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Rewari News: गांंवों में विकास कार्यों पर खर्च होंगे 16.75 करोड़ रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:19 AM IST
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रेस्ट हाउस में जिला परिषद की बैठक लेते चेयरमैन मनोज कुमार। संवाद
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रेवाड़ी। चेयरमैन मनोज कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को रेस्ट हाउस में हुई जिला परिषद की साधारण बैठक में 253 गांवों में विकास कार्यों पर 16.75 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। गढ़ी बोलनी रोड पर आउटर बाईपास के पुल के पास राव बिरेंद्र सिंह के नाम से चौक बनाने का प्रस्ताव पास हुआ।
बैठक में जिला परिषद से जुड़े प्रशासनिक, वित्तीय और विकास कार्यों से संबंधित सात प्रमुख बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। गांवों में विकास कार्यों की स्थिति, मरम्मत कार्य , ठेकेदारों की कार्यप्रणाली और भुगतान व्यवस्था को लेकर गहन चर्चा की गई। जिला पार्षदों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और प्रशासन का ध्यान जमीनी स्तर पर आ रही दिक्कतों की ओर केंद्रित किया।
सबसे पहले 18 दिसंबर 2025 को हुई पिछली साधारण बैठक की कार्रवाई की पुष्टि की गई। इसके बाद जिला परिषद को स्टांप ड्यूटी से प्राप्त राशि से करवाए जाने वाले विकास कार्यों की सूची सदन के समक्ष रखी गई। मुख्यालय की ओर से जारी स्टांप शुल्क राशि 17.09 करोड़ रुपये है, जिसमें से 16.75 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। यह राशि 253 गांव में विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।
जिला परिषद की स्वयं की आय से किए गए खर्च का विवरण दिया गया। इसमें 6 दिसंबर 2025 से 29 जनवरी 2026 तक जिला परिषद कार्यालय में एसी लगवाने, इंटरनेट बिल, प्रिंटर स्टेशनरी, चाय-पानी आदि पर 85,170 रुपये और 2 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी से परिचारक के वेतन के लिए 17,550 रुपये खर्च किए करने की स्वीकृति शामिल रही।
विधायक, उपायुक्त, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा ग्राम पंचायतों से प्राप्त विकास कार्यों के प्रस्ताव सदन में रखे गए।पिछली बैठक में अनुमोदित दो कार्यों को त्रुटिवश गलत अंकित होने के कारण निरस्त करने का प्रस्ताव रखा गया।
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बैठक में पार्षदों ने उठाए ये मुद्दे:
बैठक में पार्षदों ने कहा कि कई ठेकेदार समय पर कार्य नहीं करा रहे हैं जिससे सड़क, नाली, भवन मरम्मत जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जो ठेकेदार ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं, उन्हें समय से भुगतान नहीं मिल पा रहा है। यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया कि जिन गांवों में जिला पार्षद और सरपंचों के बीच आपसी तालमेल नहीं है, वहां विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। पार्षदों ने मांग की है कि ऐसे गांवों में जिला प्रशासन अपने स्तर पर भुगतान की व्यवस्था करे ताकि आपसी खींचतान के कारण ग्रामीणों को विकास से वंचित न रहना पड़े।
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पशुपालकों को मुआवजा देने की भी मांग
पार्षदों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चोरी की वारदात हो रही हैं। ऐसे में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। पशु चोरी के मामलों में पशुपालकों को उचित मुआवजा दिया जाए। पार्षदों ने गांवों में लगाए जाने वाले सूचनात्मक बोर्ड जर्जर हो गए हैं या लगे ही नहीं हैं। बैठक में गांवों में सीसीटीवी कैमरे और वाटर कूलर लगाए जाने की मांग भी रखी गई।
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वर्जन:
