{"_id":"697e59b23663e17fca048647","slug":"staying-mentally-healthy-is-important-in-this-competitive-era-dr-preeti-rewari-news-c-198-1-rew1001-232874-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसिक रूप से स्वस्थ रहना स्पर्धा युग में जरूरी : डॉ. प्रीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसिक रूप से स्वस्थ रहना स्पर्धा युग में जरूरी : डॉ. प्रीति
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:06 AM IST
विज्ञापन
महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य, समस्या व निवारण विषय पर व्याख्यान देते डॉक्टर उर्मिला शर्मा।
- फोटो : 1
विज्ञापन
रेवाड़ी। स्थानीय अहीर महाविद्यालय में एनटीएफ यूनिट और आईसीसी के संयुक्त तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य, समस्या और निवारण विषय पर जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। शुभारंभ कॉलेज की प्राचार्या डॉक्टर उर्मिला शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान की तेज-तर्रार और प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में लोग मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और स्टाफ में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानसिक समस्याओं से निवारण के उपायों की जानकारी देना था। शहर के सरकारी अस्पताल की डॉक्टर प्रीति (मनोचिकित्सा विभाग) और निशा ने जानकारी साझा की। डॉक्टर प्रीति ने बताया कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आज के स्पर्धा युग में आवश्यक है। उन्होंने तनाव के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों पर चर्चा की।
इसके अलावा, सकारात्मक सोच, योग, ध्यान और समय प्रबंधन को मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि किसी भी मानसिक समस्या के लिए सहायता लेना कमजोरी नहीं बल्कि समझदारी है। डॉक्टर प्रीति ने कहा कि सकारात्मक वातावरण, भरोसेमंद लोगों से बात करना और अपनी रुचि के अनुसार समय निकालना मानसिक तनाव कम करने में मदद करता है। कार्यक्रम का संचालन एनटीएफ प्रभारी डॉक्टर रजनी ने किया।
Trending Videos
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और स्टाफ में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानसिक समस्याओं से निवारण के उपायों की जानकारी देना था। शहर के सरकारी अस्पताल की डॉक्टर प्रीति (मनोचिकित्सा विभाग) और निशा ने जानकारी साझा की। डॉक्टर प्रीति ने बताया कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आज के स्पर्धा युग में आवश्यक है। उन्होंने तनाव के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों पर चर्चा की।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा, सकारात्मक सोच, योग, ध्यान और समय प्रबंधन को मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि किसी भी मानसिक समस्या के लिए सहायता लेना कमजोरी नहीं बल्कि समझदारी है। डॉक्टर प्रीति ने कहा कि सकारात्मक वातावरण, भरोसेमंद लोगों से बात करना और अपनी रुचि के अनुसार समय निकालना मानसिक तनाव कम करने में मदद करता है। कार्यक्रम का संचालन एनटीएफ प्रभारी डॉक्टर रजनी ने किया।
