{"_id":"6a2458ebb830b289150be958","slug":"children-suffering-from-fever-cough-and-infection-rewari-news-c-198-1-rew1003-239763-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: बुखार, खांसी और संक्रमण से पीड़ित हो रहे बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: बुखार, खांसी और संक्रमण से पीड़ित हो रहे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:59 PM IST
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में बाल रोग ओपीडी में मरीजों की जांच करती डॉ. मोनिका। स्रोत: विभाग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रेवाड़ी। गर्मी के मौसम में भी बच्चों में निमोनिया के मामले बढ़े हैं। मौसम में बदलाव, तेज गर्मी, धूल के कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और सीने में संक्रमण से ग्रसित बच्चे आ रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका ने बताया कि सर्दी में निमोनिया की शिकायत होती है लेकिन गर्मियों में भी वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण के कारण बच्चों में यह बीमारी तेजी से फैल सकती है। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में इसका खतरा अधिक रहता है।
नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में इन दिनों सांस संबंधी समस्याओं से ग्रस्त बच्चों की संख्या बढ़ी है। कई बच्चों को गंभीर स्थिति में भर्ती भी करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
गर्मी के मौसम में तेज हवाओं के साथ उड़ने वाली धूल और बढ़ता प्रदूषण बच्चों के फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संक्रमण तेजी से फैलता है, जिससे बच्चों में निमोनिया होने का खतरा बढ़ जाता है।
लगातार तेज बुखार, खांसी और बलगम की समस्या, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, सुस्ती और दूध या भोजन कम लेना निमोनिया के लक्षण हैं।
पीड़ित बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए। धूल और प्रदूषण से बचाव, हाथों की नियमित सफाई, पौष्टिक भोजन लेना जरूरी है।
-- -- -- -- -- -
लापरवाही पड़ सकती है भारी
नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका ने बताया कि गर्मी में भी निमोनिया के मामले सामने आ रहे हैं। अभिभावकों को बच्चों में तेज बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल लेकर आएं। समय पर इलाज मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है, जबकि लापरवाही बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका ने बताया कि सर्दी में निमोनिया की शिकायत होती है लेकिन गर्मियों में भी वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण के कारण बच्चों में यह बीमारी तेजी से फैल सकती है। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में इसका खतरा अधिक रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में इन दिनों सांस संबंधी समस्याओं से ग्रस्त बच्चों की संख्या बढ़ी है। कई बच्चों को गंभीर स्थिति में भर्ती भी करना पड़ रहा है।
Trending Videos
गर्मी के मौसम में तेज हवाओं के साथ उड़ने वाली धूल और बढ़ता प्रदूषण बच्चों के फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संक्रमण तेजी से फैलता है, जिससे बच्चों में निमोनिया होने का खतरा बढ़ जाता है।
लगातार तेज बुखार, खांसी और बलगम की समस्या, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, सुस्ती और दूध या भोजन कम लेना निमोनिया के लक्षण हैं।
पीड़ित बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए। धूल और प्रदूषण से बचाव, हाथों की नियमित सफाई, पौष्टिक भोजन लेना जरूरी है।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका ने बताया कि गर्मी में भी निमोनिया के मामले सामने आ रहे हैं। अभिभावकों को बच्चों में तेज बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल लेकर आएं। समय पर इलाज मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है, जबकि लापरवाही बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।