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Panipat News: दो दिन से बना रहे थे योजना चुना सबसे सुरक्षित रास्ता
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पानीपत। शिव नगर बाल श्रमिक पुनर्वास केंद्र से चार बच्चों ने दो दिन से योजना शुरू कर दी थी। सिरसा निवासी किशोर ने केंद्र की हर स्थिति को देखा था। स्टोर के पीछे का दरवाजा खोलकर बाहर निकलना सबसे सुरक्षित होने के कारण वहीं रास्ता चुना गया। जहां पर न तो कोई कैमरा है और न ही किसी का ध्यान जाता।
खानपुर से भागे दोनों किशोर पहले से ही एक साथ रह रहे थे। वहीं शनिवार को रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू किए गए 12 साल और सात साल के बच्चे भी उनके साथ मिल गए। इसके बाद उन्होंने बाहर निकलने की प्लानिंग शुरू कर दी थी। केंद्र के स्टॉफ ने बताया कि सोमवार दोपहर को खाना खाने के बाद बाकी बच्चे अपनी पढ़ाई और अन्य कार्यों में व्यस्त हो गए। वार्डन और एक अन्य कर्मचारी किसी काम से बाल कल्याण समिति के कार्यालय में गए थे। उसी समय महिला कर्मचारी ही केंद्र में थी।
इसी का फायदा उठाकर चोरों ने नींद आने की बात कही और सोने के लिए उस कमरे में चले गए जिसमें स्टोर का ताला खुलता था। योजना के तहत उन्होंने स्टोर के ताले की चाबी भी उठा ली। बाहर टीवी चल रहा था तो उन्होंने टीवी की आवाज आने का बहना बनाकर दरवाजा बंद कर लिया। साथ ही अंदर कूलर भी चला दिया। जिससे अंदर की आवाज बाहर न जा सके।
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खानपुर से भागे दोनों किशोर पहले से ही एक साथ रह रहे थे। वहीं शनिवार को रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू किए गए 12 साल और सात साल के बच्चे भी उनके साथ मिल गए। इसके बाद उन्होंने बाहर निकलने की प्लानिंग शुरू कर दी थी। केंद्र के स्टॉफ ने बताया कि सोमवार दोपहर को खाना खाने के बाद बाकी बच्चे अपनी पढ़ाई और अन्य कार्यों में व्यस्त हो गए। वार्डन और एक अन्य कर्मचारी किसी काम से बाल कल्याण समिति के कार्यालय में गए थे। उसी समय महिला कर्मचारी ही केंद्र में थी।
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इसी का फायदा उठाकर चोरों ने नींद आने की बात कही और सोने के लिए उस कमरे में चले गए जिसमें स्टोर का ताला खुलता था। योजना के तहत उन्होंने स्टोर के ताले की चाबी भी उठा ली। बाहर टीवी चल रहा था तो उन्होंने टीवी की आवाज आने का बहना बनाकर दरवाजा बंद कर लिया। साथ ही अंदर कूलर भी चला दिया। जिससे अंदर की आवाज बाहर न जा सके।