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Panipat News: नौ गांवों में 75.50 करोड़ से दूर होगी पानी की किल्लत
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। जिले के नौ गांवों में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए 75.50 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई हाई परचेज कमेटी की बैठक में महाग्राम योजना के तहत इन पेयजल योजनाओं पर मुहर लगी। परियोजनाओं के तहत नई पाइपलाइनें बिछाने, जलघरों का नवीनीकरण करने और ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।
इन परियोजनाओं का लाभ भैंसवाल, कुटानी, राजाखेड़ी, निंबरी, उग्राखेड़ी, रिसालु, नांगलखेड़ी, काबड़ी और गढ़ी सिकंदरपुर गांवों को मिलेगा। योजना
पूरी होने के बाद इन गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होने के साथ ग्रामीणों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
भैंसवाल निवासी सतपाल सिंह ने बताया कि गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ था। महाग्राम योजना के तहत परियोजना मंजूर होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। कुटानी निवासी कुलदीप शर्मा ने बताया कि गर्मियों में स्वच्छ पानी के लिए ग्रामीणों को परेशानी होती है। पाइपलाइनें बिछने से हर घर तक साफ पानी पहुंचने की उम्मीद है।
उग्राखेड़ी निवासी जुगविंद्र मलिक ने कहा कि गांवों के विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है। पेयजल योजना की मंजूरी से वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। परियोजना का काम जल्द शुरू होना चाहिए। काबड़ी निवासी धर्मपाल ने कहा कि पेयजल योजना को मंजूरी देना सराहनीय कदम है।
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कई गांवों में पेयजल की समस्या थी, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। महाग्राम योजना के तहत 75.50 करोड़ रुपये की लागत से इन पेयजल परियोजनाओं को पूरा कराया जाएगा।
-कर्ण बहल, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग
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इन परियोजनाओं का लाभ भैंसवाल, कुटानी, राजाखेड़ी, निंबरी, उग्राखेड़ी, रिसालु, नांगलखेड़ी, काबड़ी और गढ़ी सिकंदरपुर गांवों को मिलेगा। योजना
पूरी होने के बाद इन गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होने के साथ ग्रामीणों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
भैंसवाल निवासी सतपाल सिंह ने बताया कि गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ था। महाग्राम योजना के तहत परियोजना मंजूर होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। कुटानी निवासी कुलदीप शर्मा ने बताया कि गर्मियों में स्वच्छ पानी के लिए ग्रामीणों को परेशानी होती है। पाइपलाइनें बिछने से हर घर तक साफ पानी पहुंचने की उम्मीद है।
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उग्राखेड़ी निवासी जुगविंद्र मलिक ने कहा कि गांवों के विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं का मजबूत होना जरूरी है। पेयजल योजना की मंजूरी से वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। परियोजना का काम जल्द शुरू होना चाहिए। काबड़ी निवासी धर्मपाल ने कहा कि पेयजल योजना को मंजूरी देना सराहनीय कदम है।
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कई गांवों में पेयजल की समस्या थी, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। महाग्राम योजना के तहत 75.50 करोड़ रुपये की लागत से इन पेयजल परियोजनाओं को पूरा कराया जाएगा।
-कर्ण बहल, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग