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ऑटो-पे और ऑटो-डेबिट धोखाधड़ी से सतर्क रहें नागरिक : एसपी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 07 Jun 2026 11:49 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। पुलिस ने आमजन को ऑटो-पे, सदस्यता शुल्क और स्वचालित भुगतान से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के मामलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि मोबाइल एप, वेबसाइट और ऑनलाइन सेवाओं पर स्वचालित भुगतान की सुविधा का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में साइबर ठग फर्जी एप और वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को सदस्यता सेवाओं से जोड़कर उनके बैंक खातों या यूपीआई खातों से स्वचालित रूप से पैसे कटवा रहे हैं। कई बार लोग अनजाने में मोबाइल पर प्राप्त एक बार उपयोग होने वाला सुरक्षा कोड दर्ज कर देते हैं या स्वचालित भुगतान की अनुमति दे देते हैं। इसके बाद उनके खाते से नियमित अंतराल पर राशि कटती रहती है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी एप या वेबसाइट को स्वचालित भुगतान की अनुमति देने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। केवल आधिकारिक और भरोसेमंद मंचों का ही उपयोग करें तथा किसी भी अनजान लिंक, आकर्षक ऑफर या फोन कॉल के झांसे में न आएं।
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उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि वे समय-समय पर अपने बैंक खाते, यूपीआई एप और नेट बैंकिंग में सक्रिय स्वचालित भुगतान अनुमतियों की जांच करें और किसी भी संदिग्ध अनुमति को तुरंत बंद कर दें। यदि खाते से बिना जानकारी के राशि कट रही हो तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें।
साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में नागरिक राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
रेवाड़ी। पुलिस ने आमजन को ऑटो-पे, सदस्यता शुल्क और स्वचालित भुगतान से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के मामलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा ने कहा कि मोबाइल एप, वेबसाइट और ऑनलाइन सेवाओं पर स्वचालित भुगतान की सुविधा का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में साइबर ठग फर्जी एप और वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को सदस्यता सेवाओं से जोड़कर उनके बैंक खातों या यूपीआई खातों से स्वचालित रूप से पैसे कटवा रहे हैं। कई बार लोग अनजाने में मोबाइल पर प्राप्त एक बार उपयोग होने वाला सुरक्षा कोड दर्ज कर देते हैं या स्वचालित भुगतान की अनुमति दे देते हैं। इसके बाद उनके खाते से नियमित अंतराल पर राशि कटती रहती है।
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पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी एप या वेबसाइट को स्वचालित भुगतान की अनुमति देने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। केवल आधिकारिक और भरोसेमंद मंचों का ही उपयोग करें तथा किसी भी अनजान लिंक, आकर्षक ऑफर या फोन कॉल के झांसे में न आएं।
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साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में नागरिक राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।