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Rewari News: समर कैंप में बच्चों ने जाना भारत का इतिहास और भूगोल
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:36 PM IST
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भारतीय भाषा समर कैंप में भाग लेते विद्यार्थी। स्रोत : स्कूल
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रेवाड़ी। ततारपुर-इस्तमुरार स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में समर कैंप के छठे दिन बच्चों को भारत के इतिहास और भूगोल के बारे में जानकारी दी गई।
कैंप की शुरुआत प्रार्थना सभा और विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के साथ हुई। इसके बाद कैंप प्रभारी भूपेंद्र सिंह, अंग्रेजी प्रवक्ता अलका और पूजा ने बच्चों को भारत का नक्शा दिखाकर विभिन्न राज्यों, उनकी राजधानियों और पड़ोसी देशों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने देश की भौगोलिक संरचना को समझा।
बच्चों को गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र नदी का महत्व बताया गया। हिमालय और अरावली पर्वत शृंखलाों की विशेषता बताई गई। विद्यार्थियों को कुतुब मीनार, ताजमहल और लाल किला की जानकारी दी गई।
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कैंप के दौरान आयोजित इतिहास-भूगोल प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। वहीं स्मारक चित्रण गतिविधि में बच्चों ने विभिन्न ऐतिहासिक स्मारकों के आकर्षक चित्र बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद मेहता ने कहा कि इतिहास और भूगोल का ज्ञान बच्चों में राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक जागरूकता और भारत की विविधता के प्रति सम्मान की भावना विकसित करता है।
उन्होंने बताया कि भारतीय भाषा समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को भाषा शिक्षा के साथ-साथ देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि कैंप के सातवें और अंतिम दिन पारंपरिक खेलों के आयोजन के साथ समापन समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों की सहभागिता और उपलब्धियों का सम्मान किया जाएगा।
कैंप की शुरुआत प्रार्थना सभा और विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के साथ हुई। इसके बाद कैंप प्रभारी भूपेंद्र सिंह, अंग्रेजी प्रवक्ता अलका और पूजा ने बच्चों को भारत का नक्शा दिखाकर विभिन्न राज्यों, उनकी राजधानियों और पड़ोसी देशों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने देश की भौगोलिक संरचना को समझा।
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बच्चों को गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र नदी का महत्व बताया गया। हिमालय और अरावली पर्वत शृंखलाों की विशेषता बताई गई। विद्यार्थियों को कुतुब मीनार, ताजमहल और लाल किला की जानकारी दी गई।
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विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद मेहता ने कहा कि इतिहास और भूगोल का ज्ञान बच्चों में राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक जागरूकता और भारत की विविधता के प्रति सम्मान की भावना विकसित करता है।
उन्होंने बताया कि भारतीय भाषा समर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को भाषा शिक्षा के साथ-साथ देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि कैंप के सातवें और अंतिम दिन पारंपरिक खेलों के आयोजन के साथ समापन समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थियों की सहभागिता और उपलब्धियों का सम्मान किया जाएगा।