{"_id":"6a64fb2018c424487302123c","slug":"paid-tribute-to-the-martyrdom-of-crpf-jawan-omprakash-in-karauli-rewari-news-c-198-1-rew1001-242472-2026-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: करौली में सीआरपीएफ जवान ओमप्रकाश की शहादत को किया नमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: करौली में सीआरपीएफ जवान ओमप्रकाश की शहादत को किया नमन
Sat, 25 Jul 2026 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:36 PM IST
विज्ञापन
करौली में सीआरपीएफ जवान ओमप्रकाश की शहादत पर नमन करते। स्रोत : ग्रामीण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोसली। गांव करौली निवासी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सिपाही जीडी ओमप्रकाश के शहादत दिवस पर गांव में शहीद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीआरपीएफ की उनकी यूनिट के जवानों सहित ग्रामीणों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया।
समारोह में शहीद ओमप्रकाश की यूनिट से पहुंचे इंस्पेक्टर सूरज सिंह, हवलदार गोविंद और पंकज यादव ने उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए पुष्प अर्पित किए। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई 1968 को सिपाही जीडी ओमप्रकाश को एक ड्यूटी पार्टी के साथ तैनात किया गया था।
ड्यूटी के दौरान पहले से घात लगाए बैठे विद्रोहियों ने हमला कर दिया। जवान ओमप्रकाश ने बहादुरी और साहस का परिचय देते हुए जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि गंभीर अवस्था में भी जवान ने अपने कर्तव्य का निर्वहन किया और 22 जुलाई 1968 को देश सेवा करते हुए मातृभूमि के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। उनकी वीरता और समर्पण हमेशा देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।
शहीद सम्मान समारोह में गांव के मुखिया, पंचायत सदस्य, राजकीय विद्यालय के शिक्षक, शहीद परिवार के सदस्य बलराम पूनिया, सुनील, सुरेश पूनिया, विजय, श्यामलाल, रोहतास, सतवीर, विकास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया।
विज्ञापन
समारोह में शहीद ओमप्रकाश की यूनिट से पहुंचे इंस्पेक्टर सूरज सिंह, हवलदार गोविंद और पंकज यादव ने उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए पुष्प अर्पित किए। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई 1968 को सिपाही जीडी ओमप्रकाश को एक ड्यूटी पार्टी के साथ तैनात किया गया था।
विज्ञापन
ड्यूटी के दौरान पहले से घात लगाए बैठे विद्रोहियों ने हमला कर दिया। जवान ओमप्रकाश ने बहादुरी और साहस का परिचय देते हुए जवाबी कार्रवाई की, लेकिन इस दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि गंभीर अवस्था में भी जवान ने अपने कर्तव्य का निर्वहन किया और 22 जुलाई 1968 को देश सेवा करते हुए मातृभूमि के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। उनकी वीरता और समर्पण हमेशा देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।
शहीद सम्मान समारोह में गांव के मुखिया, पंचायत सदस्य, राजकीय विद्यालय के शिक्षक, शहीद परिवार के सदस्य बलराम पूनिया, सुनील, सुरेश पूनिया, विजय, श्यामलाल, रोहतास, सतवीर, विकास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया।