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Rewari News: दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर 1.89 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:09 PM IST
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पकड़े गए आरोपी। स्रोत : पुलिस
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धारूहेड़ा। एक दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर 1.89 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी राजस्थान के जिला करौली के गांव पांचौली निवासी रौनक जाटव, करौली के गांव रिठौली निवासी पंकज सैनी, एमपी के जिला भिंड के गांव मुरावली हाल आबाद कौच तिराहा निवासी मानवेंद्र कौरव व एमपी के जिला दतिया के गांव परासरी निवासी मनविंद्र हैं।
एसपी कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार 22 अप्रैल को धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी नेवी से सेवानिवृत्त राजपाल सिंह ने शिकायत में बताया था कि गत 27 व 28 फरवरी को उसके फोन पर अनजान व्यक्ति के फोन आए। फोन करने वाले ने खुद को ट्राई सर्विस से बताते हुए कहा कि उनकी सिम बंद होने वाली है। उसकी आईडी से गलत ढंग से सिम खरीदी गई है।
उनके खिलाफ मुंबई में एफआईआर दर्ज है। बताया गया कि उनके नंबर से न्यूड फोटो और वीडियो भेजे जा रहे हैं। इसके बाद एक अन्य नंबर से आए फोन पर खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताने वाले शख्स ने कहा कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया है।
अगर वह बचना चाहते हैं, तो उसके बताए गए खाता नंबरों पर पैसे ट्रांसफर करने होंगे। शुरू में कुछ रकम ट्रांसफर की, तो मनी लार्डिंग के केस में फंसाने की धमकी देते हुए और पैसे ट्रांसफर करा लिए। फिर पीड़ित और उनकी पत्नी को घर से बाहर नहीं निकलने और किसी से संपर्क नहीं करने को कहा गया।
राजपाल सिंह का कहना है कि बार-बार डराकर 3 मार्च से 20 अप्रैल तक कुल 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा दिए। उनके फोन पर एक एप डाउनलोड कराने के बाद निगरानी रखी गई, जिससे वह और उनकी पत्नी कमरे में बंधक बने रहे।
राजपाल ने बताया कि मोबाइल फोन पर एप डाउनलोड कराने के बाद ऑनलांइन पुलिसकर्मी, हथियार, कोर्ट, जज और फर्जी रसीद दिखाए गए। फर्जी जज ने प्रॉपटी की वेरिफिकेशन करते हुए उसे बेचने और 70 प्रतिशत राशि सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा।
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रौनक जाटव के खाते में ठगी के 5.5 लाख रुपये ट्रांसफर हुए
रौनक जाटव के खाते में ठगी के 5.5 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे, जबकि पंकज सैनी ने खाता मुहैया कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। आरोपी मानविंद्र और मनविंद्र ने साइबर ठगी में प्रयोग किए गए एक अन्य खाते को कमिशन बेस पर साइबर ठगों को मुहैया कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।
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एसपी कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार 22 अप्रैल को धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी नेवी से सेवानिवृत्त राजपाल सिंह ने शिकायत में बताया था कि गत 27 व 28 फरवरी को उसके फोन पर अनजान व्यक्ति के फोन आए। फोन करने वाले ने खुद को ट्राई सर्विस से बताते हुए कहा कि उनकी सिम बंद होने वाली है। उसकी आईडी से गलत ढंग से सिम खरीदी गई है।
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उनके खिलाफ मुंबई में एफआईआर दर्ज है। बताया गया कि उनके नंबर से न्यूड फोटो और वीडियो भेजे जा रहे हैं। इसके बाद एक अन्य नंबर से आए फोन पर खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताने वाले शख्स ने कहा कि उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया गया है।
अगर वह बचना चाहते हैं, तो उसके बताए गए खाता नंबरों पर पैसे ट्रांसफर करने होंगे। शुरू में कुछ रकम ट्रांसफर की, तो मनी लार्डिंग के केस में फंसाने की धमकी देते हुए और पैसे ट्रांसफर करा लिए। फिर पीड़ित और उनकी पत्नी को घर से बाहर नहीं निकलने और किसी से संपर्क नहीं करने को कहा गया।
राजपाल सिंह का कहना है कि बार-बार डराकर 3 मार्च से 20 अप्रैल तक कुल 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा दिए। उनके फोन पर एक एप डाउनलोड कराने के बाद निगरानी रखी गई, जिससे वह और उनकी पत्नी कमरे में बंधक बने रहे।
राजपाल ने बताया कि मोबाइल फोन पर एप डाउनलोड कराने के बाद ऑनलांइन पुलिसकर्मी, हथियार, कोर्ट, जज और फर्जी रसीद दिखाए गए। फर्जी जज ने प्रॉपटी की वेरिफिकेशन करते हुए उसे बेचने और 70 प्रतिशत राशि सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा।
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रौनक जाटव के खाते में ठगी के 5.5 लाख रुपये ट्रांसफर हुए
रौनक जाटव के खाते में ठगी के 5.5 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे, जबकि पंकज सैनी ने खाता मुहैया कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। आरोपी मानविंद्र और मनविंद्र ने साइबर ठगी में प्रयोग किए गए एक अन्य खाते को कमिशन बेस पर साइबर ठगों को मुहैया कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।
