सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   The court expressed displeasure over the demand to cut down thousands of trees, saying, "Cut down all the trees... don't leave a single tree in Punjab."

Panchkula News: हजारों की संख्या में वृक्षों को काटने की मांग पर कोर्ट नाराज, कहा-सारे पेड़ ही काट दो... पंजाब में एक भी पेड़ मत छोड़ो

Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Mar 2026 01:30 AM IST
विज्ञापन
The court expressed displeasure over the demand to cut down thousands of trees, saying, "Cut down all the trees... don't leave a single tree in Punjab."
विज्ञापन
चंडीगढ़। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि क्या विकास के नाम पर हरियाली खत्म कर दी जाएगी और वैकल्पिक जमीन क्यों नहीं चुनी जा रही। जब बिजली सबस्टेशन स्थापित करने के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटने की अनुमति मांगी गई तो मुख्य न्यायाधीश शील नागू ने कहा कि सारे पेड़ ही काट दो... पंजाब में एक भी पेड़ मत छोड़ो।
Trending Videos

बेंच ने यह भी पूछा कि परियोजनाओं के लिए ऐसे क्षेत्र क्यों चुने जा रहे हैं जहां घना हरित क्षेत्र मौजूद है। अदालत ने संकेत दिया कि एजेंसियां लागत बचाने के लिए वैकल्पिक भूमि अधिग्रहण से बच रही हैं। सुनवाई के दौरान पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ने सबस्टेशन स्थापित और अपग्रेड करने के लिए सैकड़ों पेड़ काटने की मांग रखी। इस पर अदालत ने सवाल उठाया कि क्या बिना बड़े पैमाने पर पेड़ काटे परियोजना संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

साथ ही यह भी कहा कि पहले अन्य विकल्पों पर विचार क्यों नहीं किया गया। अधिकारियों से पूछा कि जब खुले मैदान का विकल्प मौजूद है तो उन्होंने फतेहगढ़ साहिब में सब-स्टेशन के लिए सबसे घने पेड़ों वाले क्षेत्र को ही क्यों चुना? सुनवाई के दौरान पंजाब फॉरेस्ट कॉरपोरेशन द्वारा करीब 60,000 पेड़ काटने की अनुमति मांगने पर भी अदालत ने गंभीर चिंता जताई। बेंच ने पूछा कि इतने बड़े पैमाने पर पेड़ काटने की आवश्यकता क्या है? इस मुद्दे पर आगे विस्तृत सुनवाई के लिए समय दिया गया है।
हाईकोर्ट पहले ही पंजाब में पेड़ों की कटाई पर रोक लगा चुका है और किसी भी प्रकार की कटाई के लिए अदालत की अनुमति जरूरी कर दी गई है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना विस्तृत असेसमेंट रिपोर्ट के अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों को अब वृक्ष काटने की अनुमति मांगते हुए बताना होगा कि काटे जाने वाले पेड़ों की प्रजाति क्या है व उम्र कितनी है। उस क्षेत्र में पेड़ों का घनत्व कितना है और क्या उनमें कोई विरासत वृक्ष शामिल हैं।
भानुपली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन को हरी झंडी
भानुपली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन को हरी झंडी देते हुए कोर्ट ने रेल विकास निगम लिमिटेड को 1,204 पेड़ काटने की सशर्त अनुमति दे दी है। कोर्ट ने यह निर्देश दिया कि उन्हें प्रतिपूरक वनीकरण की शर्तों का इस प्रोजेक्ट के लिए सख्ती से पालन करना होगा। साथ ही नेशनल हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप के लिए 50 पुराने पेड़ों (50-100 साल पुराने) को काटने के मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार से मानदंडों में ढील देने और पेड़ों को बचाने के रास्ते खोजने को कहा है।
अवमानना की चेतावनी
ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के मामले में कोर्ट ने पाया कि पेड़ों को काटने की अनुमति अंतरिम रोक के बावजूद दी गई थी। कोर्ट ने संकेत दिया कि यह अदालती अवमानना का मामला हो सकता है। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि पेड़ों की कटाई की मंजूरी तभी दी जाएगी जब प्रतिपूरक वनीकरण (नया जंगल लगाना) के लिए जमीन उपलब्ध हो और वह जमीन उसी क्षेत्र के पास हो जहां से पेड़ काटे जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed