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Rewari News: फैक्टरियों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी, गलती स्वीकारते ही कोर्ट ने लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:45 PM IST
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जिला न्यायालय रेवाड़ी। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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रेवाड़ी। औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग (एडीआईएसएच) के निरीक्षण में जिले की कई कंपनियों में फैक्ट्री अधिनियम 1948 के तहत निर्धारित सुरक्षा, स्वास्थ्य और श्रमिक कल्याण संबंधी नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में अदालत ने संबंधित कंपनियों को दोषी मानते हुए जुर्माना लगाया है।
अदालत में सुनवाई के दौरान संबंधित कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों ने आरोप स्वीकार कर लिए। इसके बाद मुकदमे की विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) जोगिंद्री की अदालत ने अलग-अलग मामलों में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित यूनीप्रोडक्ट्स लिमिटेड, धारूहेड़ा की एयरिफ इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड और बावल की कल्चर फॉरएवर प्राइवेट लिमिटेड पर जुर्माना लगाया है।
इन फैक्टरियों में निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी पाई गई थी। अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए संबंधित कंपनियों को दोषी ठहराया। संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कमियों को दूर करने और भविष्य में नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जोगिंद्री की अदालत ने फैक्ट्री अधिनियम 1948 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में दिल्ली जयपुर हाईवे स्थित यूनी प्रोडक्ट्स लिमिटेड पर 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई सहायक निदेशक औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (एडीआईएसएच) रेवाड़ी की शिकायत पर हुई।
मामले के अनुसार 2 अप्रैल 2025 को कंपनी का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान फैक्टरी अधिनियम की धारा 21, 87, 7ए, 38, 32, 109, 29, 45, 41बी, 41जी और 46 समेत कुल 12 सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन पाए गए। इसके बाद अदालत में शिकायत दायर की गई।
सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि अदालत में पेश हुए। उन्होंने कंपनी की ओर से लगाए गए आरोप स्वीकार कर लिए और मुकदमे की सुनवाई की मांग नहीं की।
अदालत ने कंपनी को दोषी करार देते हुए प्रत्येक उल्लंघन के लिए एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इस प्रकार कुल 12 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की राशि अदालत में जमा करा दी गई। संवाद
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एयरिफ इंजीनियर्स पर 4 हजार रुपये लगा जुर्माना
रेवाड़ी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जोगिंद्री की अदालत ने फैक्टरी अधिनियम 1948 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में धारूहेड़ा स्थित एयरिफ इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड पर 4 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सहायक निदेशक औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (एडीआईएसएच) रेवाड़ी ने 27 मई 2024 को कंपनी के परिसर का निरीक्षण किया था। इस दौरान फैक्ट्री अधिनियम की धारा 45, 38 और 7ए समेत विभिन्न सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन पाए गए। इन कमियों को फैक्टरी अधिनियम की धारा 92 के तहत दंडनीय माना गया। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर एडीआईएसएच ने अदालत में शिकायत दायर की। सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि ने अदालत में आरोप स्वीकार कर लिए और मुकदमे की सुनवाई की मांग नहीं की। अदालत ने चार उल्लंघनों के लिए 4 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कंपनी ने अदालत में ही जुर्माने की राशि जमा कर दी। संवाद
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कल्चर फॉरएवर प्राइवेट लिमिटेड पर 11 हजार रुपये जुर्माना
रेवाड़ी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जोगिंद्री की अदालत ने बावल स्थित एमएस कल्चर फॉरएवर प्राइवेट लिमिटेड पर फैक्टरी अधिनियम, सुरक्षा और श्रमिक कल्याण संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सहायक निदेशक औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (एडीआईएसएच) की ओर से दायर शिकायत पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। मामले के अनुसार 11 मार्च 2026 को कंपनी के प्लॉट नंबर-22 सेक्टर-3 बावल स्थित परिसर का निरीक्षण किया गया था। इसमें फैक्टरी अधिनियम की धारा 45, 38, 61, 7ए, 31, 108 और 44 समेत कुल 11 उल्लंघन पाए गए। इनमें कर्मचारियों की सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, कार्य समय संबंधी रिकॉर्ड, स्वास्थ्य एवं कल्याण सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़े नियमों का पालन न करना शामिल था। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर एडीआईएसएच ने अदालत में शिकायत दायर की। सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि पेश हुए। अदालत ने कंपनी को फैक्ट्री अधिनियम की धारा 92 के तहत दोषी ठहराते हुए प्रत्येक उल्लंघन पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कुल 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की राशि अदालत में जमा करा दी गई, जिसके बाद मामले का निपटारा कर दिया गया।
