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Rewari News: मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:30 PM IST
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करती आशा कार्यकर्ता। स्रोत: यूनियन
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रेवाड़ी। केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी से संबद्ध आशा कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा की सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पहले कार्यकर्ता स्थानीय नेहरू पार्क में एकत्रित हुईं और सभा कर समस्याओं को रखा।
जिला सचिव संतोष यादव ने कहा कि आशा कार्यकर्ता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे सेवाएं देती हैं। प्रसूता महिलाओं को अस्पताल ले जाने सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें केवल 6100 रुपये मासिक मानदेय मिलता है, जो महंगाई के दौर में बेहद कम है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को स्थायी कर्मचारी घोषित कर 28 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने की मांग की।
एआईयूटीयूसी के जिला सचिव शेर सिंह मीरपुर ने कहा कि कोरोना काल में आशा कार्यकर्ताओं ने फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में अहम भूमिका निभाई थी लेकिन आज भी उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा। उन्होंने सरकार से उनकी सभी मांगें जल्द पूरी करने का आग्रह किया। यूनियन नेताओं ने एएनएम के 25 प्रतिशत पद आशा कार्यकर्ताओं से भरने, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, रिटायरमेंट सहायता राशि 5 लाख रुपये करने, मासिक पेंशन, यूनिफॉर्म भत्ता बढ़ाने तथा रात्रि ड्यूटी भत्ता देने की मांग भी उठाई।
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इसके अलावा सेवा के दौरान मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा, घायल होने पर उचित इलाज और आशा फैसिलिटेटरों को अतिरिक्त मानदेय देने की मांग भी की गई। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान, स्थानीय शिकायत निवारण तंत्र की स्थापना और स्वीकृत मांगों को शीघ्र लागू करने की मांग की गई। प्रदर्शन में जिलेभर की अनेक आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
जिला सचिव संतोष यादव ने कहा कि आशा कार्यकर्ता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे सेवाएं देती हैं। प्रसूता महिलाओं को अस्पताल ले जाने सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें केवल 6100 रुपये मासिक मानदेय मिलता है, जो महंगाई के दौर में बेहद कम है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को स्थायी कर्मचारी घोषित कर 28 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने की मांग की।
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एआईयूटीयूसी के जिला सचिव शेर सिंह मीरपुर ने कहा कि कोरोना काल में आशा कार्यकर्ताओं ने फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में अहम भूमिका निभाई थी लेकिन आज भी उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल रहा। उन्होंने सरकार से उनकी सभी मांगें जल्द पूरी करने का आग्रह किया। यूनियन नेताओं ने एएनएम के 25 प्रतिशत पद आशा कार्यकर्ताओं से भरने, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, रिटायरमेंट सहायता राशि 5 लाख रुपये करने, मासिक पेंशन, यूनिफॉर्म भत्ता बढ़ाने तथा रात्रि ड्यूटी भत्ता देने की मांग भी उठाई।
इसके अलावा सेवा के दौरान मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा, घायल होने पर उचित इलाज और आशा फैसिलिटेटरों को अतिरिक्त मानदेय देने की मांग भी की गई। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतान, स्थानीय शिकायत निवारण तंत्र की स्थापना और स्वीकृत मांगों को शीघ्र लागू करने की मांग की गई। प्रदर्शन में जिलेभर की अनेक आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।