{"_id":"6a1734aed3102e87d9025185","slug":"stubble-management-will-get-50-percent-grant-on-agricultural-equipment-applications-till-15-rewari-news-c-198-1-rew1001-239190-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: पराली प्रबंधन कृषि यंत्रों पर मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान, आवेदन 15 तक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: पराली प्रबंधन कृषि यंत्रों पर मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान, आवेदन 15 तक
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 27 May 2026 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रेवाड़ी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल पर 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना के तहत सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, जीरो टिल ड्रिल, पैडी स्ट्रा चोपर, बेलर मशीन, रोटरी स्लेशर, रीपर बाइंडर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा। इन मशीनों के उपयोग से किसान फसल अवशेषों को खेत में ही प्रबंधित कर सकेंगे और पराली जलाने की आवश्यकता कम होगी।
उप कृषि निदेशक जितेंद्र अहलावत ने बताया कि किसानों का चयन जिला कार्यकारिणी समिति द्वारा ऑनलाइन ड्रॉ से किया जाएगा। सहायक कृषि अभियंता दिनेश शर्मा ने बताया कि आवेदन करने वाले किसान का खरीफ और रबी सीजन 2025-26 में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है।
विज्ञापन
साथ ही ट्रैक्टर की वैध आरसी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, परिवार पहचान पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के रिकॉर्ड में पिछले दो सीजन के दौरान पराली जलाने की रेड एंट्री दर्ज है, वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। चयनित किसानों को कृषि यंत्र अधिकृत निर्माता से खरीदकर 5 अगस्त तक बिल और अन्य दस्तावेज विभागीय पोर्टल पर अपलोड करवाने होंगे। कृषि यंत्र की भुगतान प्रक्रिया केवल ऑनलाइन मोड, बैंक या चेक के माध्यम से मान्य होगी, नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा।
योजना के तहत सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम, जीरो टिल ड्रिल, पैडी स्ट्रा चोपर, बेलर मशीन, रोटरी स्लेशर, रीपर बाइंडर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा। इन मशीनों के उपयोग से किसान फसल अवशेषों को खेत में ही प्रबंधित कर सकेंगे और पराली जलाने की आवश्यकता कम होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
उप कृषि निदेशक जितेंद्र अहलावत ने बताया कि किसानों का चयन जिला कार्यकारिणी समिति द्वारा ऑनलाइन ड्रॉ से किया जाएगा। सहायक कृषि अभियंता दिनेश शर्मा ने बताया कि आवेदन करने वाले किसान का खरीफ और रबी सीजन 2025-26 में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है।
Trending Videos
साथ ही ट्रैक्टर की वैध आरसी, आधार कार्ड, पैन कार्ड, परिवार पहचान पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। उन्होंने बताया कि जिन किसानों के रिकॉर्ड में पिछले दो सीजन के दौरान पराली जलाने की रेड एंट्री दर्ज है, वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। चयनित किसानों को कृषि यंत्र अधिकृत निर्माता से खरीदकर 5 अगस्त तक बिल और अन्य दस्तावेज विभागीय पोर्टल पर अपलोड करवाने होंगे। कृषि यंत्र की भुगतान प्रक्रिया केवल ऑनलाइन मोड, बैंक या चेक के माध्यम से मान्य होगी, नकद भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा।