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Panipat News: डिजिटल अरेस्ट कर 2.21 करोड़ की ठगी में पानीपत का आरोपी काबू
Wed, 19 Aug 2026 02:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Wed, 19 Aug 2026 02:45 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसीपानीपत/गाजियाबाद। साइबर क्राइम पुलिस ने वसुंधरा इंदिरापुरम में रहने वाले रत्नाकर मुगशुजी गेदाम को डिजिटल अरेस्ट कर 2.21 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में काबड़ी रोड पानीपत के मेहताब (23) को गिरफ्तार किया है। ठगी की रकम में से 6 लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि वसुंधरा निवासी रत्नाकर मुगशुजी गेदाम को जून माह में साइबर ठगों ने कॉल किया था। ठगों ने उन्हें बताया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हो रहा है। इसके बाद ईडी और सुप्रीम कोर्ट के फर्जी वारंट व्हाट्सएप पर भेजकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर दिया गया।
जांच के नाम पर उनसे विभिन्न बैंक खातों में 2.21 करोड़ रुपये जमा करा लिए गए। साइबर क्राइम टीम ने पानीपत हरियाणा के कच्चा फाटक के पास से मेहताब को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मेहताब ने बताया कि उसे 6 लाख रुपये खाते में मिले थे। उसने चेक से पूरी रकम निकाल ली थी। मेहताब ने साहिल शर्मा नामक व्यक्ति का नाम लिया जिसने गेमिंग के नाम पर उसके खाते का उपयोग किया था। साहिल ने कमीशन काटने के बाद मेहताब को पैसे दिए थे। पुलिस अब साहिल शर्मा की तलाश कर रही है।
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धोखाधड़ी का तरीका : ठगों ने पहले पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के मुकदमों में उनके एटीएम कार्ड के इस्तेमाल का डर दिखाया। इसके बाद ईडी और सुप्रीम कोर्ट के फर्जी वारंट भेजे गए। पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट बताकर जांच के नाम पर बड़ी रकम अलग-अलग खातों में जमा कराई गई।
एडीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मेहताब पुत्र गुफरान पांचवीं पास है। पुलिस ने उसके पास से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले में अब तक 1.25 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में फ्रीज कराए जा चुके हैं। एनसीआरपी पोर्टल की एसओपी के अनुसार फ्रीज राशि को पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। गाजियाबाद साइबर क्राइम पुलिस टीम मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि वसुंधरा निवासी रत्नाकर मुगशुजी गेदाम को जून माह में साइबर ठगों ने कॉल किया था। ठगों ने उन्हें बताया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हो रहा है। इसके बाद ईडी और सुप्रीम कोर्ट के फर्जी वारंट व्हाट्सएप पर भेजकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर दिया गया।
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जांच के नाम पर उनसे विभिन्न बैंक खातों में 2.21 करोड़ रुपये जमा करा लिए गए। साइबर क्राइम टीम ने पानीपत हरियाणा के कच्चा फाटक के पास से मेहताब को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मेहताब ने बताया कि उसे 6 लाख रुपये खाते में मिले थे। उसने चेक से पूरी रकम निकाल ली थी। मेहताब ने साहिल शर्मा नामक व्यक्ति का नाम लिया जिसने गेमिंग के नाम पर उसके खाते का उपयोग किया था। साहिल ने कमीशन काटने के बाद मेहताब को पैसे दिए थे। पुलिस अब साहिल शर्मा की तलाश कर रही है।
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धोखाधड़ी का तरीका : ठगों ने पहले पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के मुकदमों में उनके एटीएम कार्ड के इस्तेमाल का डर दिखाया। इसके बाद ईडी और सुप्रीम कोर्ट के फर्जी वारंट भेजे गए। पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट बताकर जांच के नाम पर बड़ी रकम अलग-अलग खातों में जमा कराई गई।
एडीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मेहताब पुत्र गुफरान पांचवीं पास है। पुलिस ने उसके पास से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले में अब तक 1.25 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में फ्रीज कराए जा चुके हैं। एनसीआरपी पोर्टल की एसओपी के अनुसार फ्रीज राशि को पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। गाजियाबाद साइबर क्राइम पुलिस टीम मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।