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Panipat News: पूर्व प्रबंधक ने रिश्तेदारों के 14 खातों में जारी किया 83.50 लाख का ऋण
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इसराना। इसराना की अमर अनाज मंडी स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में 97 लाख रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा किया गया। पूर्व शाखा प्रबंधक ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर 14 लोन खाते खोलकर अनाधिकृत रूप से 83.50 लाख रुपये से अधिक के लोन जारी किए। बाद में खातों को बंद कर दिया गया। छह ग्राहकों के खातों से उनकी अनुमति के बिना 13.69 लाख रुपये की निकासी की गई।
सभी पैसे बैंक के पॉर्किंग खाते में ट्रांसफर कर अपने और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किए गए। ऑडिट में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद शाखा प्रबंधक ने पूर्व शाखा प्रबंधक दिलीप कुमार झा के खिलाफ इसराना थाने में फर्जीवाड़े के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
वर्तमान शाखा प्रबंधक सुमित कुमार ठाकुर ने अदालत में दाखिल की शिकायत के अनुसार, आरोपी दिलीप कुमार झा निवासी विराट नगर, पानीपत एवं मूल निवासी नई दिल्ली 9 मई 2022 से 15 मई 2023 तक इसराना शाखा में प्रबंधक तैनात रहे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने बिना उचित दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों के अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर 14 लोन खाते खोले। इन खातों के जरिए 83,54,500 रुपये की राशि अवैध रूप से वितरित की गई। बाद में पकड़े जाने के डर से उन्होंने बिना किसी बैंक प्रविष्टि के इन खातों को बंद भी कर दिया। इसके अलावा शाखा प्रबंधक ने छह अलग-अलग खातों से करीब 13,69,010 रुपये की अनधिकृत निकासी की। यह राशि पहले बैंक के पार्किंग अकाउंट में ट्रांसफर की गई और बाद में अपनी पत्नी नेहा झा और ससुर मधु कांत मिश्रा के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
ग्राहकों की जानकारी के बिना उनके नाम पर फर्जी तरीके से आरोग्य हेल्थ पॉलिसी जारी कर दी गई और उनके खातों से प्रीमियम काट लिया गया। एक मामले में तो एक महिला ग्राहक (उर्मिला देवी) का मोबाइल नंबर हटाकर आरोपी ने अपना नंबर बैंक रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया ताकि ट्रांजेक्शन का मैसेज ग्राहक को न जाए।
शाखा प्रबंधक ने बताया कि उन्होंने पदभार संभालने के बाद ऑडिट कराया तो इस पूरे फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी दी तो उन्होंने अभद्रता की। साथ ही पुलिस ने भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद वह अदालत पहुंचे। अदालत के आदेश पर आरोपी पूर्व शाखा प्रबंधक दिलीप कुमार झा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
इन खातों से हुई निकासी : 28 जून 2022 को सुरेश कुमार के खाते से 50,000/- रुपये डेबिट किए गए और ब्रांच पार्किंग खाते में स्थानांतरित कर दिए गए। इसके बाद, यह राशि अपनी पत्नी नेहा झा के खाते में ट्रांफसर की। जून जून को अशोक कुमार के खाते से 20,000 रुपये निकाले, उर्मिला देवी के बचत खाते 1,04,500 रुपये स्थानांतरित किए गए और ब्रांच पार्किंग खाते में जमा कर दिए गए। बाद में निकाल लिए गए। इसी तरह से अन्य खातों से 13.69 लाख रुपये की निकासी की गई।
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वर्तमान शाखा प्रबंधक सुमित कुमार ठाकुर ने अदालत में दाखिल की शिकायत के अनुसार, आरोपी दिलीप कुमार झा निवासी विराट नगर, पानीपत एवं मूल निवासी नई दिल्ली 9 मई 2022 से 15 मई 2023 तक इसराना शाखा में प्रबंधक तैनात रहे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने बिना उचित दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों के अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर 14 लोन खाते खोले। इन खातों के जरिए 83,54,500 रुपये की राशि अवैध रूप से वितरित की गई। बाद में पकड़े जाने के डर से उन्होंने बिना किसी बैंक प्रविष्टि के इन खातों को बंद भी कर दिया। इसके अलावा शाखा प्रबंधक ने छह अलग-अलग खातों से करीब 13,69,010 रुपये की अनधिकृत निकासी की। यह राशि पहले बैंक के पार्किंग अकाउंट में ट्रांसफर की गई और बाद में अपनी पत्नी नेहा झा और ससुर मधु कांत मिश्रा के खातों में ट्रांसफर कर दिए।
ग्राहकों की जानकारी के बिना उनके नाम पर फर्जी तरीके से आरोग्य हेल्थ पॉलिसी जारी कर दी गई और उनके खातों से प्रीमियम काट लिया गया। एक मामले में तो एक महिला ग्राहक (उर्मिला देवी) का मोबाइल नंबर हटाकर आरोपी ने अपना नंबर बैंक रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया ताकि ट्रांजेक्शन का मैसेज ग्राहक को न जाए।
शाखा प्रबंधक ने बताया कि उन्होंने पदभार संभालने के बाद ऑडिट कराया तो इस पूरे फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी दी तो उन्होंने अभद्रता की। साथ ही पुलिस ने भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद वह अदालत पहुंचे। अदालत के आदेश पर आरोपी पूर्व शाखा प्रबंधक दिलीप कुमार झा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
इन खातों से हुई निकासी : 28 जून 2022 को सुरेश कुमार के खाते से 50,000/- रुपये डेबिट किए गए और ब्रांच पार्किंग खाते में स्थानांतरित कर दिए गए। इसके बाद, यह राशि अपनी पत्नी नेहा झा के खाते में ट्रांफसर की। जून जून को अशोक कुमार के खाते से 20,000 रुपये निकाले, उर्मिला देवी के बचत खाते 1,04,500 रुपये स्थानांतरित किए गए और ब्रांच पार्किंग खाते में जमा कर दिए गए। बाद में निकाल लिए गए। इसी तरह से अन्य खातों से 13.69 लाख रुपये की निकासी की गई।