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Rewari News: सांसद से तबादला प्रक्रिया शुरू करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 08 Jun 2026 11:44 PM IST
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शीघ्र तबादलों की मांग को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता को ज्ञापन सौंपते शिक्षक। स
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रेवाड़ी। नारनौल स्थित भारतीय जनता पार्टी के महेंद्रगढ़ कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान शिक्षक प्रतिनिधियों ने महेंद्रगढ़-भिवानी सांसद धर्मबीर सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर शिक्षा विभाग में लंबित तबादला प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने की मांग उठाई।
शिक्षकों ने ज्ञापन में कहा कि शिक्षा विभाग में पिछले कई वर्षों से नियमित तबादले नहीं होने के कारण हजारों शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार आवेदन देने के बावजूद सामान्य तबादले नहीं हो पा रहे हैं, जबकि डेपुटेशन व्यवस्था के चलते शिक्षण कार्य और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं।
शिक्षकों का कहना है कि तबादलों में देरी से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि तबादले बंद रहने से कई शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों और विद्यार्थियों का संतुलन बिगड़ गया है, जिससे छात्र हित भी प्रभावित हो रहे हैं। विशेष रूप से उच्चतर शिक्षा विभाग के अनेक शिक्षक ग्रामीण सेवा जैसी अनिवार्य शर्तें पूरी नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते वे पदोन्नति से वंचित रह जाते हैं।
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शिक्षकों ने सरकार का ध्यान इस ओर भी दिलाया कि ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया कई वर्षों से कानूनी अड़चनों में फंसी हुई है। वर्ष 2023 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने के बाद मामला लंबे समय तक लंबित रहा। इसके बाद अक्तूबर 2025 में सरकार ने नई मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू की, लेकिन वह भी कानूनी विवादों में घिर गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में शिक्षाविद मनीष कुमार (सहायक प्रोफेसर भूगोल), मनोज कुमार (प्रवक्ता रसायन शास्त्र), डॉ. परमाल सिंह (प्रवक्ता हिन्दी), नरेन्द्र कुमार (प्रवक्ता हिन्दी) सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।
शिक्षकों ने ज्ञापन में कहा कि शिक्षा विभाग में पिछले कई वर्षों से नियमित तबादले नहीं होने के कारण हजारों शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार आवेदन देने के बावजूद सामान्य तबादले नहीं हो पा रहे हैं, जबकि डेपुटेशन व्यवस्था के चलते शिक्षण कार्य और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं।
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शिक्षकों का कहना है कि तबादलों में देरी से उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि तबादले बंद रहने से कई शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों और विद्यार्थियों का संतुलन बिगड़ गया है, जिससे छात्र हित भी प्रभावित हो रहे हैं। विशेष रूप से उच्चतर शिक्षा विभाग के अनेक शिक्षक ग्रामीण सेवा जैसी अनिवार्य शर्तें पूरी नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते वे पदोन्नति से वंचित रह जाते हैं।
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ज्ञापन सौंपने वालों में शिक्षाविद मनीष कुमार (सहायक प्रोफेसर भूगोल), मनोज कुमार (प्रवक्ता रसायन शास्त्र), डॉ. परमाल सिंह (प्रवक्ता हिन्दी), नरेन्द्र कुमार (प्रवक्ता हिन्दी) सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।