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Panipat News: तापमान में आएगी कमी, कल से दो दिन तक बारिश के आसार
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पानीपत। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। रविवार रात को ओलावृष्टि के बाद सोमवार और मंगलवार को बादलों की आवाजाही लगी रही। इसे तापमान में कमी आई है। मौसम विशेषज्ञ ने वीरवार से शनिवार तक बारिश के आसार जताए हैं। बारिश की संभावना के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में पिछले सप्ताह अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था जो रविवार रात को ओलावृष्टि के बाद एकदम छह डिग्री कम हुआ। मंगलवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार छह किलोमीटर प्रति घंटा रही। पूरा दिन बादलों की आवाजाही रहने से शाम को ठंड महसूस की गई, वहीं बादल छाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है क्योंकि रविवार को ओलावृष्टि से सरसों व गेहूं की अगेती फसलों को कुछ नुकसान हुआ है और अब आगामी तीन दिन बारिश की संभावना से उन्हें फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।
परढ़ाना निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि इस समय ओलावृष्टि या तेज बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। सरसों व गेहूं की फसल की बालियां हवा के कारण जमीन पर गिरने लगी हैं। वहीं बारिश होने से जमीन में नमी बढ़ जाएगी जिससे उत्पादन कम होने की संभावना बढ़ जाती है। इस समय हल्की धूप के साथ सुबह-शाम की ठंड को फसलों के लिए फायदेमंद है। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि बुधवार को मौसम साफ रह सकता है। वीरवार से शनिवार तक बारिश की संभावना है। तेज बारिश होने से गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसानों को अभी फसलों में सिंचाई करने से बचना चाहिए।
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परढ़ाना निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि इस समय ओलावृष्टि या तेज बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। सरसों व गेहूं की फसल की बालियां हवा के कारण जमीन पर गिरने लगी हैं। वहीं बारिश होने से जमीन में नमी बढ़ जाएगी जिससे उत्पादन कम होने की संभावना बढ़ जाती है। इस समय हल्की धूप के साथ सुबह-शाम की ठंड को फसलों के लिए फायदेमंद है। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि बुधवार को मौसम साफ रह सकता है। वीरवार से शनिवार तक बारिश की संभावना है। तेज बारिश होने से गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसानों को अभी फसलों में सिंचाई करने से बचना चाहिए।