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Panipat News: गेहूं के उठान में हो रही देरी भुगतान के इंतजार में किसान
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पानीपत। अनाज मंडी में गेहूं की आवक लगातार जारी है। एजेंसियां ने गेहूं खरीद में ताे गति पकड़ी है, लेकिन उठान अपेक्षाकृत गति नहीं पकड़ पाया है। मंडियों से करीब 43 प्रतिशत गेहूं का उठान हो पाया है।
ऐसे में बाकी 57 प्रतिशत गेहूं मंडियों में पड़ा है। इनका भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में किसान भुगतान की बाट देखने को मजबूर हो गए हैं। जिले की मंडियों में 332852 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। सबसे अधिक समालखा मंडी में 82255 मीट्रिक टन की आवक हुई है। मतलौडा में 66447, पानीपत में 53954, इसराना में 46097, बाबरपुर में 15376 व बापौली में 31170 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई हैं। इसमें से 282181 मीट्रिक टन की खरीद की है। करीब 135486 मीट्रिक टन का उठान किया गया है। 2.60 अरब रुपये का भुगतान किया गया है। शहरमालपुर गांव के प्रदीप और सत्यनारायण ने बताया कि वे 15 दिन पहले गेहूं बेचकर आए थे।
मंडी में उसी दिन गेहूं की तौलाई करा दी थी। अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने आढ़ती से इस विषय में बात की तो उन्होंने उठान बिना भुगतान न कर पाने की जानकारी दी। नियमानुसार किसान को गेहूं बेचने के 72 घंटे में भुगतान दिया जाना चाहिए। एजेंसी लापरवाही के चलते गेहूं का उठान नहीं कर पा रहे हैं।
ऐसे में उनके काम रुक गए हैं। सिवाह गांव के आजाद सिंह और नरेंद्र ने बताया कि 10 दिन पहले मंडी में गेहूं बेचे थे। उसी दिन तौलाई करा दी थी। अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में उनको अगली फसल की तैयारी करने में देरी हो रही है।
आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि एजेंसियों को खाली गोदाम नहीं हैं। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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ऐसे में बाकी 57 प्रतिशत गेहूं मंडियों में पड़ा है। इनका भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में किसान भुगतान की बाट देखने को मजबूर हो गए हैं। जिले की मंडियों में 332852 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई है। सबसे अधिक समालखा मंडी में 82255 मीट्रिक टन की आवक हुई है। मतलौडा में 66447, पानीपत में 53954, इसराना में 46097, बाबरपुर में 15376 व बापौली में 31170 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई हैं। इसमें से 282181 मीट्रिक टन की खरीद की है। करीब 135486 मीट्रिक टन का उठान किया गया है। 2.60 अरब रुपये का भुगतान किया गया है। शहरमालपुर गांव के प्रदीप और सत्यनारायण ने बताया कि वे 15 दिन पहले गेहूं बेचकर आए थे।
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मंडी में उसी दिन गेहूं की तौलाई करा दी थी। अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। उन्होंने आढ़ती से इस विषय में बात की तो उन्होंने उठान बिना भुगतान न कर पाने की जानकारी दी। नियमानुसार किसान को गेहूं बेचने के 72 घंटे में भुगतान दिया जाना चाहिए। एजेंसी लापरवाही के चलते गेहूं का उठान नहीं कर पा रहे हैं।
ऐसे में उनके काम रुक गए हैं। सिवाह गांव के आजाद सिंह और नरेंद्र ने बताया कि 10 दिन पहले मंडी में गेहूं बेचे थे। उसी दिन तौलाई करा दी थी। अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में उनको अगली फसल की तैयारी करने में देरी हो रही है।
आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि एजेंसियों को खाली गोदाम नहीं हैं। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

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