{"_id":"6a245ab4103dd379600a0855","slug":"balvatika-3-children-will-get-rs-1000-for-uniform-and-stationery-rewari-news-c-198-1-fth1001-239728-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: बालवाटिका-3 के बच्चों को वर्दी और स्टेशनरी के लिए मिलेंगे 1000 रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: बालवाटिका-3 के बच्चों को वर्दी और स्टेशनरी के लिए मिलेंगे 1000 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 06 Jun 2026 11:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिले के सरकारी विद्यालयों की बालवाटिका-3 में अध्ययनरत बच्चों को वर्दी और स्टेशनरी के लिए एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे बच्चों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
शिक्षा विभाग ने योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र विद्यार्थियों का सत्यापन कराया जा रहा है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 800 रुपये वर्दी के लिए और 200 रुपये स्टेशनरी के लिए दिए जाएंगे। इससे बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।
जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में बालवाटिका-3 की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। विभाग की ओर से स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र विद्यार्थियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करें ताकि समय पर अनुदान राशि जारी की जा सके।
विज्ञापन
योजना का लाभ केवल उन्हीं बच्चों को मिलेगा जो सरकारी विद्यालयों में नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं और जिनकी जानकारी विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज है।
बच्चों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद
शिक्षा विभाग का मानना है कि प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से उनकी पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी। इसके साथ ही बालवाटिका-3 से पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं करा पाते हैं। ऐसे में यह सहायता उनके लिए काफी लाभदायक साबित होगी।
-- -- -
वर्जन :
योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ना भी है। इस पहल से सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ेगा। बच्चों की उपस्थिति में सुधार होगा और शिक्षा के प्रति अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत होगा। योजना के तहत राशि जल्द ही पात्र लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।- अरविंद यादव, उप जिला शिक्षा अधिकारी।
शिक्षा विभाग ने योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र विद्यार्थियों का सत्यापन कराया जा रहा है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 800 रुपये वर्दी के लिए और 200 रुपये स्टेशनरी के लिए दिए जाएंगे। इससे बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में बालवाटिका-3 की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। विभाग की ओर से स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र विद्यार्थियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करें ताकि समय पर अनुदान राशि जारी की जा सके।
Trending Videos
योजना का लाभ केवल उन्हीं बच्चों को मिलेगा जो सरकारी विद्यालयों में नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं और जिनकी जानकारी विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज है।
बच्चों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद
शिक्षा विभाग का मानना है कि प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से उनकी पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी। इसके साथ ही बालवाटिका-3 से पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं करा पाते हैं। ऐसे में यह सहायता उनके लिए काफी लाभदायक साबित होगी।
वर्जन :
योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ना भी है। इस पहल से सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ेगा। बच्चों की उपस्थिति में सुधार होगा और शिक्षा के प्रति अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत होगा। योजना के तहत राशि जल्द ही पात्र लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।- अरविंद यादव, उप जिला शिक्षा अधिकारी।