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Rewari News: 19 वर्ष पुराने विवाद का मध्यस्थता से हुआ समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 09 Jun 2026 12:03 AM IST
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रेवाड़ी। विशेष लोक अदालत अभियान समाधान समारोह के अंतर्गत 19 वर्षों से लंबित एक विवाद का वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) केंद्र के मध्यस्थता केंद्र में निपटारा कर दिया गया। लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में उलझे इस मामले का समाधान होने से दोनों पक्षों को बड़ी राहत मिली है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. रेनू सोलखे ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से देशभर में समाधान समारोह अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वर्षों से लंबित मामलों का आपसी सहमति, संवाद और मध्यस्थता के माध्यम से प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि रेवाड़ी से संबंधित एक मामला जो पिछले 19 वर्षों से विभिन्न न्यायिक स्तरों पर लंबित रहने के बाद वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन था। इस मामले को मध्यस्थता केंद्र में आयोजित कई दौर की बैठकों के पश्चात दोनों पक्षों की सहमति से सुलझा लिया गया।
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इस प्रक्रिया में मध्यस्थ अनुराधा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समझौते के माध्यम से विवाद का सौहार्दपूर्ण अंत हुआ तथा दोनों पक्षों को लंबे समय से चले आ रहे मुकदमे से राहत मिली।
डॉ. रेनू सोलखे ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता, सुलह एवं लोक अदालत जैसे वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र का अधिकाधिक लाभ उठाएं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. रेनू सोलखे ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय की ओर से देशभर में समाधान समारोह अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वर्षों से लंबित मामलों का आपसी सहमति, संवाद और मध्यस्थता के माध्यम से प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है।
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उन्होंने बताया कि रेवाड़ी से संबंधित एक मामला जो पिछले 19 वर्षों से विभिन्न न्यायिक स्तरों पर लंबित रहने के बाद वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन था। इस मामले को मध्यस्थता केंद्र में आयोजित कई दौर की बैठकों के पश्चात दोनों पक्षों की सहमति से सुलझा लिया गया।
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इस प्रक्रिया में मध्यस्थ अनुराधा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समझौते के माध्यम से विवाद का सौहार्दपूर्ण अंत हुआ तथा दोनों पक्षों को लंबे समय से चले आ रहे मुकदमे से राहत मिली।
डॉ. रेनू सोलखे ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता, सुलह एवं लोक अदालत जैसे वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र का अधिकाधिक लाभ उठाएं।