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Panipat News: गांजा तस्करी के दो दोषियों को 20-20 साल की कैद, विशाखापट्टनम मंगवाई थी 330 किग्रा खेप
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पानीपत। विशाखापट्टनम से गांजा की खेप मंगवाकर पानीपत में सप्लाई करने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत ने दोनों दोषियों राजेश निवासी पसीना कलां व मदन निवासी नारायणा को 20-20 साल की कैद और दो-दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए। ओडिशा निवासी एक आरोपी को सबूतों के अभाव में आरोपों से मुक्त कर बरी कर दिया गया है।
उप जिला न्यायवादी कुलदीप सिंह ढुल ने बताया कि सीआईए-3 टीम में तैनात प्रेम सिंह ने 15 अगस्त 2019 को समालखा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वह अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। उसी समय मुखबिर से सूचना मिली कि नारायणा गांव में मदन ने एक खेत ठेके पर ले रखा है। खेत में बने कोठे में बड़ी मात्रा में गांजा पत्ती की सप्लाई की जा रही है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने दबिश दी। कोठे में चारपाई पर बैठे राजेश निवासी पसीना कलां को मौके से गिरफ्तार कर लिया जबकि मदन मौके से भाग गया। कुछ दिन बाद पुलिस ने मदन को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से 17 कट्टों में रखी 330 किग्रा गांजा पत्ती बरामद की।
पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसमें राजेश और मदन ने बताया कि वह दोनों दोस्त हैं। राजेश गांजा तस्करी का काम करता है और उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ में भी प्राथमिकी दर्ज है। राजेश ने उसे बताया था कि वह विशाखापट्टनम से गांजे की खेप मंगवा रहा है। जिसे छिपाने के लिए जगह चाहिए। मदन ने अपने कोठे में गांजा रखवा लिया और इसके लिए 50 हजार रुपये लेना तय किया था, जिसमें से पांच हजार रुपये एडवांस में ले लिए थे। पुलिस ने एक अन्य आरोपी माणिक निवासी कोरापुट उड़ीसा को भी गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की स्पेशल एनडीपीएस एक्ट अदालत में हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपियों राजेश व मदन को दोषी करार देते हुए 20-20 साल कैद की सजा सुनाई।
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उप जिला न्यायवादी कुलदीप सिंह ढुल ने बताया कि सीआईए-3 टीम में तैनात प्रेम सिंह ने 15 अगस्त 2019 को समालखा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वह अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। उसी समय मुखबिर से सूचना मिली कि नारायणा गांव में मदन ने एक खेत ठेके पर ले रखा है। खेत में बने कोठे में बड़ी मात्रा में गांजा पत्ती की सप्लाई की जा रही है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने दबिश दी। कोठे में चारपाई पर बैठे राजेश निवासी पसीना कलां को मौके से गिरफ्तार कर लिया जबकि मदन मौके से भाग गया। कुछ दिन बाद पुलिस ने मदन को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से 17 कट्टों में रखी 330 किग्रा गांजा पत्ती बरामद की।
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पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसमें राजेश और मदन ने बताया कि वह दोनों दोस्त हैं। राजेश गांजा तस्करी का काम करता है और उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ में भी प्राथमिकी दर्ज है। राजेश ने उसे बताया था कि वह विशाखापट्टनम से गांजे की खेप मंगवा रहा है। जिसे छिपाने के लिए जगह चाहिए। मदन ने अपने कोठे में गांजा रखवा लिया और इसके लिए 50 हजार रुपये लेना तय किया था, जिसमें से पांच हजार रुपये एडवांस में ले लिए थे। पुलिस ने एक अन्य आरोपी माणिक निवासी कोरापुट उड़ीसा को भी गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की स्पेशल एनडीपीएस एक्ट अदालत में हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपियों राजेश व मदन को दोषी करार देते हुए 20-20 साल कैद की सजा सुनाई।