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Panipat News: अनाज मंडी में पहले दिन ही पहुंचा 500 क्विंटल गेहूं, गेटपास से लेकर सत्यापन में आई परेशानी
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पानीपत। अनाज मंडी में खरीद के पहले दिन गेहूं की आवक शुरू हो गई। पानीपत अनाज मंडी में करीब 500 क्विंटल गेहूं पहुंचा। नमी और सत्यापन न होने गेहूं की खरीद नहीं की जा सकी। बाकी 11 मंडी और खरीद केंद्रों पर गेहूं नहीं पहुंचा। ऐसे में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आढ़तियों ने अधिकारियों पर अनदेखी बरतने के आरोप लगाए। मंडी में बारदाना तक न आने और सत्यापन और दूसरे नियमों को किसानों के हक में गलत बताया। वहीं किसान सत्यापन और खरीद एजेंसियों के लिए दिनभर परेशान रहे।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 12 मंडी व केंद्र बनाए गए हैं। एक अप्रैल को गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई। पानीपत अनाज मंडी में दोपहर बाद किसान गेहूं लेकर पहुंचने लगे। चार किसान करीब 500 क्विंटल गेहूं लेकर पहुंचे। रिसालू गांव के किसान विकास मलिक के गेहूं का सत्यापन नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि वह 200 क्विंटल गेहूं लेकर आए हैं। उनके आधे गेहूं का सत्यापन हो गया जबकि आधे का नहीं हो पाया है। यह पटवारी के स्तर पर सत्यापन बाकी रहता है। उन्होंने बताया कि मंडी में पर्याप्त सुविधा नहीं हैं। एजेंसी भी गेहूं खरीद के लिए नहीं पहुंची। उनको गेहूं अब खुले में डालने को मजबूर होना पड़ा। दलबीर ने बताया कि वह 100 क्विंटल गेहूं लेकर आए हैं। इसी तरह संदीप कादियान और उझा गांव के योगेंद्र 100-100 क्विंटल गेहूं लेकर आए। उन्होंने बताया कि गेहूं में नमी होने की बात कही गई है। इस सीजन में मौसम साफ नहीं हो पाया है। ऐसे में फसल कटाई करना ही मुश्किल हो गया है। सरकार और एजेंसियों को वास्तवित स्थिति को देखते हुए गेहूं की खरीद शुरू करनी चाहिए।
मंडी बारदाना तक नहीं पहुंच पाया
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि मंडियों में बारदाना नहीं पहुंचा है। ट्रांसपोर्ट की भी व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। इस बार एजेंसी कम होने से खरीद में भी परेशानी आएगी। अधिकारियों का समस्या समाधान की तरफ कोई ध्यान नहीं है। मंडियों में तिरपाल भी नहीं पहुंचे हैं। अधिकारियों की तैयारी केवल बैठक तक ही सीमित है।
सरसों में प्राइवेट एजेंसी आगे
सरसों खरीद में प्राइवेट एजेंसी आगे हैं। वे एमएसपी से भी अधिक रेट में सरसों खरीद रहे हैं। बुधवार को भी 50 से 100 रुपये अधिक रेट में सरसों की खरीद की। कुछ किसानों सरकारी नियमों को पूरा करने के चक्कर की बजाय एमएसपी से कम रेट में भी प्राइवेट एजेंसी को सरसों बेच दी।
वर्जन :
मंडियों में गेहूं खरीद के लिए तैयारी पूरी हैं। अभी गेहूं में कुछ नमी है। किसानों से अपील है कि गेहूं को सूखा कर मंडी में लेकर आएं। इससे खरीद तेज हो पाएगी। मंडी में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
डाॅ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।
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जिले में गेहूं खरीद के लिए 12 मंडी व केंद्र बनाए गए हैं। एक अप्रैल को गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई। पानीपत अनाज मंडी में दोपहर बाद किसान गेहूं लेकर पहुंचने लगे। चार किसान करीब 500 क्विंटल गेहूं लेकर पहुंचे। रिसालू गांव के किसान विकास मलिक के गेहूं का सत्यापन नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि वह 200 क्विंटल गेहूं लेकर आए हैं। उनके आधे गेहूं का सत्यापन हो गया जबकि आधे का नहीं हो पाया है। यह पटवारी के स्तर पर सत्यापन बाकी रहता है। उन्होंने बताया कि मंडी में पर्याप्त सुविधा नहीं हैं। एजेंसी भी गेहूं खरीद के लिए नहीं पहुंची। उनको गेहूं अब खुले में डालने को मजबूर होना पड़ा। दलबीर ने बताया कि वह 100 क्विंटल गेहूं लेकर आए हैं। इसी तरह संदीप कादियान और उझा गांव के योगेंद्र 100-100 क्विंटल गेहूं लेकर आए। उन्होंने बताया कि गेहूं में नमी होने की बात कही गई है। इस सीजन में मौसम साफ नहीं हो पाया है। ऐसे में फसल कटाई करना ही मुश्किल हो गया है। सरकार और एजेंसियों को वास्तवित स्थिति को देखते हुए गेहूं की खरीद शुरू करनी चाहिए।
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मंडी बारदाना तक नहीं पहुंच पाया
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि मंडियों में बारदाना नहीं पहुंचा है। ट्रांसपोर्ट की भी व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। इस बार एजेंसी कम होने से खरीद में भी परेशानी आएगी। अधिकारियों का समस्या समाधान की तरफ कोई ध्यान नहीं है। मंडियों में तिरपाल भी नहीं पहुंचे हैं। अधिकारियों की तैयारी केवल बैठक तक ही सीमित है।
सरसों में प्राइवेट एजेंसी आगे
सरसों खरीद में प्राइवेट एजेंसी आगे हैं। वे एमएसपी से भी अधिक रेट में सरसों खरीद रहे हैं। बुधवार को भी 50 से 100 रुपये अधिक रेट में सरसों की खरीद की। कुछ किसानों सरकारी नियमों को पूरा करने के चक्कर की बजाय एमएसपी से कम रेट में भी प्राइवेट एजेंसी को सरसों बेच दी।
वर्जन :
मंडियों में गेहूं खरीद के लिए तैयारी पूरी हैं। अभी गेहूं में कुछ नमी है। किसानों से अपील है कि गेहूं को सूखा कर मंडी में लेकर आएं। इससे खरीद तेज हो पाएगी। मंडी में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
डाॅ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।