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Rewari News: बिजली संकट पर उद्यमियों का फूटा गुस्सा, बावल-रेवाड़ी रोड पर लगाया जाम
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 13 Jun 2026 11:36 PM IST
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बावल-रेवाड़ी रोड पर लगाया लघु उद्योग संचालकों ने जाम। संवाद
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बावल। बिजली संकट को लेकर क्षेत्र में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बिजली नहीं मिलने से फैक्टरियों में उत्पादन प्रभावित होने से नाराज उद्यामियों ने शनिवार को बावल-रेवाड़ी रोड पर चौधरी चरण सिंह कृषि फार्म के सामने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में फंसे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जाम स्थल पर राजीव कुमार, पृथ्वी सिंह, विनोद कुमार और आरडी यादव ने बताया कि सेक्टर-9 क्षेत्र में लंबे समय से बिजली आपूर्ति प्रभावित है। बिजली बहाल करवाने के लिए खुद बिजली निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर टूटे हुए पेड़ों और बाधाओं को हटाने का काम किया। इसके बाद भी निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई।
कहा कि पूरे दिन में केवल करीब चार घंटे ही बिजली आपूर्ति की गई जिससे उद्योगों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया। बिजली कटौती के कारण फैक्टरियों में उत्पादन ठप हो गया है। कंपनियों को समय पर ऑर्डर पूरे करने में कठिनाई हो रही है और कर्मचारियों को बिना काम के वेतन देना पड़ रहा है।
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इससे उद्योगों को प्रतिदिन लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए संचालन करना मुश्किल हो जाएगा। जाम की सूचना पर करीब 2 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। करीब 20 मिनट तक यातायात बाधित रहा।
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पुलिस अधिकारियों ने उद्यमियों की समस्याएं सुनीं
जाम की सूचना मिलते ही बावल थाना प्रभारी फूल कुमार और कसौला थाना प्रभारी सतीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने उद्यमियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुछ लोगों के साथ पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। बाद में बिजली निगम के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।पुलिस अधिकारियों ने उद्यमियों को समझाने का प्रयास किया। उनकी मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद उद्यमियों ने जाम समाप्त किया।
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जिम्मेदार अधिकारी फोन नहीं उठा रहे
प्रदर्शनकारियों ने बिजली निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समस्या के समाधान के लिए बार-बार संपर्क करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। जब भी बिजली आपूर्ति बाधित होती है, उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती और न ही समस्या के समाधान की समय सीमा बताई जाती है। उद्यमियों ने कहा कि उद्योग क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए बिजली जैसी मूलभूत सुविधा होना जरूरी है।
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तीन दिन से चल रहा विरोध प्रदर्शन
मंगलवार की शाम आंधी-तूफान से बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। पिछले तीन दिनों के दौरान बावल में जगह जगह विरोध प्रदर्शन हुए। ग्रामीण क्षेत्रों के बाद अब औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों का गुस्सा भी सामने आ गया है। बिजली निगम के अनुसार क्षेत्र में 200 से अधिक बिजली के खंभे और 100 से ज्यादा पेड़ टूट गए थे। इससे बिजली आपूर्ति का पूरा नेटवर्क प्रभावित हो गया और निगम को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। तूफान के बाद कई गांवों और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। बिजली निगम की टीमों ने लगातार मरम्मत कार्य चलाया।
जाम स्थल पर राजीव कुमार, पृथ्वी सिंह, विनोद कुमार और आरडी यादव ने बताया कि सेक्टर-9 क्षेत्र में लंबे समय से बिजली आपूर्ति प्रभावित है। बिजली बहाल करवाने के लिए खुद बिजली निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर टूटे हुए पेड़ों और बाधाओं को हटाने का काम किया। इसके बाद भी निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई।
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कहा कि पूरे दिन में केवल करीब चार घंटे ही बिजली आपूर्ति की गई जिससे उद्योगों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया। बिजली कटौती के कारण फैक्टरियों में उत्पादन ठप हो गया है। कंपनियों को समय पर ऑर्डर पूरे करने में कठिनाई हो रही है और कर्मचारियों को बिना काम के वेतन देना पड़ रहा है।
इससे उद्योगों को प्रतिदिन लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए संचालन करना मुश्किल हो जाएगा। जाम की सूचना पर करीब 2 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। करीब 20 मिनट तक यातायात बाधित रहा।
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पुलिस अधिकारियों ने उद्यमियों की समस्याएं सुनीं
जाम की सूचना मिलते ही बावल थाना प्रभारी फूल कुमार और कसौला थाना प्रभारी सतीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने उद्यमियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुछ लोगों के साथ पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। बाद में बिजली निगम के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।पुलिस अधिकारियों ने उद्यमियों को समझाने का प्रयास किया। उनकी मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद उद्यमियों ने जाम समाप्त किया।
जिम्मेदार अधिकारी फोन नहीं उठा रहे
प्रदर्शनकारियों ने बिजली निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समस्या के समाधान के लिए बार-बार संपर्क करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। जब भी बिजली आपूर्ति बाधित होती है, उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती और न ही समस्या के समाधान की समय सीमा बताई जाती है। उद्यमियों ने कहा कि उद्योग क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए बिजली जैसी मूलभूत सुविधा होना जरूरी है।
तीन दिन से चल रहा विरोध प्रदर्शन
मंगलवार की शाम आंधी-तूफान से बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। पिछले तीन दिनों के दौरान बावल में जगह जगह विरोध प्रदर्शन हुए। ग्रामीण क्षेत्रों के बाद अब औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों का गुस्सा भी सामने आ गया है। बिजली निगम के अनुसार क्षेत्र में 200 से अधिक बिजली के खंभे और 100 से ज्यादा पेड़ टूट गए थे। इससे बिजली आपूर्ति का पूरा नेटवर्क प्रभावित हो गया और निगम को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। तूफान के बाद कई गांवों और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। बिजली निगम की टीमों ने लगातार मरम्मत कार्य चलाया।

बावल-रेवाड़ी रोड पर लगाया लघु उद्योग संचालकों ने जाम। संवाद