जिला परिषद की बैठक में 16.75 करोड़ रुपये से विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। पूर्व सीएम राव बिरेंद्र सिंह के नाम से चौक बनाने का प्रस्ताव भी पास किया गया है। पार्षदों ने 253 विकास कार्यों को लेकर जो लिस्ट सौंपी है, उसकी फिजिबिल रिपोर्ट पहले तैयार होगी। फिर फाइनल होकर आएगा कि कितने गांव में विकास कार्य होंगे। -मनोज कुमार, जिला परिषद प्रधान
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बैठक में जिला परिषद से जुड़े प्रशासनिक, वित्तीय और विकास कार्यों से संबंधित सात प्रमुख बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। गांवों में विकास कार्यों की स्थिति, मरम्मत कार्य , ठेकेदारों की कार्यप्रणाली और भुगतान व्यवस्था को लेकर गहन चर्चा की गई। जिला पार्षदों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और प्रशासन का ध्यान जमीनी स्तर पर आ रही दिक्कतों की ओर केंद्रित किया।
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सबसे पहले 18 दिसंबर 2025 को हुई पिछली साधारण बैठक की कार्रवाई की पुष्टि की गई। इसके बाद जिला परिषद को स्टांप ड्यूटी से प्राप्त राशि से करवाए जाने वाले विकास कार्यों की सूची सदन के समक्ष रखी गई। मुख्यालय की ओर से जारी स्टांप शुल्क राशि 17.09 करोड़ रुपये है, जिसमें से 16.75 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। यह राशि 253 गांव में विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।
जिला परिषद की स्वयं की आय से किए गए खर्च का विवरण दिया गया। इसमें 6 दिसंबर 2025 से 29 जनवरी 2026 तक जिला परिषद कार्यालय में एसी लगवाने, इंटरनेट बिल, प्रिंटर स्टेशनरी, चाय-पानी आदि पर 85,170 रुपये और 2 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी से परिचारक के वेतन के लिए 17,550 रुपये खर्च किए करने की स्वीकृति शामिल रही।
विधायक, उपायुक्त, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा ग्राम पंचायतों से प्राप्त विकास कार्यों के प्रस्ताव सदन में रखे गए।पिछली बैठक में अनुमोदित दो कार्यों को त्रुटिवश गलत अंकित होने के कारण निरस्त करने का प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में पार्षदों ने उठाए ये मुद्दे:
बैठक में पार्षदों ने कहा कि कई ठेकेदार समय पर कार्य नहीं करा रहे हैं जिससे सड़क, नाली, भवन मरम्मत जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जो ठेकेदार ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं, उन्हें समय से भुगतान नहीं मिल पा रहा है। यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया कि जिन गांवों में जिला पार्षद और सरपंचों के बीच आपसी तालमेल नहीं है, वहां विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। पार्षदों ने मांग की है कि ऐसे गांवों में जिला प्रशासन अपने स्तर पर भुगतान की व्यवस्था करे ताकि आपसी खींचतान के कारण ग्रामीणों को विकास से वंचित न रहना पड़े।
पशुपालकों को मुआवजा देने की भी मांग
पार्षदों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चोरी की वारदात हो रही हैं। ऐसे में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। पशु चोरी के मामलों में पशुपालकों को उचित मुआवजा दिया जाए। पार्षदों ने गांवों में लगाए जाने वाले सूचनात्मक बोर्ड जर्जर हो गए हैं या लगे ही नहीं हैं। बैठक में गांवों में सीसीटीवी कैमरे और वाटर कूलर लगाए जाने की मांग भी रखी गई।
वर्जन:
जिला परिषद की बैठक में 16.75 करोड़ रुपये से विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। पूर्व सीएम राव बिरेंद्र सिंह के नाम से चौक बनाने का प्रस्ताव भी पास किया गया है। पार्षदों ने 253 विकास कार्यों को लेकर जो लिस्ट सौंपी है, उसकी फिजिबिल रिपोर्ट पहले तैयार होगी। फिर फाइनल होकर आएगा कि कितने गांव में विकास कार्य होंगे। -मनोज कुमार, जिला परिषद प्रधान
