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Panipat News: वार्षिक परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह, तैयारी को अंतिम रूप
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अंकिता
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पानीपत। वार्षिक परीक्षाओं का शेड्यूल जारी होने के बाद से ही नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने परीक्षा की तैयारी तेज कर दी है। सोमवार से कक्षा नौवीं व 11वीं और मंगलवार से सीबीएसई 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। फरवरी के दूसरे पखवाड़े और मार्च में होने वाली परीक्षाओं को देखते हुए स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा रही हैं। विद्यार्थी विषयवार दोहराव, सैंपल पेपर और महत्वपूर्ण प्रश्नों की तैयारी में जुटे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि यह समय नई पढ़ाई का नहीं, बल्कि पुनरावृत्ति और आत्ममूल्यांकन का है। स्कूलों में डाउट-क्लियरिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थी अपनी शंकाओं का समाधान कर रहे हैं। अभिभावक भी बच्चों को नियमित अध्ययन और संतुलित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
गत वर्ष के टॉपर्स ने भी विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और नियमित अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया है। उनका कहना है कि निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
शिक्षकों की ओर से परीक्षा में सफलता के 10 मंत्र
1. समय प्रबंधन सबसे बड़ी कुंजी है, रोज का अध्ययन लक्ष्य तय करें।
2. पढ़ाई को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर नियमित दोहराव करें।
3. कठिन विषयों को पहले तैयार करें, आसान विषय बाद में रखें।
4. लिखकर अभ्यास करने की आदत डालें, केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं।
5. पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र हल कर परीक्षा पैटर्न समझें।
6. हर विषय के संक्षिप्त नोट्स तैयार करें और रोजाना पुनरावृत्ति करें।
7. शंकाओं को लंबित न रखें, तुरंत शिक्षक से समाधान लें।
8. परीक्षा के दिनों में पर्याप्त नींद और संतुलित आहार लें।
9. परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र ध्यान से पढ़कर समय का सही विभाजन करें।
10. आत्मविश्वास बनाए रखें, घबराहट से बचें और सकारात्मक सोच रखें।
गत वर्षों के टॉपर्स के सुझाव
पुनरावृत्ति पर ध्यान दें : अंकिता
गांव कवी से अंकिता ने बताया कि उन्होंने पूरे वर्ष नियमित अध्ययन किया और अंतिम समय में केवल पुनरावृत्ति पर ध्यान दिया। रोजाना टाइम-टेबल बनाकर पढ़ाई की। कठिन विषयों को छोटे-छोटे भागों में बांटकर तैयार किया। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को सफलता का आधार माना।
- अंकिता, पूर्व छात्रा, कक्षा 12वीं, वाणिज्य वर्ग।
सैंपल पेपर और मॉक टेस्ट ने की मदद : जान्हवी
गांव जाटल वासी जान्हवी का कहना है कि सैंपल पेपर और मॉक टेस्ट ने उन्हें परीक्षा पैटर्न समझने में मदद की। उन्होंने हर विषय के शॉर्ट नोट्स तैयार किए और परीक्षा से पहले उनका दोहराव किया। समय प्रबंधन और लिखित अभ्यास से उन्हें बेहतर अंक प्राप्त हुए।
-जान्हवी, पूर्व छात्रा, कक्षा 12वीं, कला वर्ग।
नियमित ब्रेक और योग को दिनचर्या में शामिल : रिंकू
गांव बुआना लाखु वासी रिंकू ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के साथ नियमित ब्रेक और योग को दिनचर्या में शामिल किया। शिक्षकों से शंकाओं का तुरंत समाधान कराया। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर लक्ष्य पर फोकस रखा। निरंतर अभ्यास और अनुशासन से सफलता मिली।
- रिंकू, पूर्व छात्रा, कक्षा 10वीं।
