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Rewari News: नई इलेक्ट्रिक बसों के लिए पुराने बस स्टैंड में बनेगा चार्जिंग स्टेशन, रूट भी निर्धारित
Fri, 31 Jul 2026 12:20 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:20 AM IST
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रेवाड़ी बस स्टैंड पर खड़ी इलेक्ट्रिक बसें। संवाद
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रेवाड़ी। स्थानीय रेवाड़ी रोडवेज डिपो को अगस्त के अंतिम सप्ताह में पांच और नई इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। इसके बाद इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। ऐसे में डिपो परिसर में दूसरा चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। राज्य परिवहन विभाग की कमेटी ने पांच नई इलेक्ट्रिक बसों के लिए रूटों का सर्वे किया है।
कमेटी ने यात्रियों की संख्या और परिवहन की आवश्यकता के आधार पर पांच प्रमुख मार्गों का चयन किया है। नई बसों के संचालन से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल यात्रा का लाभ मिलेगा।
वर्तमान में रेवाड़ी डिपो के पास पांच इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिनका संचालन सीमित स्थानीय रूटों पर किया जा रहा है। अगस्त के अंत तक मिलने वाली पांच अन्य नई इलेक्ट्रिक बसों को उन मार्गों पर चलाया जाएगा, जहां यात्रियों की संख्या अधिक है और बसों की उपलब्धता अपेक्षाकृत कम है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा और यात्रियों को बसों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। संवाद
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इन रूटों पर चलेंगी नई ई-बसें
परिवहन विभाग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन रेवाड़ी-कोसली, रेवाड़ी-शाहजहांपुर वाया भाड़ावास, रेवाड़ी-कोटकासिम, बस डिपो से इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर और रेवाड़ी-भिवाड़ी रूटों पर किया जाएगा। प्रत्येक बस प्रतिदिन चार से पांच फेरे लगाएगी। इन मार्गों पर नियमित और पर्याप्त बस सेवा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य जिलों के यात्रियों को अधिक लाभ मिलेगा।
दूसरा चार्जिंग स्टेशन खुलने से होगी सहूलियत
नई बसों के संचालन के साथ चार्जिंग व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। वर्तमान में डिपो में केवल एक चार्जिंग स्टेशन होने के कारण बसों को दो शिफ्टों में चार्ज करना पड़ता है। पांच अतिरिक्त बसों के आने के बाद चार्जिंग व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए दूसरा चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद सभी बसों की चार्जिंग अधिक व्यवस्थित और कम समय में हो सकेगी, जिससे संचालन भी प्रभावित नहीं होगा। स्थायी चार्जिंग स्टेशन नए बस स्टैंड में 13 करोड़ की लागत से बनेगा।
प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
औद्योगिक क्षेत्र के रूप में लगातार विकसित हो रहे जिले में प्रदूषण के स्तर को सामान्य बनाए रखने की चुनौती बढ़ रही है। वहीं इलेक्ट्रिक बसें डीजल बसों की तुलना में शून्य उत्सर्जन करती हैं और वातावरण में हानिकारक गैसों का उत्सर्जन नहीं करतीं। इससे शहर में वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। डीजल की खपत में कमी आने से परिवहन विभाग के परिचालन खर्च में भी राहत मिलने की संभावना है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन बसों में यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति पर तेजी से काम कर रही है। इसी दिशा में रेवाड़ी डिपो में भी चरणबद्ध तरीके से सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि भविष्य में यात्रियों की आवश्यकता और सरकार की योजना के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में और वृद्धि की जाएगी।
वर्जन
पांच नई इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में शामिल होने से परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी। दूसरा चार्जिंग स्टेशन बनने के बाद बसों के संचालन में परेशानी नहीं रहेगी। स्थानीय रूटों का सर्वे पूरा हो चुका है और बसें मिलते ही चयनित मार्गों पर नई बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत भविष्य में भी डिपो के बेड़े में और इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना है।- निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक, राज्य परिवहन रेवाड़ी डिपो।
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कमेटी ने यात्रियों की संख्या और परिवहन की आवश्यकता के आधार पर पांच प्रमुख मार्गों का चयन किया है। नई बसों के संचालन से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल यात्रा का लाभ मिलेगा।
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वर्तमान में रेवाड़ी डिपो के पास पांच इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिनका संचालन सीमित स्थानीय रूटों पर किया जा रहा है। अगस्त के अंत तक मिलने वाली पांच अन्य नई इलेक्ट्रिक बसों को उन मार्गों पर चलाया जाएगा, जहां यात्रियों की संख्या अधिक है और बसों की उपलब्धता अपेक्षाकृत कम है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा और यात्रियों को बसों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। संवाद
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इन रूटों पर चलेंगी नई ई-बसें
परिवहन विभाग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन रेवाड़ी-कोसली, रेवाड़ी-शाहजहांपुर वाया भाड़ावास, रेवाड़ी-कोटकासिम, बस डिपो से इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (आईजीयू) मीरपुर और रेवाड़ी-भिवाड़ी रूटों पर किया जाएगा। प्रत्येक बस प्रतिदिन चार से पांच फेरे लगाएगी। इन मार्गों पर नियमित और पर्याप्त बस सेवा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य जिलों के यात्रियों को अधिक लाभ मिलेगा।
दूसरा चार्जिंग स्टेशन खुलने से होगी सहूलियत
नई बसों के संचालन के साथ चार्जिंग व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। वर्तमान में डिपो में केवल एक चार्जिंग स्टेशन होने के कारण बसों को दो शिफ्टों में चार्ज करना पड़ता है। पांच अतिरिक्त बसों के आने के बाद चार्जिंग व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए दूसरा चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद सभी बसों की चार्जिंग अधिक व्यवस्थित और कम समय में हो सकेगी, जिससे संचालन भी प्रभावित नहीं होगा। स्थायी चार्जिंग स्टेशन नए बस स्टैंड में 13 करोड़ की लागत से बनेगा।
प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
औद्योगिक क्षेत्र के रूप में लगातार विकसित हो रहे जिले में प्रदूषण के स्तर को सामान्य बनाए रखने की चुनौती बढ़ रही है। वहीं इलेक्ट्रिक बसें डीजल बसों की तुलना में शून्य उत्सर्जन करती हैं और वातावरण में हानिकारक गैसों का उत्सर्जन नहीं करतीं। इससे शहर में वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। डीजल की खपत में कमी आने से परिवहन विभाग के परिचालन खर्च में भी राहत मिलने की संभावना है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन बसों में यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति पर तेजी से काम कर रही है। इसी दिशा में रेवाड़ी डिपो में भी चरणबद्ध तरीके से सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि भविष्य में यात्रियों की आवश्यकता और सरकार की योजना के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या में और वृद्धि की जाएगी।
वर्जन
पांच नई इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में शामिल होने से परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी। दूसरा चार्जिंग स्टेशन बनने के बाद बसों के संचालन में परेशानी नहीं रहेगी। स्थानीय रूटों का सर्वे पूरा हो चुका है और बसें मिलते ही चयनित मार्गों पर नई बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत भविष्य में भी डिपो के बेड़े में और इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की योजना है।- निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक, राज्य परिवहन रेवाड़ी डिपो।