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Rewari News: जब्त हाइवा सशर्त सुपुर्दगी पर छोड़ा गया, मालिक के पक्ष में फैसला
Sat, 25 Jul 2026 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:39 PM IST
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रेवाड़ी। खनन विभाग की ओर से जब्त हाइवा ट्रक को लेकर सेशन कोर्ट ने वाहन मालिक के पक्ष में आदेश जारी करते हुए उसे सशर्त सुपुर्दगी पर छोड़ने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने वाहन को उसके पंजीकृत मालिक मैसर्स कनिष्का ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर सुमेर चंद के सुपुर्द करने का आदेश दिया है।
24 जुलाई को सेशन जज गुरविंदर सिंह वाधवा ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई निर्णयों में जब्त वाहनों को लंबे समय तक खुले में खड़ा रखने के बजाय उचित शर्तों के साथ सुपुर्दगी पर दिए जाने के निर्देश हैं। इससे वाहन की कीमत में कमी और नुकसान से बचाव होता है।
कोर्ट ने वाहन को मैसर्स कनिष्का ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर सुमेर चंद को सुपुर्द करने का आदेश दिया। इसके लिए उन्हें 25 लाख रुपये के सुपुर्दनामा और इतनी ही राशि की जमानत जमा करनी होगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि वाहन को बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर अदालत में पेश करना होगा। बहरोड़ के नसरपुर निवासी सुमेर चंद ने कोर्ट में याचिका दायर कर अपने हाइवा ट्रक को रिलीज करने की मांग की थी। याचिका में बताया गया था कि वाहन 13 मार्च को एनएच-71 पर खराबी के कारण खड़ा था और उसका ट्रांजिट पास (टीपी) समाप्त हो गया था। खनन विभाग के अधिकारियों ने वाहन को जब्त कर लिया था।
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याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दलील दी कि वाहन का उपयोग भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति के लिए किया जाता था और परिवार की आय इसी पर निर्भर है। जब्ती के बाद वाहन को कसौला चौक के पास एक निजी पार्किंग में खड़ा किया गया है, जहां अधिक पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है। साथ ही खुले में खड़े रहने से वाहन के टायर और अन्य हिस्सों के खराब होने की आशंका जताई गई थी। संवाद
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24 जुलाई को सेशन जज गुरविंदर सिंह वाधवा ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई निर्णयों में जब्त वाहनों को लंबे समय तक खुले में खड़ा रखने के बजाय उचित शर्तों के साथ सुपुर्दगी पर दिए जाने के निर्देश हैं। इससे वाहन की कीमत में कमी और नुकसान से बचाव होता है।
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कोर्ट ने वाहन को मैसर्स कनिष्का ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर सुमेर चंद को सुपुर्द करने का आदेश दिया। इसके लिए उन्हें 25 लाख रुपये के सुपुर्दनामा और इतनी ही राशि की जमानत जमा करनी होगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि वाहन को बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर अदालत में पेश करना होगा। बहरोड़ के नसरपुर निवासी सुमेर चंद ने कोर्ट में याचिका दायर कर अपने हाइवा ट्रक को रिलीज करने की मांग की थी। याचिका में बताया गया था कि वाहन 13 मार्च को एनएच-71 पर खराबी के कारण खड़ा था और उसका ट्रांजिट पास (टीपी) समाप्त हो गया था। खनन विभाग के अधिकारियों ने वाहन को जब्त कर लिया था।
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याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दलील दी कि वाहन का उपयोग भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति के लिए किया जाता था और परिवार की आय इसी पर निर्भर है। जब्ती के बाद वाहन को कसौला चौक के पास एक निजी पार्किंग में खड़ा किया गया है, जहां अधिक पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है। साथ ही खुले में खड़े रहने से वाहन के टायर और अन्य हिस्सों के खराब होने की आशंका जताई गई थी। संवाद