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Rewari News: स्तनपान से मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य बेहतर
Sat, 01 Aug 2026 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:33 PM IST
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विश्व स्तनपान को लेकर जागरूक करते कर्मचारी। स्रोेत : विभाग
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रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शनिवार को विश्व स्तनपान जागरूकता सप्ताह की शुरुआत की गई। इसके तहत नागरिक अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में महिलाओं को स्तनपान को लेकर जागरूक किया गया। यह अभियान 1 से 7 अगस्त तक चलेगा।
इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया ने कहा कि नवजात शिशु को जन्म के पहले एक घंटे के भीतर मां का दूध अवश्य पिलाना चाहिए। मां का पहला दूध शिशु के लिए अमृत के समान होता है, जिससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। स्तनपान से मां और शिशु दोनों की सेहत अच्छी रहती है।
उन्होंने बताया कि सप्ताहभर चलने वाले अभियान के दौरान जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आशा कार्यकर्ता, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्तनपान के सही तरीके, संतुलित आहार तथा शिशु देखभाल संबंधी आवश्यक जानकारी देंगे।
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सिविल सर्जन ने बताया कि स्तनपान केवल शिशु के लिए ही नहीं, बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। इससे प्रसव के बाद मां के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होता है तथा कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम होता है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में परामर्श सत्र, समूह बैठकें, पोस्टर प्रदर्शनी और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
नोडल अधिकारी डॉ. भंवर सिंह ने सभी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से अपील की है कि वे जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लें और स्तनपान से जुड़ी सही जानकारी प्राप्त करें, ताकि प्रत्येक नवजात को जीवन की शुरुआत से ही बेहतर पोषण और सुरक्षित स्वास्थ्य मिल सके।
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इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. नरेंद्र दहिया ने कहा कि नवजात शिशु को जन्म के पहले एक घंटे के भीतर मां का दूध अवश्य पिलाना चाहिए। मां का पहला दूध शिशु के लिए अमृत के समान होता है, जिससे उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। स्तनपान से मां और शिशु दोनों की सेहत अच्छी रहती है।
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उन्होंने बताया कि सप्ताहभर चलने वाले अभियान के दौरान जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आशा कार्यकर्ता, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को स्तनपान के सही तरीके, संतुलित आहार तथा शिशु देखभाल संबंधी आवश्यक जानकारी देंगे।
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सिविल सर्जन ने बताया कि स्तनपान केवल शिशु के लिए ही नहीं, बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। इससे प्रसव के बाद मां के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होता है तथा कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम होता है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में परामर्श सत्र, समूह बैठकें, पोस्टर प्रदर्शनी और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
नोडल अधिकारी डॉ. भंवर सिंह ने सभी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से अपील की है कि वे जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लें और स्तनपान से जुड़ी सही जानकारी प्राप्त करें, ताकि प्रत्येक नवजात को जीवन की शुरुआत से ही बेहतर पोषण और सुरक्षित स्वास्थ्य मिल सके।