{"_id":"6a6e395782b9efb60e0fd904","slug":"fines-will-be-imposed-on-those-dumping-garbage-in-the-open-in-the-city-rewari-news-c-198-1-rew1001-242886-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: शहर में खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर लगेगा जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: शहर में खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर लगेगा जुर्माना
Sat, 01 Aug 2026 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:52 PM IST
विज्ञापन
अनाज मंडी मार्ग के पास बिखरा पड़ा कूड़ा। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। नगर परिषद प्रशासन शहर में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। खुले में कूड़ा-कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। आगामी चार अगस्त को होने वाली नगर परिषद हाउस की पहली बैठक में इस प्रस्ताव को पार्षदों के समक्ष रखा जाएगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद नियम बनाकर कार्रवाई की जाएगी।
शहर में इन दिनों जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। खाली प्लॉट, सड़क के किनारे, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग बिना किसी रोक-टोक के कूड़ा-कचरा फेंक रहे हैं। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि गंदगी और दुर्गंध के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के मौसम में स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब बारिश होने के बाद कूड़े में सड़ने से बदबू फैल जाती है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
नगर परिषद की चेयरपर्सन विनीता पीपल ने भी माना है कि शहर की सफाई व्यवस्था इस समय सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। नगर परिषद का मानना है कि जुर्माने की व्यवस्था लागू होने से लोग खुले में कूड़ा फेंकने से बचेंगे और शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा।
नगर परिषद बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद जुर्माने की राशि, कार्रवाई की प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था तय की जाएगी। नगर परिषद का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाना है, ताकि नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके।
शहर में पांच डंप साइट
वर्तमान में शहर में पांच डंप साइट बनाई गई हैं लेकिन कई स्थानों पर डंप साइटों से कूड़ा बाहर सड़क तक फैल जाता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। खासकर फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास स्थित डंप साइट पर अक्सर कूड़ा सड़क तक पहुंच जाता है। उड़ता हुआ कचरा और दुर्गंध से दुकानदारों का व्यापार प्रभावित होता है।
बैठक में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने पर होगी चर्चा
नगर परिषद की 4 अगस्त को होने वाली पहली बैठक में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होगी। प्रमुख एजेंडे में सफाई के लिए आवश्यक उपकरण एवं सामान की खरीद, सफाई कर्मचारियों की भर्ती और शहर के नालों की सफाई के लिए छोटी जेसीबी मशीन खरीदने का प्रस्ताव शामिल है। नगर परिषद का मानना है कि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद सफाई कार्यों में तेजी आएगी और शहर की स्वच्छता व्यवस्था में काफी हद तक सुधार देखने को मिलेगा।
सफाई कर्मचारियों की कमी से पैदा हो रही समस्या
शहर में तीन लाख की आबादी पर करीब 320 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। आबादी को देखते हुए यह संख्या कम है। करीब 170 सफाई कर्मचारियों की और जरूरत है। शहर में कुल 32 वार्ड हैं। कर्मचारियों की कमी से नियमित सफाई नहीं होती जिससे अधिकतर वार्डों में जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जिनमें सफाई व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। सफाईकर्मियों की कमी कूड़े के उठान में बाधक बनी हुई है। शहर में रोजाना 110 टन कूड़ा निकलता है। शहर के 80 फीसदी लोग अब भी अपने घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कूड़े को अलग नहीं कर रहे हैं।
वर्जन
केवल नगर परिषद के प्रयासों से शहर को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता, बल्कि नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। लोग यदि निर्धारित स्थानों पर ही कूड़ा डालेंगे तो सफाई व्यवस्था सुधरेगी। सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए जुर्माना लगाने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है।-विनीता पीपल, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
विज्ञापन
शहर में इन दिनों जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। खाली प्लॉट, सड़क के किनारे, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग बिना किसी रोक-टोक के कूड़ा-कचरा फेंक रहे हैं। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि गंदगी और दुर्गंध के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बारिश के मौसम में स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब बारिश होने के बाद कूड़े में सड़ने से बदबू फैल जाती है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन
नगर परिषद की चेयरपर्सन विनीता पीपल ने भी माना है कि शहर की सफाई व्यवस्था इस समय सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। नगर परिषद का मानना है कि जुर्माने की व्यवस्था लागू होने से लोग खुले में कूड़ा फेंकने से बचेंगे और शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा।
नगर परिषद बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद जुर्माने की राशि, कार्रवाई की प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था तय की जाएगी। नगर परिषद का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाना है, ताकि नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके।
शहर में पांच डंप साइट
वर्तमान में शहर में पांच डंप साइट बनाई गई हैं लेकिन कई स्थानों पर डंप साइटों से कूड़ा बाहर सड़क तक फैल जाता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। खासकर फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास स्थित डंप साइट पर अक्सर कूड़ा सड़क तक पहुंच जाता है। उड़ता हुआ कचरा और दुर्गंध से दुकानदारों का व्यापार प्रभावित होता है।
बैठक में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने पर होगी चर्चा
नगर परिषद की 4 अगस्त को होने वाली पहली बैठक में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होगी। प्रमुख एजेंडे में सफाई के लिए आवश्यक उपकरण एवं सामान की खरीद, सफाई कर्मचारियों की भर्ती और शहर के नालों की सफाई के लिए छोटी जेसीबी मशीन खरीदने का प्रस्ताव शामिल है। नगर परिषद का मानना है कि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद सफाई कार्यों में तेजी आएगी और शहर की स्वच्छता व्यवस्था में काफी हद तक सुधार देखने को मिलेगा।
सफाई कर्मचारियों की कमी से पैदा हो रही समस्या
शहर में तीन लाख की आबादी पर करीब 320 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। आबादी को देखते हुए यह संख्या कम है। करीब 170 सफाई कर्मचारियों की और जरूरत है। शहर में कुल 32 वार्ड हैं। कर्मचारियों की कमी से नियमित सफाई नहीं होती जिससे अधिकतर वार्डों में जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जिनमें सफाई व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। सफाईकर्मियों की कमी कूड़े के उठान में बाधक बनी हुई है। शहर में रोजाना 110 टन कूड़ा निकलता है। शहर के 80 फीसदी लोग अब भी अपने घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कूड़े को अलग नहीं कर रहे हैं।
वर्जन
केवल नगर परिषद के प्रयासों से शहर को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता, बल्कि नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। लोग यदि निर्धारित स्थानों पर ही कूड़ा डालेंगे तो सफाई व्यवस्था सुधरेगी। सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए जुर्माना लगाने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है।-विनीता पीपल, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।