{"_id":"6a84cb6a1e8fa457610e046c","slug":"panipat-ranks-sixth-among-the-top-10-most-polluted-cities-panipat-news-c-244-1-pnp1001-162590-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: टॉप-10 सबसे प्रदूषित शहरों में पानीपत छठे स्थान पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: टॉप-10 सबसे प्रदूषित शहरों में पानीपत छठे स्थान पर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जगमहेंद्र सरोहा
पानीपत। मानसून के महीने में जहां झमाझम बारिश से हवा साफ होने की उम्मीद जताई जाती है, वहीं औद्योगिक नगरी पानीपत की आबोहवा में प्रदूषण का जहर घुला हुआ है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के आधार पर जारी जुलाई महीने की रिपोर्ट में पानीपत देश भर में प्रदूषण के मामले में छठे स्थान पर रहा है।
जुलाई महीने में पानीपत का औसतन पीएम 2.5 स्तर 75 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। यह देश के 24 घंटे के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक से काफी अधिक है। प्रदेश में गुरुग्राम 76 के साथ पांचवें स्थान पर और पानीपत 75 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के साथ छठे स्थान पर रहा।
देश के टॉप-10 प्रदूषित शहरों का आंकड़ा
रैंक शहर राज्य औसतन (पीएम 2.5)
1 औरंगाबाद बिहार 168
2 मंगुराहा बिहार 96
3 रूपनगर पंजाब 77
4 खोड़ा उत्तर प्रदेश 77
5 गुरुग्राम हरियाणा 76
6 पानीपत हरियाणा 75
7 सिवान बिहार 71
8 सोनीपत हरियाणा 68
9 चरखी दादरी हरियाणा 67
10 बल्लभगढ़ हरियाणा 66
प्रदेश के पांच शहर टॉप-10 में शामिल इस रिपोर्ट में चिंताजनक बात यह सामने आई है कि देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में से पांच अकेले हरियाणा के हैं। गुरुग्राम और पानीपत के अलावा सोनीपत (68), चरखी दादरी (67) और बल्लभगढ़ (66) भी शीर्ष 10 की सूची में दर्ज हैं।
विज्ञापन
पर्यावरणविद वरुण गुलाटी ने बताया कि मानसून के दौरान भी हवा में पीएम 2.5 का यह बढ़ा हुआ स्तर गंभीर है। यह उद्योगों, वाहनों का धुआं और धूल जैसे स्थानीय उत्सर्जन के कारण आबोहवा खराब हो रही है। बारिश के बावजूद हवा में प्रदूषक कणों का बने रहना शहर की सेहत के लिए गंभीर चेतावनी है।
वर्जन :
जुलाई माह में पीएम 2.5 का स्तर अधिक दर्ज होना चिंताजनक है। औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों की आवाजाही और स्थानीय धूल इसका बड़ा कारण है। बोर्ड प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर निगरानी रख रही है और मानकों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
कुलदीप, एई, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पानीपत।
विज्ञापन
पानीपत। मानसून के महीने में जहां झमाझम बारिश से हवा साफ होने की उम्मीद जताई जाती है, वहीं औद्योगिक नगरी पानीपत की आबोहवा में प्रदूषण का जहर घुला हुआ है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के आधार पर जारी जुलाई महीने की रिपोर्ट में पानीपत देश भर में प्रदूषण के मामले में छठे स्थान पर रहा है।
जुलाई महीने में पानीपत का औसतन पीएम 2.5 स्तर 75 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। यह देश के 24 घंटे के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक से काफी अधिक है। प्रदेश में गुरुग्राम 76 के साथ पांचवें स्थान पर और पानीपत 75 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के साथ छठे स्थान पर रहा।
विज्ञापन
देश के टॉप-10 प्रदूषित शहरों का आंकड़ा
रैंक शहर राज्य औसतन (पीएम 2.5)
1 औरंगाबाद बिहार 168
2 मंगुराहा बिहार 96
3 रूपनगर पंजाब 77
4 खोड़ा उत्तर प्रदेश 77
5 गुरुग्राम हरियाणा 76
6 पानीपत हरियाणा 75
7 सिवान बिहार 71
8 सोनीपत हरियाणा 68
9 चरखी दादरी हरियाणा 67
10 बल्लभगढ़ हरियाणा 66
प्रदेश के पांच शहर टॉप-10 में शामिल इस रिपोर्ट में चिंताजनक बात यह सामने आई है कि देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में से पांच अकेले हरियाणा के हैं। गुरुग्राम और पानीपत के अलावा सोनीपत (68), चरखी दादरी (67) और बल्लभगढ़ (66) भी शीर्ष 10 की सूची में दर्ज हैं।
विज्ञापन
पर्यावरणविद वरुण गुलाटी ने बताया कि मानसून के दौरान भी हवा में पीएम 2.5 का यह बढ़ा हुआ स्तर गंभीर है। यह उद्योगों, वाहनों का धुआं और धूल जैसे स्थानीय उत्सर्जन के कारण आबोहवा खराब हो रही है। बारिश के बावजूद हवा में प्रदूषक कणों का बने रहना शहर की सेहत के लिए गंभीर चेतावनी है।
वर्जन :
जुलाई माह में पीएम 2.5 का स्तर अधिक दर्ज होना चिंताजनक है। औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों की आवाजाही और स्थानीय धूल इसका बड़ा कारण है। बोर्ड प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर निगरानी रख रही है और मानकों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
कुलदीप, एई, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पानीपत।