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Panipat News: लगातार बारिश से बढ़ी परेशानी, सड़कों पर जलभराव
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जीटी रोड पर निर्माणाधीन नाले के साथ गुजरती महिलाएं। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। सावन के महीने में लगातार तीसरे दिन हुई बारिश ने जहां मौसम का मिजाज बदला है, वहीं नगर निगम और एनएचएआई की लचर व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मंगलवार को हुई पहली ही तेज बारिश के पानी की निकासी अब तक नहीं हो सकी थी कि वीरवार को फिर हुई बारिश ने स्थिति को और बढ़ा दिया। शहर की आधा दर्जन से अधिक मुख्य कॉलोनियों की सड़कों पर जलभराव के कारण आवाजाही ठप रही है। नगर निगम का अमला तीसरे दिन औपचारिकता निभाने कॉलोनियों में पहुंच, लेकिन ठोस निकासी व्यवस्था न होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
नेशनल हाईवे और अंदरूनी नालों की सफाई न कराने की एनएचएआई और निगम की लापरवाही अब शहरवासियों पर भारी पड़ रही है। निकासी मार्ग अवरुद्ध होने से पानी निकलने का रास्ता नहीं बन पाया है। ऐसे में जीटी रोड की सर्विस लेन और इंसार बाजार में पानी निकासी चुनौती बना हुआ है। व्यापारियों को तेज बारिश होने पर फिर स्थिति बिगड़ने का डर सता रहा है।
जिले में 13.2 एमएम दर्ज की बारिश
बुधवार देर रात और वीरवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश चलती रही। जिले में औसत 13.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसमें सबसे अधिक 36 एमएम बारिश बापौली में हुई, जबकि इसराना में सबसे कम दो एमएम। पानीपत शहर में सात एमएम बारिश दर्ज की गई। दिनभर 10 से 15 मिनट के अघोषित बिजली कटों ने भी लोगों की मुसीबत बढ़ाए रखी।
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यमुना का जलस्तर 230.20 मीटर
मैदानी और पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यमुना का जलस्तर अब 230.20 मीटर पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 231 मीटर के बेहद नजदीक है। जलस्तर में लगातार हो रहे इजाफे से यमुना के साथ लगते बापौली, समालखा और सनौली क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। अगर पानी का बहाव और बढ़ता है तो फसलों के जलमग्न होने और कटान का खतरा बढ़ जाएगा।
लापरवाही पर छलका लोगों और व्यापारियों का दर्द
जीटी रोड स्थित व्यापारी राजेश गुप्ता ने बताया कि एनएचएआई ने सर्विस लेन को उखाड़ दिया। नाला निर्माण कार्य बीच में छोड़ दिया गया। दुकानों के आगे गहरा गड्ढा होने से ग्राहक नहीं आ रहे। इससे व्यापार ठप हो गया है। सुनील मलिक ने बताया कि निगम की टीम तीसरे दिन सिर्फ खानापूर्ति करने पहुंची है। पानी निकासी के पंप तक चालू नहीं हैं। हर साल कर देने के बावजूद हमें जलभराव का दंश झेलना पड़ता है। सुमित आहूजा ने बताया कि काबड़ी रोड और कुटानी रोड की कॉलोनियों में पानी निकासी नहीं है। नालियों का कचरा सड़क पर बह रहा है। अधिकारियों की लापरवाही से सर्विस रोड पर समस्या बनी हुई हैं। नगर निगम के अधिकारी सिर्फ दावों तक सीमित हैं, धरातल पर कोई काम नहीं दिख रहा। रमेश ने बताया कि यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 231 मीटर के पास पहुंच गया है। गांव के खेतों में पानी घुसने का डर सता रहा है।
खंड बारिश (एमएम)
पानीपत 07
समालखा 17
इसराना 02
बापौली 36
मतलौडा 04
वर्जन :
जीटी रोड और मुख्य सड़कों पर पानी निकासी सुचारु कर दी है। कॉलोनियों में भी टीम लगातार काम कर रही हैं। बारिश में पानी निकासी बेहतर रहेगी। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम
