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Panipat News: पूर्व सैनिक बोले- टोल टैक्स में मिले छूट
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 14 Jun 2026 02:40 AM IST
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अमर उजाला कार्यालय में संवाद में चर्चा करते भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्य और पदाधिकारी। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। देश सेवा में जीवन का बड़ा हिस्सा समर्पित कर चुके पूर्व सैनिक अब समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। शहीदों और बलिदानियों के सम्मान से लेकर सामाजिक सरोकारों तक वे लगातार योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद वे जिला, प्रदेश और केंद्र स्तर की कई समस्याओं से जूझ रहे हैं।
शनिवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भूतपूर्व सैनिक संगठन पानीपत के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए। पूर्व सैनिकों ने सरकारी कार्यालयों और पुलिस थानों में अपेक्षित सम्मान न मिलने की बात कही।
उन्होंने उपायुक्त कार्यालय में पूर्व सैनिकों के लिए अलग रजिस्टर रखने और दर्ज शिकायतों की नियमित समीक्षा की मांग उठाई। साथ ही सेवानिवृत्त सैनिकों को टोल टैक्स में छूट देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि हम प्रशासन और सरकार से इन मांगों पर सकारात्मक पहल की अपेक्षा करते हैं।
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भूतपूर्व सैनिक संगठन के जिला संयोजक कैप्टन प्रताप सिंह बलाना ने कहा कि पूर्व सैनिक समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और विभिन्न सामाजिक कार्यों में निरंतर योगदान दे रहे हैं। उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।
सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता
सैनिक को केवल सेवा से मुक्त किया जाता है, वह कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। सेना से बाहर आने के बाद भी हम समाज और राष्ट्रहित में कार्य करते रहते हैं। आज समाज में अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने की जरूरत है। किसी जवान के बलिदान के साथ उसका परिवार भी बड़ा त्याग करता है और यह पूरे गांव व देश के लिए गर्व का विषय होता है। -सतबीर सिंह सहरावत, प्रधान सूबेदार मेजर, इसराना खंड
डीसी कार्यालय में अलग रजिस्टर बने
पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। उपायुक्त कार्यालय में अलग रजिस्टर रखा जाए, जिसमें पूर्व सैनिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। शिकायतों की नियमित समीक्षा हो और पूर्व सैनिक संगठनों के साथ मासिक व त्रैमासिक बैठकें आयोजित की जाएं। साथ ही युद्ध वीरों और उनके परिवारों के लिए अतिरिक्त सुविधाओं पर भी सरकार को विचार करना चाहिए। -अजीत कुंडू, जिला उपप्रधान, नायब सूबेदार
नॉन-कंस्ट्रक्शन चार्ज खत्म हो
संगठन को वर्ष 2007 और 2009 में दो प्लॉट आवंटित किए गए थे। लंबे समय तक निर्माण नहीं होने के आधार पर एचएसवीपी ने करीब 2.23 करोड़ रुपये का नॉन-कंस्ट्रक्शन चार्ज लगा दिया। संगठन लगातार इस शुल्क को समाप्त करने की मांग कर रहा है। भवन निर्माण के लिए स्वीकृत ग्रांट का लाभ तभी मिलेगा जब यह आर्थिक बोझ हटेगा। - ओमप्रकाश, सूबेदार मेजर
सुविधाएं एक परिसर में मिलें
ईसीएच, कैंटीन और जिला सैनिक बोर्ड अलग-अलग स्थानों पर होने से पूर्व सैनिकों को काफी परेशानी होती है। एक ही काम के लिए कई जगह चक्कर लगाने पड़ते हैं। इन सभी सेवाओं को एक ही परिसर में संचालित किया जाना चाहिए। साथ ही ईसीएच में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाकर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए। - शमशेर कुंडू, नायब सूबेदार
सम्मान समारोहों को मिले सहयोग
पूर्व सैनिक संगठन अपने स्तर पर सम्मान समारोह आयोजित करता है, जिन पर काफी खर्च आता है। प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं को ऐसे कार्यक्रमों में सहयोग करना चाहिए। इससे शहीदों और पूर्व सैनिकों के परिवारों का मनोबल बढ़ेगा तथा नई पीढ़ी को भी देशभक्ति और सेवा की प्रेरणा मिलेगी। -रणधीर सिंह नौल्था, हवलदार
आश्रितों को मिले विशेष सुविधाएं
किसी सैनिक के बलिदान के बाद उसके परिवार की जिम्मेदारियां काफी बढ़ जाती हैं। शहीद और पूर्व सैनिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा, रोजगार और फीस में विशेष छूट दी जानी चाहिए। इससे परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और बच्चों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। -राजबीर जागलान
शहीद स्मारक की हो बेहतर सुरक्षा
जिला मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रात के समय वहां असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं, जिससे स्मारक की गरिमा प्रभावित होती है। इसकी सुरक्षा के लिए चहारदीवारी, नियमित निगरानी और उचित रखरखाव की व्यवस्था की जानी चाहिए। -राजेंद्र सिंह डाहर, हवलदार
टोल टैक्स में मिले रियायत
