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Rewari News: अग्निशमन कर्मचारियों ने मांगों को लेकर उठाई आवाज
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:14 PM IST
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मांग उठाते अग्निशमन कर्मचारी। स्रोत : कर्मचारी
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रेवाड़ी। अग्निशमन विभाग कार्यालय में कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। हड़ताल की अध्यक्षता नरेंद्र सिंह ने की जबकि मंच संचालन सुरेश कुमार ने किया।
ईश्वर सिंह बोडवाल, नरेश कुमार यादव और नोरंग लाल ने कहा कि सरकार कर्मचारी विरोधी नीतियां अपना रही है। सरकारी विभागों का लगातार निजीकरण किया जा रहा है। बताया कि हाल ही में ड्यूटी के दौरान दो अग्निशमन कर्मचारियों की मृत्यु हो गई थी। इस घटना की जानकारी विभाग और सरकार को दी गई लेकिन अभी तक कोई संवेदनशील प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। इसे लेकर कर्मचारियों में रोष है।
यूनियन ने मांग की है कि मृतक कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए। उनके आश्रितों को उचित मुआवजा और नौकरी दी जाए। साथ ही विभाग में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए और जब तक उन्हें पक्का नहीं किया जाता, तब तक समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए।
कर्मचारियों ने यह भी मांग रखी कि उच्च न्यायालय के दिसंबर 2025 के आदेशों को तुरंत लागू करते हुए प्रदेशभर के कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पांचवें दिन की हड़ताल में करीब 48 कर्मचारियों ने भाग लिया और एकजुटता के साथ अपनी मांगों को उठाया। यूनियन ने घोषणा की कि हड़ताल को दो दिन और बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालने की अपील की है।
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ईश्वर सिंह बोडवाल, नरेश कुमार यादव और नोरंग लाल ने कहा कि सरकार कर्मचारी विरोधी नीतियां अपना रही है। सरकारी विभागों का लगातार निजीकरण किया जा रहा है। बताया कि हाल ही में ड्यूटी के दौरान दो अग्निशमन कर्मचारियों की मृत्यु हो गई थी। इस घटना की जानकारी विभाग और सरकार को दी गई लेकिन अभी तक कोई संवेदनशील प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। इसे लेकर कर्मचारियों में रोष है।
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यूनियन ने मांग की है कि मृतक कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए। उनके आश्रितों को उचित मुआवजा और नौकरी दी जाए। साथ ही विभाग में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए और जब तक उन्हें पक्का नहीं किया जाता, तब तक समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए।
कर्मचारियों ने यह भी मांग रखी कि उच्च न्यायालय के दिसंबर 2025 के आदेशों को तुरंत लागू करते हुए प्रदेशभर के कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पांचवें दिन की हड़ताल में करीब 48 कर्मचारियों ने भाग लिया और एकजुटता के साथ अपनी मांगों को उठाया। यूनियन ने घोषणा की कि हड़ताल को दो दिन और बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालने की अपील की है।