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Rewari News: सीवरेज व पेयजल व्यवस्था सुधरेगी 244 करोड़ की परियोजना की तैयार
Fri, 10 Jul 2026 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 10 Jul 2026 12:03 AM IST
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सीवर से निकल रहा गंदा पानी। संवाद
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रेवाड़ी। शहर की जर्जर सीवरेज और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 244 करोड़ रुपये की दो बड़ी परियोजनाएं तैयार की हैं। इनमें 150 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज व्यवस्था सुधारी जाएगी। 94 करोड़ रुपये से पेयजल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद दोनों परियोजनाओं पर काम शुरू हो जाएगा।
सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तैयार मास्टर प्लान को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है। अब इसे अंतिम प्रशासनिक मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया है। पहले शहर में सीवर और पेयजल लाइनों के सुधार अमृत-2 योजना के तहत नगर परिषद के माध्यम से कराया जाना था।
बाद में सरकार ने इस योजना की जिम्मेदारी जन स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी। इसके बाद योजना में बदलाव करते हुए इन कार्यों को अमृत-2 के बजाय राज्य योजना (स्टेट प्लान) के तहत कराने का निर्णय लिया गया। अब इन परियोजनाओं का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
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सीवरेज परियोजना के तहत शहर की पुरानी और क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों को बदला जाएगा तथा जरूरत वाले क्षेत्रों में नई लाइनें बिछाई जाएंगी। इससे सीवर ओवरफ्लो, जलभराव और गंदे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
करीब 94 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना के तहत पुरानी और लीकेज वाली जलापूर्ति लाइनों को बदला जाएगा। इसके अलावा अवैध पानी के कनेक्शनों को नियमित किया जाएगा, नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे तथा पानी की बर्बादी रोकने के लिए घरों में वाटर मीटर लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री से प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही दोनों परियोजनाओं पर कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इन योजनाओं के पूरा होने के बाद शहर की वर्षों पुरानी सीवर और पेयजल संबंधी समस्याओं में काफी हद तक सुधार आने की उम्मीद है।
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सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तैयार मास्टर प्लान को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है। अब इसे अंतिम प्रशासनिक मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया है। पहले शहर में सीवर और पेयजल लाइनों के सुधार अमृत-2 योजना के तहत नगर परिषद के माध्यम से कराया जाना था।
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बाद में सरकार ने इस योजना की जिम्मेदारी जन स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी। इसके बाद योजना में बदलाव करते हुए इन कार्यों को अमृत-2 के बजाय राज्य योजना (स्टेट प्लान) के तहत कराने का निर्णय लिया गया। अब इन परियोजनाओं का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
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सीवरेज परियोजना के तहत शहर की पुरानी और क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों को बदला जाएगा तथा जरूरत वाले क्षेत्रों में नई लाइनें बिछाई जाएंगी। इससे सीवर ओवरफ्लो, जलभराव और गंदे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
करीब 94 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना के तहत पुरानी और लीकेज वाली जलापूर्ति लाइनों को बदला जाएगा। इसके अलावा अवैध पानी के कनेक्शनों को नियमित किया जाएगा, नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे तथा पानी की बर्बादी रोकने के लिए घरों में वाटर मीटर लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री से प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही दोनों परियोजनाओं पर कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इन योजनाओं के पूरा होने के बाद शहर की वर्षों पुरानी सीवर और पेयजल संबंधी समस्याओं में काफी हद तक सुधार आने की उम्मीद है।