कठिन विषयों पर अधिक समय दें : अक्षित
गांव करहंस वासी अक्षित ने कहा कि उन्होंने कठिन विषयों पर अधिक समय दिया और रोजाना सीखी हुई सामग्री की पुनरावृत्ति की। दोस्तों के साथ ग्रुप स्टडी कर महत्वपूर्ण प्रश्नों पर चर्चा की। सकारात्मक माहौल और परिवार के सहयोग से बेहतर प्रदर्शन कर पाए।
- अक्षित, पूर्व छात्र, कक्षा 10वीं।
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शिक्षकों का कहना है कि यह समय नई पढ़ाई का नहीं, बल्कि पुनरावृत्ति और आत्ममूल्यांकन का है। स्कूलों में डाउट-क्लियरिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थी अपनी शंकाओं का समाधान कर रहे हैं। अभिभावक भी बच्चों को नियमित अध्ययन और संतुलित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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गत वर्ष के टॉपर्स ने भी विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और नियमित अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया है। उनका कहना है कि निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
शिक्षकों की ओर से परीक्षा में सफलता के 10 मंत्र
1. समय प्रबंधन सबसे बड़ी कुंजी है, रोज का अध्ययन लक्ष्य तय करें।
2. पढ़ाई को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर नियमित दोहराव करें।
3. कठिन विषयों को पहले तैयार करें, आसान विषय बाद में रखें।
4. लिखकर अभ्यास करने की आदत डालें, केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं।
5. पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र हल कर परीक्षा पैटर्न समझें।
6. हर विषय के संक्षिप्त नोट्स तैयार करें और रोजाना पुनरावृत्ति करें।
7. शंकाओं को लंबित न रखें, तुरंत शिक्षक से समाधान लें।
8. परीक्षा के दिनों में पर्याप्त नींद और संतुलित आहार लें।
9. परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र ध्यान से पढ़कर समय का सही विभाजन करें।
10. आत्मविश्वास बनाए रखें, घबराहट से बचें और सकारात्मक सोच रखें।
गत वर्षों के टॉपर्स के सुझाव
पुनरावृत्ति पर ध्यान दें : अंकिता
गांव कवी से अंकिता ने बताया कि उन्होंने पूरे वर्ष नियमित अध्ययन किया और अंतिम समय में केवल पुनरावृत्ति पर ध्यान दिया। रोजाना टाइम-टेबल बनाकर पढ़ाई की। कठिन विषयों को छोटे-छोटे भागों में बांटकर तैयार किया। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को सफलता का आधार माना।
- अंकिता, पूर्व छात्रा, कक्षा 12वीं, वाणिज्य वर्ग।
सैंपल पेपर और मॉक टेस्ट ने की मदद : जान्हवी
गांव जाटल वासी जान्हवी का कहना है कि सैंपल पेपर और मॉक टेस्ट ने उन्हें परीक्षा पैटर्न समझने में मदद की। उन्होंने हर विषय के शॉर्ट नोट्स तैयार किए और परीक्षा से पहले उनका दोहराव किया। समय प्रबंधन और लिखित अभ्यास से उन्हें बेहतर अंक प्राप्त हुए।
-जान्हवी, पूर्व छात्रा, कक्षा 12वीं, कला वर्ग।
नियमित ब्रेक और योग को दिनचर्या में शामिल : रिंकू
गांव बुआना लाखु वासी रिंकू ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के साथ नियमित ब्रेक और योग को दिनचर्या में शामिल किया। शिक्षकों से शंकाओं का तुरंत समाधान कराया। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर लक्ष्य पर फोकस रखा। निरंतर अभ्यास और अनुशासन से सफलता मिली।
- रिंकू, पूर्व छात्रा, कक्षा 10वीं।
कठिन विषयों पर अधिक समय दें : अक्षित
गांव करहंस वासी अक्षित ने कहा कि उन्होंने कठिन विषयों पर अधिक समय दिया और रोजाना सीखी हुई सामग्री की पुनरावृत्ति की। दोस्तों के साथ ग्रुप स्टडी कर महत्वपूर्ण प्रश्नों पर चर्चा की। सकारात्मक माहौल और परिवार के सहयोग से बेहतर प्रदर्शन कर पाए।
- अक्षित, पूर्व छात्र, कक्षा 10वीं।

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