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Panipat News: यौन शोषित किशोर को मिलेंगे पांच लाख
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पानीपत। अप्राकृतिक यौन शोषण से जुड़े एक मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने अहम फैसला सुनाते हुए पीड़ित बच्चे को पांच लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। दो लाख रुपये माता-पिता को तुरंत देने और पीड़ित के नाम तीन लाख रुपये की एफडी तैयार कराने के आदेश दिए। एफडी की धनराशि पीड़ित के 18 साल का होने पर मिलेगी।
उधर, इस मामले में दोषी किशोर को भी सुधार का मौका देते हुए छह माह के प्रोबेशन पर रिहा कर दिया। साथ ही दोषी किशोर को नैतिक व व्यवहार सुधार कार्यक्रमों में जाने के निर्देश दिए हैं। मामला थाना समालखा से जुड़ा है। 24 जनवरी 2024 को समालखा थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जिसमें 15 साल के किशोर पर बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन शोषण करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने आरोपी किशोर बाल सुधार गृह मधुबन भेज दिया था। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनित लिंबा और सदस्यों की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि किशोरों से जुड़े मामले में पुनर्वास को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने पीडि़त के अभिभावकों कें खाते में त्वरित दो लाख रुपये देने के निर्देश दिए। साथ ही लाख रुपये की एफडी तैयार करने के निर्देश दिए। यह धनराशि पीड़ित के 18 साल के होने तक उसके शिक्षा व अन्य खर्च के लिए दी गई है।
उधर, पीठ ने कहा कि अपराध के समय आरोपी किशोरी की उम्र करीब 15 साल थी। वह दो साल दो महीने और 17 दिन बाल सुधार केंद्र रह चुका है।
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उधर, इस मामले में दोषी किशोर को भी सुधार का मौका देते हुए छह माह के प्रोबेशन पर रिहा कर दिया। साथ ही दोषी किशोर को नैतिक व व्यवहार सुधार कार्यक्रमों में जाने के निर्देश दिए हैं। मामला थाना समालखा से जुड़ा है। 24 जनवरी 2024 को समालखा थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जिसमें 15 साल के किशोर पर बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन शोषण करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने आरोपी किशोर बाल सुधार गृह मधुबन भेज दिया था। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनित लिंबा और सदस्यों की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि किशोरों से जुड़े मामले में पुनर्वास को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने पीडि़त के अभिभावकों कें खाते में त्वरित दो लाख रुपये देने के निर्देश दिए। साथ ही लाख रुपये की एफडी तैयार करने के निर्देश दिए। यह धनराशि पीड़ित के 18 साल के होने तक उसके शिक्षा व अन्य खर्च के लिए दी गई है।
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उधर, पीठ ने कहा कि अपराध के समय आरोपी किशोरी की उम्र करीब 15 साल थी। वह दो साल दो महीने और 17 दिन बाल सुधार केंद्र रह चुका है।

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