सैनिक अपने जीवन का बड़ा हिस्सा देश सेवा में समर्पित करता है। सेवा के दौरान मिलने वाली टोल टैक्स छूट सेवानिवृत्ति के बाद समाप्त हो जाती है। पूर्व सैनिकों को भी टोल टैक्स में रियायत दी जानी चाहिए। साथ ही संगठन की गाड़ियों को स्थानीय स्तर पर राहत देने पर प्रशासन को विचार करना चाहिए। -दिलावर राठी गांजबड़, हवलदार
पानीपत। देश सेवा में जीवन का बड़ा हिस्सा समर्पित कर चुके पूर्व सैनिक अब समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। शहीदों और बलिदानियों के सम्मान से लेकर सामाजिक सरोकारों तक वे लगातार योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद वे जिला, प्रदेश और केंद्र स्तर की कई समस्याओं से जूझ रहे हैं।
शनिवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भूतपूर्व सैनिक संगठन पानीपत के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए। पूर्व सैनिकों ने सरकारी कार्यालयों और पुलिस थानों में अपेक्षित सम्मान न मिलने की बात कही।
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उन्होंने उपायुक्त कार्यालय में पूर्व सैनिकों के लिए अलग रजिस्टर रखने और दर्ज शिकायतों की नियमित समीक्षा की मांग उठाई। साथ ही सेवानिवृत्त सैनिकों को टोल टैक्स में छूट देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि हम प्रशासन और सरकार से इन मांगों पर सकारात्मक पहल की अपेक्षा करते हैं।
भूतपूर्व सैनिक संगठन के जिला संयोजक कैप्टन प्रताप सिंह बलाना ने कहा कि पूर्व सैनिक समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और विभिन्न सामाजिक कार्यों में निरंतर योगदान दे रहे हैं। उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।
सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता
सैनिक को केवल सेवा से मुक्त किया जाता है, वह कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। सेना से बाहर आने के बाद भी हम समाज और राष्ट्रहित में कार्य करते रहते हैं। आज समाज में अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने की जरूरत है। किसी जवान के बलिदान के साथ उसका परिवार भी बड़ा त्याग करता है और यह पूरे गांव व देश के लिए गर्व का विषय होता है। -सतबीर सिंह सहरावत, प्रधान सूबेदार मेजर, इसराना खंड
डीसी कार्यालय में अलग रजिस्टर बने
पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। उपायुक्त कार्यालय में अलग रजिस्टर रखा जाए, जिसमें पूर्व सैनिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। शिकायतों की नियमित समीक्षा हो और पूर्व सैनिक संगठनों के साथ मासिक व त्रैमासिक बैठकें आयोजित की जाएं। साथ ही युद्ध वीरों और उनके परिवारों के लिए अतिरिक्त सुविधाओं पर भी सरकार को विचार करना चाहिए। -अजीत कुंडू, जिला उपप्रधान, नायब सूबेदार
नॉन-कंस्ट्रक्शन चार्ज खत्म हो
संगठन को वर्ष 2007 और 2009 में दो प्लॉट आवंटित किए गए थे। लंबे समय तक निर्माण नहीं होने के आधार पर एचएसवीपी ने करीब 2.23 करोड़ रुपये का नॉन-कंस्ट्रक्शन चार्ज लगा दिया। संगठन लगातार इस शुल्क को समाप्त करने की मांग कर रहा है। भवन निर्माण के लिए स्वीकृत ग्रांट का लाभ तभी मिलेगा जब यह आर्थिक बोझ हटेगा। - ओमप्रकाश, सूबेदार मेजर
सुविधाएं एक परिसर में मिलें
ईसीएच, कैंटीन और जिला सैनिक बोर्ड अलग-अलग स्थानों पर होने से पूर्व सैनिकों को काफी परेशानी होती है। एक ही काम के लिए कई जगह चक्कर लगाने पड़ते हैं। इन सभी सेवाओं को एक ही परिसर में संचालित किया जाना चाहिए। साथ ही ईसीएच में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाकर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए। - शमशेर कुंडू, नायब सूबेदार
सम्मान समारोहों को मिले सहयोग
पूर्व सैनिक संगठन अपने स्तर पर सम्मान समारोह आयोजित करता है, जिन पर काफी खर्च आता है। प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं को ऐसे कार्यक्रमों में सहयोग करना चाहिए। इससे शहीदों और पूर्व सैनिकों के परिवारों का मनोबल बढ़ेगा तथा नई पीढ़ी को भी देशभक्ति और सेवा की प्रेरणा मिलेगी। -रणधीर सिंह नौल्था, हवलदार
आश्रितों को मिले विशेष सुविधाएं
किसी सैनिक के बलिदान के बाद उसके परिवार की जिम्मेदारियां काफी बढ़ जाती हैं। शहीद और पूर्व सैनिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा, रोजगार और फीस में विशेष छूट दी जानी चाहिए। इससे परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और बच्चों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। -राजबीर जागलान
शहीद स्मारक की हो बेहतर सुरक्षा
जिला मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रात के समय वहां असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं, जिससे स्मारक की गरिमा प्रभावित होती है। इसकी सुरक्षा के लिए चहारदीवारी, नियमित निगरानी और उचित रखरखाव की व्यवस्था की जानी चाहिए। -राजेंद्र सिंह डाहर, हवलदार
टोल टैक्स में मिले रियायत
सैनिक अपने जीवन का बड़ा हिस्सा देश सेवा में समर्पित करता है। सेवा के दौरान मिलने वाली टोल टैक्स छूट सेवानिवृत्ति के बाद समाप्त हो जाती है। पूर्व सैनिकों को भी टोल टैक्स में रियायत दी जानी चाहिए। साथ ही संगठन की गाड़ियों को स्थानीय स्तर पर राहत देने पर प्रशासन को विचार करना चाहिए। -दिलावर राठी गांजबड़, हवलदार