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Panipat News: गणित को सरल और रोचक बनाने के लिए लिया जाएगा पहेलियों का सहारा
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पानीपत। सरकारी स्कूलों में गणित विषय को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत अब प्रत्येक शनिवार को स्कूलों में गणितीय गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ाया जा सके।
विभाग के निर्देशानुसार कक्षा पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में पजल कॉर्नर बनाए जाएंगे। यहां विद्यार्थी खेल-खेल में गणित के सवाल हल करेंगे और नई-नई गतिविधियों के माध्यम से विषय को समझेंगे। प्रत्येक शनिवार को स्कूलों में गणितीय पहेलियां प्रदर्शित की जाएंगी, जिन्हें विद्यार्थी स्वयं हल करेंगे।
शिक्षकों को इन गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि सभी विद्यार्थी इसमें भाग लें। विभाग का मानना है कि मनोरंजक तरीके से पढ़ाई करने पर विद्यार्थी कठिन विषयों को भी आसानी से समझ पाते हैं और उनके मन से गणित का डर दूर होता है।
विभाग ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे हर शनिवार इन गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित करें। साथ ही एबीआरसी के माध्यम से इसकी निगरानी की जाएगी और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बाॅक्स
प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में बढ़ेगी रुचि और रचनात्मकता
पजल कॉर्नर के अंतर्गत स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इनमें गणितीय मेहंदी और रंगोली, क्विज, प्रदर्शनी, स्वयं गणितीय आकृतियां बनाना, सुडोकू, गणित तंबोला, गणितज्ञों की जीवनी पर आधारित नाटक व फिल्म, गणित पर कविताएं, कश्मीरी अमृत पजल, पेंटिंग और ड्राइंग प्रतियोगिता शामिल होंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने का नया और रोचक अनुभव मिलेगा जिससे गणित विषय उनके लिए बोझ नहीं बल्कि एक दिलचस्प चुनौती बन जाएगा।
वर्जन-
विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक सोच और समस्या समाधान क्षमता विकसित करना है। पजल कॉर्नर और गणितीय गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में गणित के प्रति रुचि बढ़ेगी। सभी स्कूलों को नियमित रूप से ये गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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शिक्षकों को इन गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि सभी विद्यार्थी इसमें भाग लें। विभाग का मानना है कि मनोरंजक तरीके से पढ़ाई करने पर विद्यार्थी कठिन विषयों को भी आसानी से समझ पाते हैं और उनके मन से गणित का डर दूर होता है।
विभाग ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे हर शनिवार इन गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित करें। साथ ही एबीआरसी के माध्यम से इसकी निगरानी की जाएगी और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में बढ़ेगी रुचि और रचनात्मकता
पजल कॉर्नर के अंतर्गत स्कूलों में विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इनमें गणितीय मेहंदी और रंगोली, क्विज, प्रदर्शनी, स्वयं गणितीय आकृतियां बनाना, सुडोकू, गणित तंबोला, गणितज्ञों की जीवनी पर आधारित नाटक व फिल्म, गणित पर कविताएं, कश्मीरी अमृत पजल, पेंटिंग और ड्राइंग प्रतियोगिता शामिल होंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने का नया और रोचक अनुभव मिलेगा जिससे गणित विषय उनके लिए बोझ नहीं बल्कि एक दिलचस्प चुनौती बन जाएगा।
वर्जन-
विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक सोच और समस्या समाधान क्षमता विकसित करना है। पजल कॉर्नर और गणितीय गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में गणित के प्रति रुचि बढ़ेगी। सभी स्कूलों को नियमित रूप से ये गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।

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