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Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   The construction of the second shed in Bapauli grain market is incomplete for a year.

Panipat News: बापौली अनाज मंडी में एक साल से अधूरा है दूसरे शेड का निर्माण

Mon, 29 Jun 2026 06:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Mon, 29 Jun 2026 06:03 AM IST
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The construction of the second shed in Bapauli grain market is incomplete for a year.
सब्जी मंडी बनाने की निर्धारित की जगह पर खड़ी घास फूस। संवाद
उमेश त्यागी/विपिन त्यागी
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बापौली। बापौली में क्षेत्र के किसानों और आढ़तियों को बेहतर सुविधाएं देने के दावे कागजों तक सिमट कर रह गए हैं। कस्बे की अनाज मंडी इस समय बदहाली और प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रही है। मंडी में एक शेड पहले से बना हुआ है, जबकि दूसरे शेड का निर्माण कार्य पिछले एक साल से अधर में लटका है। इससे भी बदतर स्थिति सब्जी मंडी की है। करीब ढाई साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने समालखा की एक रैली में बापौली अनाज मंडी में सब्जी मंडी बनाने की बड़ी घोषणा की थी। लंबा समय बीतने के बाद भी यहां सब्जी मंडी का निर्माण कार्य शुरू होना तो दूर, एक ईंट तक नहीं लग सकी है। इस लेटलतीफी का खामियाजा क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
अनाज मंडी के अंदर जिस जगह को सब्जी मंडी के लिए चिन्हित किया गया था, आज वहां बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां (खरपतवार) खड़ी हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि क्षेत्र में सब्जी की काफी पैदावार होती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए मजबूरन पानीपत या दिल्ली की आजादपुर मंडी का रुख करना पड़ता है। इससे उनका समय और परिवहन लागत दोनों बढ़ जाते हैं। इस वजह से मुनाफे का बड़ा हिस्सा किराए-भाड़े में ही निकल जाता है। वहीं मंडी में चल रहे दूसरे शेड का निर्माण कार्य पिछले एक साल से बंद पड़ा है। ठेकेदार और मार्केट कमेटी के बीच तालमेल की कमी के कारण पिलर खड़े करके काम को वैसे ही छोड़ दिया गया है। आढ़तियों का कहना है कि गेहूं और धान के सीजन के दौरान मंडी में पैर रखने की जगह नहीं होती। शेड न होने के कारण खुले आसमान के नीचे करोड़ों रुपये का अनाज पड़ा रहता है। बेमौसम बारिश से फसलें भीग जाती हैं, जिससे किसानों और आढ़तियों दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों और व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि अधर में लटके शेड का निर्माण तुरंत पूरा कराकर सब्जी मंडी का काम जल्द शुरू किया जाए। संवाद
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कोट्स फोटो
सब्जी मंडी की जगह पर उगी है जंगली घास
योगेश शर्मा ने बताया कि ढाई साल पहले जब मुख्यमंत्री ने समालखा रैली में सब्जी मंडी की घोषणा की थी, तो हमें उम्मीद बंधी थी कि अब दिल्ली-पानीपत के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार की घोषणा काे ठंडे बस्ते में डाल दिया। आज उस जगह पर जंगली घास उगी हुई है। सरकार को तुरंत काम शुरू कराना चाहिए।
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कोट्स फोटो
मंडी न होने से आढ़तियों और किसानों दोनों को नुकसान
सचिन रावल ने बताया कि बापौली क्षेत्र सब्जी उत्पादन का हब बनता जा रहा है, लेकिन मंडी न होने से आढ़तियों और किसानों दोनों को नुकसान है। अगर अनाज मंडी के अंदर ही सब्जी मंडी सुचारू हो जाए, तो स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और किसानों को उनकी फसल के सही दाम घर के पास ही मिल सकेंगे।


कोट्स फोटो
अधूरे शेड को जल्द पूरा किया जाए
प्रदीप शर्मा ने बताया कि मंडी में दूसरे शेड का काम एक साल से अधूरा पड़ा है। ठेकेदार काम छोड़कर गायब है और अधिकारी दफ्तरों से बाहर नहीं निकलते। सीजन के समय जब बारिश आती है, तो परेशानी बढ़ जाती है। खुले में पड़ा अनाज बचा पाना मुश्किल हो जाता है। इस अधूरे शेड को तुरंत पूरा किया जाए।

कोट्स फोटो
लापरवाही बरतने वालों पर हो कार्रवाई
हरदेव रावल नंबरदार ने बताया कि सरकार किसान हितैषी होने का दम भरती है, लेकिन बापौली मंडी की हालत देखकर दावों की पोल खुल जाती है। एक शेड को बनाने में साल भर से ज्यादा का समय लग रहा है। प्रशासन को इस कछुआ चाल निर्माण कार्य पर संज्ञान लेना चाहिए और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

छोटे किसानों पर सबसे ज्यादा मार
अवनीश रावल ने बताया कि सब्जी मंडी न होने से छोटे किसानों पर सबसे ज्यादा मार पड़ती है। कम मात्रा में सब्जी लेकर दिल्ली जाना व्यावहारिक नहीं होता और पानीपत मंडी में आढ़ती मनमाने दाम लगाते हैं। अगर बापौली में ही निर्धारित जगह पर काम शुरू हो जाए, तो क्षेत्र के सैकड़ों किसान बर्बादी से बच जाएंगे।


सब्जी मंडी का निर्माण युद्ध स्तर पर शुरू हो
शीशपाल रावल ने बताया कि हम दिन-रात मेहनत करके सब्जियां उगाते हैं, लेकिन मंडी के अभाव में बिचौलिए हमारा हक मार जाते हैं। पूर्व सीएम की घोषणा के ढाई साल बाद भी जमीन पर कुछ न होना प्रशासनिक नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है। हमारी मांग है कि सब्जी मंडी का निर्माण युद्ध स्तर पर शुरू हो।

सब्जी मंडी बनाने की निर्धारित की जगह पर खड़ी घास फूस। संवाद

सब्जी मंडी बनाने की निर्धारित की जगह पर खड़ी घास फूस। संवाद

सब्जी मंडी बनाने की निर्धारित की जगह पर खड़ी घास फूस। संवाद

सब्जी मंडी बनाने की निर्धारित की जगह पर खड़ी घास फूस। संवाद

सब्जी मंडी बनाने की निर्धारित की जगह पर खड़ी घास फूस। संवाद

सब्जी मंडी बनाने की निर्धारित की जगह पर खड़ी घास फूस। संवाद

सब्जी मंडी बनाने की निर्धारित की जगह पर खड़ी घास फूस। संवाद

सब्जी मंडी बनाने की निर्धारित की जगह पर खड़ी घास फूस। संवाद

सब्जी मंडी बनाने की निर्धारित की जगह पर खड़ी घास फूस। संवाद

सब्जी मंडी बनाने की निर्धारित की जगह पर खड़ी घास फूस। संवाद

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