इंटरनल सेक्टरों की सेवाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। 15 अगस्त से पहले पूरी व्यवस्था नगर निगम के अधीन संचालित करने का लक्ष्य है।
-विनय कुमार, आयुक्त, नगर निगम पंचकूला