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Rewari News: सैनिकों के गांव कोसली की बेटियां खेलों में चमका रहीं नाम
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 27 May 2026 11:47 PM IST
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हैप्पी खिलाड़ी
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कोसली। कोसली गांव लंबे समय से सैनिक बाहुल्य गांव के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है जबकि इसी गांव की बेटियां खेलों के मैदान में भी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। वर्ष 2018 के एशियन गेम्स में बॉक्सिंग में सिल्वर मेडल जीतने वाली पवित्रा यादव से प्रेरणा लेकर गांव की कई बेटियां खेलों में भविष्य संवारने में जुटी हैं।
खास बात यह रही कि पवित्रा यादव ने सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान की खिलाड़ी को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। भले ही वह गोल्ड मेडल से चूक गईं लेकिन प्रदर्शन ने गांव की बेटियों में नया आत्मविश्वास भर दिया। पवित्रा यादव की उपलब्धियों से प्रेरित होकर गांव की कई बेटियां अब बॉक्सिंग सहित अन्य खेलों में कड़ी मेहनत कर रही हैं।
गांव की रेखा यादव ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सिल्वर मेडल जीतकर गांव का नाम रोशन किया है। खेलों के साथ-साथ वह अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रही हैं। वहीं बॉक्सिंग खिलाड़ी शर्मिला ने हरियाणा स्टेट प्रतियोगिता में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। गांव के खिलाड़ी हैप्पी सिंह सीनियर स्टेट प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुके हैं।
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गांव के पंचायत पंच ओमप्रकाश ने बताया कि जिस प्रकार गांव के युवाओं ने सेना में देश का नाम रोशन किया है उसी तरह अब बेटियां भी खेलों के माध्यम से प्रदेश और देश में पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि गांव के बच्चों का लक्ष्य खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर देश का गौरव बढ़ाना है।
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बॉक्सिंग में आगे बढ़ने के लिए कोच ममता यादव ने प्रेरित किया। साथ ही एशियन गेम्स पदक विजेता पवित्रा यादव से भी उन्हें काफी मोटिवेशन मिला। इसके बाद उन्होंने बॉक्सिंग रिंग में उतरकर कड़ी मेहनत शुरू की। उनका लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर देश का नाम रोशन करना है। इसके लिए वह लगातार अभ्यास कर रही हैं और बेहतर प्रदर्शन की तैयारी में जुटी हैं।-शर्मिला, बॉक्सिंग खिलाड़ी
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खेलों के साथ-साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रही हूं। लक्ष्य है कि अपने गांव का नाम रोशन करूं। इसके लिए दिन रात मेहनत कर रही हूं।-रेखा, बॉक्सिंग खिलाड़ी
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कोसली गांव प्रतिभाओं से भरा है। गांव की बेटियां आज देश-प्रदेश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसका श्रेय बॉक्सिंग कोच ममता को दिया जाना चाहिए, जो बच्चों को लगातार प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं। गांव में बने स्टेडियम का भी खिलाड़ियों को बड़ा लाभ मिल रहा है। यहां बच्चे नियमित अभ्यास कर रहे हैं और बेहतर सुविधाओं का फायदा उठाकर खेलों में आगे बढ़ रहे हैं। गांव के लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में कोसली की बेटियां देश के लिए और भी बड़े पदक जीतकर गांव का नाम रोशन करेंगी।-कैलाश बाई, पूर्व ब्लॉक चेयरमैन
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खास बात यह रही कि पवित्रा यादव ने सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान की खिलाड़ी को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। भले ही वह गोल्ड मेडल से चूक गईं लेकिन प्रदर्शन ने गांव की बेटियों में नया आत्मविश्वास भर दिया। पवित्रा यादव की उपलब्धियों से प्रेरित होकर गांव की कई बेटियां अब बॉक्सिंग सहित अन्य खेलों में कड़ी मेहनत कर रही हैं।
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गांव की रेखा यादव ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सिल्वर मेडल जीतकर गांव का नाम रोशन किया है। खेलों के साथ-साथ वह अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रही हैं। वहीं बॉक्सिंग खिलाड़ी शर्मिला ने हरियाणा स्टेट प्रतियोगिता में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। गांव के खिलाड़ी हैप्पी सिंह सीनियर स्टेट प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुके हैं।
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बॉक्सिंग में आगे बढ़ने के लिए कोच ममता यादव ने प्रेरित किया। साथ ही एशियन गेम्स पदक विजेता पवित्रा यादव से भी उन्हें काफी मोटिवेशन मिला। इसके बाद उन्होंने बॉक्सिंग रिंग में उतरकर कड़ी मेहनत शुरू की। उनका लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर देश का नाम रोशन करना है। इसके लिए वह लगातार अभ्यास कर रही हैं और बेहतर प्रदर्शन की तैयारी में जुटी हैं।-शर्मिला, बॉक्सिंग खिलाड़ी
खेलों के साथ-साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रही हूं। लक्ष्य है कि अपने गांव का नाम रोशन करूं। इसके लिए दिन रात मेहनत कर रही हूं।-रेखा, बॉक्सिंग खिलाड़ी
कोसली गांव प्रतिभाओं से भरा है। गांव की बेटियां आज देश-प्रदेश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसका श्रेय बॉक्सिंग कोच ममता को दिया जाना चाहिए, जो बच्चों को लगातार प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं। गांव में बने स्टेडियम का भी खिलाड़ियों को बड़ा लाभ मिल रहा है। यहां बच्चे नियमित अभ्यास कर रहे हैं और बेहतर सुविधाओं का फायदा उठाकर खेलों में आगे बढ़ रहे हैं। गांव के लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में कोसली की बेटियां देश के लिए और भी बड़े पदक जीतकर गांव का नाम रोशन करेंगी।-कैलाश बाई, पूर्व ब्लॉक चेयरमैन

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