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अहंकार छोड़ सादगी अपनाएं : रमण
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पानीपत। जिले में शहर समेत विभिन्न स्थानों पर आयोजित जैन चातुर्मास के तहत रविवार को जैन मुनियों ने साधकों को आत्म-कल्याण, अहंकार त्याग और धर्म को अपने दैनिक आचरण में ढालने का पावन संदेश दिया। स्थानकों में सुबह आठ से नौ बजे तक चले प्रवचनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
एसएस जैन सभा राजाखेड़ी में रमण गुरनीजी महाराज ने कहा कि अहंकार व्यक्ति के पतन का सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने सफलता के लिए अहंकार त्याग सरल जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया।
महाराज ने कहा कि जीवन में सादगी, संयम और जीवदया को ही धर्म का आधार बनाना चाहिए। जो मनुष्य प्राणियों पर दया भाव रखता है और अहंकार से दूर रहता है, उसी के जीवन में वास्तविक शांति का वास होता है।
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एसएस जैन सभा राजाखेड़ी में रमण गुरनीजी महाराज ने कहा कि अहंकार व्यक्ति के पतन का सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने सफलता के लिए अहंकार त्याग सरल जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया।
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महाराज ने कहा कि जीवन में सादगी, संयम और जीवदया को ही धर्म का आधार बनाना चाहिए। जो मनुष्य प्राणियों पर दया भाव रखता है और अहंकार से दूर रहता है, उसी के जीवन में वास्तविक शांति का वास होता है।
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