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पानीपत। सावन के महीने में लगातार तीसरे दिन हुई बारिश ने जहां मौसम का मिजाज बदला है, वहीं नगर निगम और एनएचएआई की लचर व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मंगलवार को हुई पहली ही तेज बारिश के पानी की निकासी अब तक नहीं हो सकी थी कि वीरवार को फिर हुई बारिश ने स्थिति को और बढ़ा दिया। शहर की आधा दर्जन से अधिक मुख्य कॉलोनियों की सड़कों पर जलभराव के कारण आवाजाही ठप रही है। नगर निगम का अमला तीसरे दिन औपचारिकता निभाने कॉलोनियों में पहुंच, लेकिन ठोस निकासी व्यवस्था न होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
नेशनल हाईवे और अंदरूनी नालों की सफाई न कराने की एनएचएआई और निगम की लापरवाही अब शहरवासियों पर भारी पड़ रही है। निकासी मार्ग अवरुद्ध होने से पानी निकलने का रास्ता नहीं बन पाया है। ऐसे में जीटी रोड की सर्विस लेन और इंसार बाजार में पानी निकासी चुनौती बना हुआ है। व्यापारियों को तेज बारिश होने पर फिर स्थिति बिगड़ने का डर सता रहा है।
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जिले में 13.2 एमएम दर्ज की बारिश
बुधवार देर रात और वीरवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश चलती रही। जिले में औसत 13.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसमें सबसे अधिक 36 एमएम बारिश बापौली में हुई, जबकि इसराना में सबसे कम दो एमएम। पानीपत शहर में सात एमएम बारिश दर्ज की गई। दिनभर 10 से 15 मिनट के अघोषित बिजली कटों ने भी लोगों की मुसीबत बढ़ाए रखी।
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यमुना का जलस्तर 230.20 मीटर
मैदानी और पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यमुना का जलस्तर अब 230.20 मीटर पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 231 मीटर के बेहद नजदीक है। जलस्तर में लगातार हो रहे इजाफे से यमुना के साथ लगते बापौली, समालखा और सनौली क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। अगर पानी का बहाव और बढ़ता है तो फसलों के जलमग्न होने और कटान का खतरा बढ़ जाएगा।
लापरवाही पर छलका लोगों और व्यापारियों का दर्द
जीटी रोड स्थित व्यापारी राजेश गुप्ता ने बताया कि एनएचएआई ने सर्विस लेन को उखाड़ दिया। नाला निर्माण कार्य बीच में छोड़ दिया गया। दुकानों के आगे गहरा गड्ढा होने से ग्राहक नहीं आ रहे। इससे व्यापार ठप हो गया है। सुनील मलिक ने बताया कि निगम की टीम तीसरे दिन सिर्फ खानापूर्ति करने पहुंची है। पानी निकासी के पंप तक चालू नहीं हैं। हर साल कर देने के बावजूद हमें जलभराव का दंश झेलना पड़ता है। सुमित आहूजा ने बताया कि काबड़ी रोड और कुटानी रोड की कॉलोनियों में पानी निकासी नहीं है। नालियों का कचरा सड़क पर बह रहा है। अधिकारियों की लापरवाही से सर्विस रोड पर समस्या बनी हुई हैं। नगर निगम के अधिकारी सिर्फ दावों तक सीमित हैं, धरातल पर कोई काम नहीं दिख रहा। रमेश ने बताया कि यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 231 मीटर के पास पहुंच गया है। गांव के खेतों में पानी घुसने का डर सता रहा है।
खंड बारिश (एमएम)
पानीपत 07
समालखा 17
इसराना 02
बापौली 36
मतलौडा 04
वर्जन :
जीटी रोड और मुख्य सड़कों पर पानी निकासी सुचारु कर दी है। कॉलोनियों में भी टीम लगातार काम कर रही हैं। बारिश में पानी निकासी बेहतर रहेगी। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम

जीटी रोड पर निर्माणाधीन नाले के साथ गुजरती महिलाएं। संवाद