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Panchkula News: मांगें पूरी न होने पर प्रशिक्षु पटवारियों का धरना
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ट्रेनिंग अवधि को सेवा में शामिल करने की अधिसूचना जारी न होने से नाराज, बोले-वादे के बावजूद नहीं हुआ फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। अपनी मांगों को लेकर नव चयनित प्रशिक्षु पटवारियों ने सोमवार को सेक्टर-4 स्थित निदेशक, भू अभिलेख विभाग के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रशिक्षु पटवारियों का कहना है कि सरकार की घोषणा के बावजूद उनकी प्रशिक्षण अवधि को सेवा अवधि में शामिल करने की अधिसूचना अब तक जारी नहीं की गई है।
प्रशिक्षु पटवारियों ने बताया कि उनकी ट्रेनिंग 1 जनवरी 2025 से अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्रों में शुरू हुई थी। 7 जनवरी 2025 को पंचकूला में आयोजित एक सम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रशिक्षण अवधि को डेढ़ वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने और ट्रेनिंग पीरियड को सर्विस पीरियड में शामिल करने की घोषणा की थी।
उन्होंने बताया कि एक वर्ष तीन महीने बीत जाने के बाद भी जनवरी में ली गई परीक्षाओं का परिणाम घोषित नहीं हुआ है और न ही सर्विस काउंट से संबंधित फाइल को मंजूरी मिली है। इस संबंध में कई बार निदेशक, भू अभिलेख विभाग से संपर्क करने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। प्रशिक्षु पटवारियों के अनुसार 16 फरवरी 2026 को वे निदेशक भू अभिलेख एवं राजस्व विभाग से भी मिले थे, जहां उन्हें 15 मार्च 2026 तक अधिसूचना जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ।
पटवारियों का कहना है कि वे लगातार फील्ड में काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें केवल 10 हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलता है, जो समय पर भी नहीं मिलता और वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से बहुत कम है। उन्होंने बताया कि वे सरकार के डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्यक्रम के तहत खेतों में जाकर ऑनलाइन फसलों का रिकॉर्ड दर्ज कर रहे हैं और इस दौरान कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
प्रशिक्षु पटवारियों ने बताया कि पंचकूला में करीब 40 प्रशिक्षु पटवारी कार्यरत हैं, जिनकी ड्यूटी खेतों की गिरदावरी और मोरनी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में लंबित निशानदेही के कार्य में लगाई गई है।
उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक सेक्टर-5 धरना स्थल पर उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। अपनी मांगों को लेकर नव चयनित प्रशिक्षु पटवारियों ने सोमवार को सेक्टर-4 स्थित निदेशक, भू अभिलेख विभाग के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रशिक्षु पटवारियों का कहना है कि सरकार की घोषणा के बावजूद उनकी प्रशिक्षण अवधि को सेवा अवधि में शामिल करने की अधिसूचना अब तक जारी नहीं की गई है।
प्रशिक्षु पटवारियों ने बताया कि उनकी ट्रेनिंग 1 जनवरी 2025 से अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्रों में शुरू हुई थी। 7 जनवरी 2025 को पंचकूला में आयोजित एक सम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रशिक्षण अवधि को डेढ़ वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने और ट्रेनिंग पीरियड को सर्विस पीरियड में शामिल करने की घोषणा की थी।
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उन्होंने बताया कि एक वर्ष तीन महीने बीत जाने के बाद भी जनवरी में ली गई परीक्षाओं का परिणाम घोषित नहीं हुआ है और न ही सर्विस काउंट से संबंधित फाइल को मंजूरी मिली है। इस संबंध में कई बार निदेशक, भू अभिलेख विभाग से संपर्क करने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। प्रशिक्षु पटवारियों के अनुसार 16 फरवरी 2026 को वे निदेशक भू अभिलेख एवं राजस्व विभाग से भी मिले थे, जहां उन्हें 15 मार्च 2026 तक अधिसूचना जारी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ।
पटवारियों का कहना है कि वे लगातार फील्ड में काम कर रहे हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें केवल 10 हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलता है, जो समय पर भी नहीं मिलता और वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से बहुत कम है। उन्होंने बताया कि वे सरकार के डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्यक्रम के तहत खेतों में जाकर ऑनलाइन फसलों का रिकॉर्ड दर्ज कर रहे हैं और इस दौरान कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
प्रशिक्षु पटवारियों ने बताया कि पंचकूला में करीब 40 प्रशिक्षु पटवारी कार्यरत हैं, जिनकी ड्यूटी खेतों की गिरदावरी और मोरनी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में लंबित निशानदेही के कार्य में लगाई गई है।
उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक सेक्टर-5 धरना स्थल पर उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।