अदालत में सुनवाई के दौरान संबंधित कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों ने आरोप स्वीकार कर लिए। इसके बाद मुकदमे की विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) जोगिंद्री की अदालत ने अलग-अलग मामलों में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित यूनीप्रोडक्ट्स लिमिटेड, धारूहेड़ा की एयरिफ इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड और बावल की कल्चर फॉरएवर प्राइवेट लिमिटेड पर जुर्माना लगाया है।
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इन फैक्टरियों में निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी पाई गई थी। अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए संबंधित कंपनियों को दोषी ठहराया। संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कमियों को दूर करने और भविष्य में नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जोगिंद्री की अदालत ने फैक्ट्री अधिनियम 1948 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में दिल्ली जयपुर हाईवे स्थित यूनी प्रोडक्ट्स लिमिटेड पर 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई सहायक निदेशक औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (एडीआईएसएच) रेवाड़ी की शिकायत पर हुई।
मामले के अनुसार 2 अप्रैल 2025 को कंपनी का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान फैक्टरी अधिनियम की धारा 21, 87, 7ए, 38, 32, 109, 29, 45, 41बी, 41जी और 46 समेत कुल 12 सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन पाए गए। इसके बाद अदालत में शिकायत दायर की गई।
सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि अदालत में पेश हुए। उन्होंने कंपनी की ओर से लगाए गए आरोप स्वीकार कर लिए और मुकदमे की सुनवाई की मांग नहीं की।
अदालत ने कंपनी को दोषी करार देते हुए प्रत्येक उल्लंघन के लिए एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इस प्रकार कुल 12 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की राशि अदालत में जमा करा दी गई। संवाद
एयरिफ इंजीनियर्स पर 4 हजार रुपये लगा जुर्माना
रेवाड़ी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जोगिंद्री की अदालत ने फैक्टरी अधिनियम 1948 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में धारूहेड़ा स्थित एयरिफ इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड पर 4 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सहायक निदेशक औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (एडीआईएसएच) रेवाड़ी ने 27 मई 2024 को कंपनी के परिसर का निरीक्षण किया था। इस दौरान फैक्ट्री अधिनियम की धारा 45, 38 और 7ए समेत विभिन्न सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन पाए गए। इन कमियों को फैक्टरी अधिनियम की धारा 92 के तहत दंडनीय माना गया। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर एडीआईएसएच ने अदालत में शिकायत दायर की। सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि ने अदालत में आरोप स्वीकार कर लिए और मुकदमे की सुनवाई की मांग नहीं की। अदालत ने चार उल्लंघनों के लिए 4 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कंपनी ने अदालत में ही जुर्माने की राशि जमा कर दी। संवाद
कल्चर फॉरएवर प्राइवेट लिमिटेड पर 11 हजार रुपये जुर्माना
रेवाड़ी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जोगिंद्री की अदालत ने बावल स्थित एमएस कल्चर फॉरएवर प्राइवेट लिमिटेड पर फैक्टरी अधिनियम, सुरक्षा और श्रमिक कल्याण संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सहायक निदेशक औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य (एडीआईएसएच) की ओर से दायर शिकायत पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। मामले के अनुसार 11 मार्च 2026 को कंपनी के प्लॉट नंबर-22 सेक्टर-3 बावल स्थित परिसर का निरीक्षण किया गया था। इसमें फैक्टरी अधिनियम की धारा 45, 38, 61, 7ए, 31, 108 और 44 समेत कुल 11 उल्लंघन पाए गए। इनमें कर्मचारियों की सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था, कार्य समय संबंधी रिकॉर्ड, स्वास्थ्य एवं कल्याण सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़े नियमों का पालन न करना शामिल था। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर एडीआईएसएच ने अदालत में शिकायत दायर की। सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि पेश हुए। अदालत ने कंपनी को फैक्ट्री अधिनियम की धारा 92 के तहत दोषी ठहराते हुए प्रत्येक उल्लंघन पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कुल 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की राशि अदालत में जमा करा दी गई, जिसके बाद मामले का निपटारा कर दिया गया।