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Panipat News: साइबर ठगी का शिकार जिले के लोग, हर दिन गंवा रहे पांच लाख रुपये
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। साइबर ठगी को रोकने के लिए तमाम प्रयास के बावजूद साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। जिले के जिले के लोग साइबर ठगी का शिकार होकर प्रतिदिन औसतन चार से पांच लाख रुपये गवां देते हैं। प्रतिमाह में यह धनराशि डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। पुलिस मात्र 30 फीसदी पैसा ही पीड़ितों के खातों में होल्ड करा पाती है। इसमें से भी आधा पैसा ही वापस पीड़ितों के खाते तक पहुंच पाता है।
शनिवार को साइबर ठगों का शिकार होकर एक युवक ने तेजाब पीकर आत्महत्या कर ली। ऑनलाइन पैसा कमाने के झांसे में फंसकर युवक ने अपनी जीवन भर की कमाई यहां तक की कर्ज लेकर भी साइबर ठगों को दे दी। यह पहली घटना नहीं है। ऐसे तमाम मामले हैं जिनमें लोग अपने जीवनभर की कमाई एक ही पल में गवां दी। साइबर क्राइम थाना पुलिस के आंकड़ों की माने पिछले सात माह में साइबर ठग जिले में तीन हजार से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इनमें से 62 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। बाकी या तो एक लाख रुपये से कम हैं या फिर अभी जांच के दायरे में हैं। इन सभी वारदातों में साइबर ठग 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। इनमें से करीब तीन करोड़ रुपये की धनराशि को पुलिस ने अलग-अलग खातों में होल्ड करा रखा है। इस धनराशि को एमआरएम पोर्टल के माध्यम से पीड़ितों को वापस कराया जा रहा है। इसके लिए अभियान चल रहा है।
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केस-1
सेवानिवृत शिक्षिका को शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक करोड़ पांच लाख रुपये की साइबर ठगी की थी। महिला शिक्षिका को यह धनराशि मॉल में अपनी हिस्सेदारी बेचने के बाद मिली थी। पुलिस ने इस मामले में 15 लाख रुपये की धनराशि होल्ड कराई थी।
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केस-2
मॉडल टाउन थाना क्षेत्र निवासी व्यापारी को शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर 70 लाख रुपये की ठगी की थी। व्यापारी का कहना था कि उनके पास एक कॉल आई थी। जिसमें कॉलर ने 45 दिन में निवेश को तीन गुना करने का झांसा दिया था। झांसे में आकर उन्होंने 70 लाख रुपये जमा करा दिए।
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फैक्ट फाइल
वर्ष ऑनलाइन शिकायत प्राथमिकी
2022 2093 10
2023 4150 76
2024 4722 268
2025 4960 117
2026 3000 61
बॉक्स
बचाव के लिए क्या करें
-पैसा निवेश करने से पहले अच्छी तरह से देख लें
-ऑनलाइन मुनाफा देने का झांसा देने वाली कंपनी के विज्ञापनों से सावधान रहें
-साइबर ठगी का शिकार होते ही 1930 पर कॉल कर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं
कोट
साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूता ही सबसे अहम है। किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें।
अजय कुमार, थाना प्रभारी, साइबर क्राइम
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पानीपत। साइबर ठगी को रोकने के लिए तमाम प्रयास के बावजूद साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। जिले के जिले के लोग साइबर ठगी का शिकार होकर प्रतिदिन औसतन चार से पांच लाख रुपये गवां देते हैं। प्रतिमाह में यह धनराशि डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। पुलिस मात्र 30 फीसदी पैसा ही पीड़ितों के खातों में होल्ड करा पाती है। इसमें से भी आधा पैसा ही वापस पीड़ितों के खाते तक पहुंच पाता है।
शनिवार को साइबर ठगों का शिकार होकर एक युवक ने तेजाब पीकर आत्महत्या कर ली। ऑनलाइन पैसा कमाने के झांसे में फंसकर युवक ने अपनी जीवन भर की कमाई यहां तक की कर्ज लेकर भी साइबर ठगों को दे दी। यह पहली घटना नहीं है। ऐसे तमाम मामले हैं जिनमें लोग अपने जीवनभर की कमाई एक ही पल में गवां दी। साइबर क्राइम थाना पुलिस के आंकड़ों की माने पिछले सात माह में साइबर ठग जिले में तीन हजार से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इनमें से 62 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। बाकी या तो एक लाख रुपये से कम हैं या फिर अभी जांच के दायरे में हैं। इन सभी वारदातों में साइबर ठग 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। इनमें से करीब तीन करोड़ रुपये की धनराशि को पुलिस ने अलग-अलग खातों में होल्ड करा रखा है। इस धनराशि को एमआरएम पोर्टल के माध्यम से पीड़ितों को वापस कराया जा रहा है। इसके लिए अभियान चल रहा है।
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केस-1
सेवानिवृत शिक्षिका को शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक करोड़ पांच लाख रुपये की साइबर ठगी की थी। महिला शिक्षिका को यह धनराशि मॉल में अपनी हिस्सेदारी बेचने के बाद मिली थी। पुलिस ने इस मामले में 15 लाख रुपये की धनराशि होल्ड कराई थी।
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केस-2
मॉडल टाउन थाना क्षेत्र निवासी व्यापारी को शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर 70 लाख रुपये की ठगी की थी। व्यापारी का कहना था कि उनके पास एक कॉल आई थी। जिसमें कॉलर ने 45 दिन में निवेश को तीन गुना करने का झांसा दिया था। झांसे में आकर उन्होंने 70 लाख रुपये जमा करा दिए।
फैक्ट फाइल
वर्ष ऑनलाइन शिकायत प्राथमिकी
2022 2093 10
2023 4150 76
2024 4722 268
2025 4960 117
2026 3000 61
बॉक्स
बचाव के लिए क्या करें
-पैसा निवेश करने से पहले अच्छी तरह से देख लें
-ऑनलाइन मुनाफा देने का झांसा देने वाली कंपनी के विज्ञापनों से सावधान रहें
-साइबर ठगी का शिकार होते ही 1930 पर कॉल कर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं
कोट
साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूता ही सबसे अहम है। किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें।
अजय कुमार, थाना प्रभारी, साइबर क्राइम