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Rewari News: पांच लाख के चेक बाउंस मामले में रॉयल ड्रीम किचन संचालक दोषी करार
Sat, 11 Jul 2026 11:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:31 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकाश सरोहा की अदालत ने पांच लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में रॉयल ड्रीम किचन इंटीरियर्स के संचालक रमेश कुमार को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी माना है। मामले में सजा की अवधि पर सुनवाई के लिए अगली कार्रवाई निर्धारित की गई है।
शिकायतकर्ता कोंसीवास निवासी मन्नू यादव ने बताया कि आरोपी रमेश कुमार ने 28 मई 2018 को व्यापारिक जरूरतों के लिए उनसे पांच लाख रुपये का मित्रतापूर्ण ऋण लिया था। छह माह की अवधि पूरी होने के बाद राशि वापस मांगने पर आरोपी ने 29 मार्च 2019 का पांच लाख रुपये का चेक जारी किया।
शिकायतकर्ता ने चेक बैंक में लगाया, लेकिन 5 अप्रैल 2019 को वह पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। दोबारा प्रस्तुत करने पर भी 18 अप्रैल 2019 को चेक का भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 22 अप्रैल 2019 को कानूनी नोटिस भेजकर राशि की मांग की, लेकिन आरोपी ने भुगतान नहीं किया।
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सुनवाई के दौरान आरोपी ने दावा किया कि चेक केवल सुरक्षा के तौर पर दिया गया था और उसका गलत इस्तेमाल किया गया। अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि आरोपी ने चेक पर अपने हस्ताक्षर होने की बात मानी है, जिसके बाद कानून के अनुसार भुगतान संबंधी जिम्मेदारी का अनुमान बनता है। आरोपी इस अनुमान को साबित करने में असफल रहा।
अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता ने चेक, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के माध्यम से अपना पक्ष साबित किया है। इसके आधार पर रॉयल ड्रीम किचन के संचालक रमेश कुमार को दोषी ठहराया गया। मामले में सजा की मात्रा पर सुनवाई की जाएगी।
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रेवाड़ी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकाश सरोहा की अदालत ने पांच लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में रॉयल ड्रीम किचन इंटीरियर्स के संचालक रमेश कुमार को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी माना है। मामले में सजा की अवधि पर सुनवाई के लिए अगली कार्रवाई निर्धारित की गई है।
शिकायतकर्ता कोंसीवास निवासी मन्नू यादव ने बताया कि आरोपी रमेश कुमार ने 28 मई 2018 को व्यापारिक जरूरतों के लिए उनसे पांच लाख रुपये का मित्रतापूर्ण ऋण लिया था। छह माह की अवधि पूरी होने के बाद राशि वापस मांगने पर आरोपी ने 29 मार्च 2019 का पांच लाख रुपये का चेक जारी किया।
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शिकायतकर्ता ने चेक बैंक में लगाया, लेकिन 5 अप्रैल 2019 को वह पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। दोबारा प्रस्तुत करने पर भी 18 अप्रैल 2019 को चेक का भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 22 अप्रैल 2019 को कानूनी नोटिस भेजकर राशि की मांग की, लेकिन आरोपी ने भुगतान नहीं किया।
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सुनवाई के दौरान आरोपी ने दावा किया कि चेक केवल सुरक्षा के तौर पर दिया गया था और उसका गलत इस्तेमाल किया गया। अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि आरोपी ने चेक पर अपने हस्ताक्षर होने की बात मानी है, जिसके बाद कानून के अनुसार भुगतान संबंधी जिम्मेदारी का अनुमान बनता है। आरोपी इस अनुमान को साबित करने में असफल रहा।
अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता ने चेक, बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के माध्यम से अपना पक्ष साबित किया है। इसके आधार पर रॉयल ड्रीम किचन के संचालक रमेश कुमार को दोषी ठहराया गया। मामले में सजा की मात्रा पर सुनवाई की जाएगी।