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Rewari News: मंडी में दिनभर चला फसल उठान का काम, फिर जगह-जगह अनाज के ढेर
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फसल का उठान कर गाड़ी में लोड करते श्रमिक। संवाद
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रेवाड़ी। अनाज मंडी में फसल की अधिकता के कारण जगह-जगह अनाज के ढेर लगे हैं। रविवार को फसल उठान का कार्य चलता रहा। अब तक करीब 3.70 लाख क्विंटल गेहूं की आवक मंडी में हो चुकी है। इसमें से लगभग 3.40 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। रविवार को ही 10 हजार क्विंटल गेहूं का उठान किया गया। कुल 57 प्रतिशत का उठान हो चुका है।
गेहूं की खरीद के साथ-साथ किसानों को भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अब तक करीब 44 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में किया जा चुका है। हालांकि, मंडी में अभी भी बड़ी मात्रा में गेहूं पड़ा हुआ है जिससे उठान कार्य को और तेज करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
वहीं सरसों की आवक भी कम नहीं है। मंडी में अब तक करीब 3 लाख क्विंटल सरसों पहुंच चुकी है। सरसों के उठान की स्थिति भी संतोषजनक है जहां अब तक लगभग 53 प्रतिशत फसल का उठान किया जा चुका है। रविवार को करीब 12 हजार क्विंटल सरसों का उठान हुआ जिससे मंडी में कुछ हद तक राहत मिली है।
मंडी में बढ़ती आवक के चलते किसानों को कई बार अपनी फसल बेचने और उठान में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं और उठान प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। रेवाड़ी मंडी में गेहूं की आवक आधी घटी: कोसली के विपरीत, रेवाड़ी और बावल मंडियों में स्थिति चिंताजनक रही। पिछले वर्ष जहां रेवाड़ी मंडी में गेहूं की आवक 1 लाख क्विंटल से ऊपर थी। वहीं इस बार यह आंकड़ा 53 हजार क्विंटल पर ही सिमट गया जोकि पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम है।
अब आवक भी धीमी हो गई है। बावल मंडी में भी मात्र 12 हजार क्विंटल गेहूं ही पहुंच पाया है। सरसों की आवक धीमी हुई है। इधर, उठान को लेकर भी अब तेजी की जा रही है। शुरूआत में उठान कम हुआ था, अब उठान प्रतिदिन हो रहा है।
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गेहूं की खरीद के साथ-साथ किसानों को भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अब तक करीब 44 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में किया जा चुका है। हालांकि, मंडी में अभी भी बड़ी मात्रा में गेहूं पड़ा हुआ है जिससे उठान कार्य को और तेज करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
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वहीं सरसों की आवक भी कम नहीं है। मंडी में अब तक करीब 3 लाख क्विंटल सरसों पहुंच चुकी है। सरसों के उठान की स्थिति भी संतोषजनक है जहां अब तक लगभग 53 प्रतिशत फसल का उठान किया जा चुका है। रविवार को करीब 12 हजार क्विंटल सरसों का उठान हुआ जिससे मंडी में कुछ हद तक राहत मिली है।
मंडी में बढ़ती आवक के चलते किसानों को कई बार अपनी फसल बेचने और उठान में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं और उठान प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। रेवाड़ी मंडी में गेहूं की आवक आधी घटी: कोसली के विपरीत, रेवाड़ी और बावल मंडियों में स्थिति चिंताजनक रही। पिछले वर्ष जहां रेवाड़ी मंडी में गेहूं की आवक 1 लाख क्विंटल से ऊपर थी। वहीं इस बार यह आंकड़ा 53 हजार क्विंटल पर ही सिमट गया जोकि पिछले साल की तुलना में आधे से भी कम है।
अब आवक भी धीमी हो गई है। बावल मंडी में भी मात्र 12 हजार क्विंटल गेहूं ही पहुंच पाया है। सरसों की आवक धीमी हुई है। इधर, उठान को लेकर भी अब तेजी की जा रही है। शुरूआत में उठान कम हुआ था, अब उठान प्रतिदिन हो रहा है।

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