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Panipat News: फैशन शो में दिखी पारंपरिक बुनाई, आधुनिक डिजाइन की झलक
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कार्यक्रम में कारीगरों को सम्मानित करते मुख्यातिथि। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सेक्टर-25 स्थित जिमखाना क्लब में वेवर्स सर्विस सेंटर और आईआईएचटी एलुमनी एसोसिएशन की ओर से 12वां राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस मनाया गया। इसमें आयोजित फैशन शो में दिखी पारंपरिक बुनाई और आधुनिक डिजाइन की झलक दिखाई दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि नगर निगम महापौर कोमल सैनी, शिक्षा मंत्री के बड़े भाई हरपाल ढांडा और पद्मश्री सम्मान से सम्मानित खेमराज सुंदरियाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वक्ताओं ने कहा कि हैंडलूम केवल कपड़ा उद्योग नहीं, बल्कि देश की समृद्ध कला और संस्कृति की पहचान है।
वर्ष 2015 से देशभर में राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बुनकरों की कला को सम्मान देना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी आंदोलन से प्रेरणा लेकर आज भी हैंडलूम उद्योग आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बना हुआ है। कार्यक्रम में कारीगरों को मुख्य अतिथि ने सम्मानित भी किया।
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आईआईएचटी एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मवीर ने कहा कि यदि सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में एक दिन हाथ से बने हैंडलूम वस्त्र पहनने की परंपरा शुरू की जाए तो इससे देशभर के बुनकरों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। इस अवसर पर उद्योगपति विनोद धमीजा, अशोक गोयल, हीरालाल, राकेश जैन, वारिस खान और जयपाल सहित कई लोग मौजूद रहे।
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पानीपत। सेक्टर-25 स्थित जिमखाना क्लब में वेवर्स सर्विस सेंटर और आईआईएचटी एलुमनी एसोसिएशन की ओर से 12वां राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस मनाया गया। इसमें आयोजित फैशन शो में दिखी पारंपरिक बुनाई और आधुनिक डिजाइन की झलक दिखाई दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि नगर निगम महापौर कोमल सैनी, शिक्षा मंत्री के बड़े भाई हरपाल ढांडा और पद्मश्री सम्मान से सम्मानित खेमराज सुंदरियाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वक्ताओं ने कहा कि हैंडलूम केवल कपड़ा उद्योग नहीं, बल्कि देश की समृद्ध कला और संस्कृति की पहचान है।
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वर्ष 2015 से देशभर में राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य बुनकरों की कला को सम्मान देना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी आंदोलन से प्रेरणा लेकर आज भी हैंडलूम उद्योग आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बना हुआ है। कार्यक्रम में कारीगरों को मुख्य अतिथि ने सम्मानित भी किया।
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आईआईएचटी एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मवीर ने कहा कि यदि सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में एक दिन हाथ से बने हैंडलूम वस्त्र पहनने की परंपरा शुरू की जाए तो इससे देशभर के बुनकरों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। इस अवसर पर उद्योगपति विनोद धमीजा, अशोक गोयल, हीरालाल, राकेश जैन, वारिस खान और जयपाल सहित कई लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में कारीगरों को सम्मानित करते मुख्यातिथि। संवाद