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Rewari News: शहीद स्मारक बनाने की उठी मांग
Sun, 12 Jul 2026 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:06 AM IST
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शहीद ब्रह्मदत्त शर्मा की शहादत की पुण्यतिथि मनाते। स्रोत : ग्रमीण
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कुंड। गांव जैनाबाद में शनिवार को सीआरपीएफ के बलिदानी ब्रह्मदत्त शर्मा की पुण्यतिथि मनाई गई। सीआरपीएफ की 42वीं बटालियन, कादरपुर गुरुग्राम के अधिकारियों और जवानों ने गांव पहुंचकर शहीद स्मारक स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद स्मारक बनाने की मांग की गई।
वक्ताओं ने कहा कि 11 जुलाई 1996 को अरुणाचल प्रदेश में जेल सुरक्षा ड्यूटी के दौरान उग्रवादियों के हमले का बहादुरी से मुकाबला करते हुए ब्रह्मदत्त शर्मा ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। उनका सर्वोच्च बलिदान पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
श्रद्धांजलि सभा में एक बार फिर मांग उठी कि शहीद ब्रह्मदत्त शर्मा की स्मृति में गांव जैनाबाद में शहीद स्मारक बनाया जाए तथा किसी सरकारी विद्यालय, सड़क, सार्वजनिक संस्थान अथवा जैनाबाद-कुंड रोड पर बनने वाले बस क्यू शेल्टर का नाम उनके नाम पर रखा जाए। ग्रामीणों ने कहा कि सीआरपीएफ की ओर से पहले भी संबंधित विभागों को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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यदि शहीदों के नाम पर स्थायी स्मारक और सार्वजनिक संस्थानों का नामकरण होगा, तभी आने वाली पीढ़ियां उनके अद्वितीय बलिदान से प्रेरणा ले सकेंगी। उन्होंने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि शहीद ब्रह्मदत्त शर्मा को स्थायी सम्मान देने के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाए। इस अवसर पर रोहताश यादव, राजबीर प्रधान, कैलाश शर्मा, सुशील, सुरेश, अशोक, देवेंद्र, कृष्ण, राजेश परिवार के सदस्य और आदि बहुत से ग्रामीण मौजूद रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि 11 जुलाई 1996 को अरुणाचल प्रदेश में जेल सुरक्षा ड्यूटी के दौरान उग्रवादियों के हमले का बहादुरी से मुकाबला करते हुए ब्रह्मदत्त शर्मा ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। उनका सर्वोच्च बलिदान पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
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श्रद्धांजलि सभा में एक बार फिर मांग उठी कि शहीद ब्रह्मदत्त शर्मा की स्मृति में गांव जैनाबाद में शहीद स्मारक बनाया जाए तथा किसी सरकारी विद्यालय, सड़क, सार्वजनिक संस्थान अथवा जैनाबाद-कुंड रोड पर बनने वाले बस क्यू शेल्टर का नाम उनके नाम पर रखा जाए। ग्रामीणों ने कहा कि सीआरपीएफ की ओर से पहले भी संबंधित विभागों को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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यदि शहीदों के नाम पर स्थायी स्मारक और सार्वजनिक संस्थानों का नामकरण होगा, तभी आने वाली पीढ़ियां उनके अद्वितीय बलिदान से प्रेरणा ले सकेंगी। उन्होंने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि शहीद ब्रह्मदत्त शर्मा को स्थायी सम्मान देने के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाए। इस अवसर पर रोहताश यादव, राजबीर प्रधान, कैलाश शर्मा, सुशील, सुरेश, अशोक, देवेंद्र, कृष्ण, राजेश परिवार के सदस्य और आदि बहुत से ग्रामीण मौजूद रहे।